केंद्रीय खेल मंत्रालय ने ‘भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम’ को बताया अवैध, संचालन पर तत्काल रोक

भारतीय दिव्यांग क्रिकेट की विश्वसनीयता और खिलाड़ियों के भविष्य से जुड़े एक बड़े मामले में केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। भारत सरकार के खेल मंत्रालय ने तथाकथित “भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम” के संचालन को अवैध मानते हुए तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश जारी किए हैं। यह टीम रविकांत चौहान द्वारा संचालित की जा रही थी, जिसे न तो सरकार की मान्यता प्राप्त थी और न ही राष्ट्रीय स्तर पर संचालन का अधिकार।

Feb 27, 2026 - 17:56
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केंद्रीय खेल मंत्रालय ने ‘भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम’ को बताया अवैध, संचालन पर तत्काल रोक
रविकांत चौहान, जिनके द्वारा चलाई जा रही भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम को केंद्रीय खेल मंत्रालय ने अवैध करार दिया है।

आगरा। भारतीय दिव्यांग क्रिकेट के क्षेत्र में एक निर्णायक मोड़ तब आया, जब केंद्र सरकार के खेल मंत्रालय ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए उस कथित भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम के संचालन पर रोक लगा दी, जिसका संचालन डिफरेंटली एबल्ड क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया के सचिव बताए जा रहे रविकांत चौहान द्वारा किया जा रहा था।

सरकारी स्तर पर प्राप्त शिकायतों और दस्तावेज़ों की जांच के बाद यह तथ्य सामने आया कि यह टीम पूरी तरह अनधिकृत थी। संबंधित संस्था कर्नाटक सोसायटी अधिनियम 1960 के अंतर्गत पंजीकृत है, जिसका वैधानिक कार्यक्षेत्र केवल कर्नाटक राज्य तक सीमित है। इसके बावजूद, भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम के नाम पर राष्ट्रीय स्तर पर गतिविधियां संचालित की जा रही थीं, जो नियमों और अधिकार क्षेत्र का स्पष्ट उल्लंघन है।

इस मामले में पहले ही दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऒफ इंडिया (डीसीसीबीआई) द्वारा कई बार आपत्तियां और चेतावनियां संबंधित अधिकारियों को भेजी जा चुकी थीं। इसके अतिरिक्त, रविकांत चौहान की मूल संस्था फिजिकली चैलेंज क्रिकेट एसोसिएशन ऒफ इंडिया (पीसीसीएआई) उन्हें पद से बर्खास्त कर चुकी है। वहीं, डिफरेंटली एबल्ड क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों ने भी स्पष्ट कर दिया है कि रविकांत चौहान अब संस्था के सदस्य नहीं हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए यह प्रकरण प्रधानमंत्री शिकायत पोर्टल तक पहुंचा, जहां औपचारिक शिकायत दर्ज की गई। इसके बाद भारत सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए संबंधित टीम के संचालन को तत्काल प्रभाव से अवैध घोषित कर दिया।

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया के सचिव हारुन रशीद ने इसे सत्य और न्याय की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम दिव्यांग क्रिकेट के हितों की रक्षा की दिशा में ऐतिहासिक है और बोर्ड भविष्य में भी पारदर्शिता व नियमों के साथ खिलाड़ियों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह लड़ाई अंतिम परिणाम तक जारी रहेगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजस्थान के जीएसटी कमिश्नर कार्यालय ने भी रविकांत चौहान से जुड़े कथित फर्जी बिलों के मामले में जांच शुरू कर दी है। दस्तावेज़ों और वित्तीय लेन-देन की गहन पड़ताल की जा रही है और प्रारंभिक जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं।

इस संबंध में डॊ. भगवान तलवरे ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को की गई पूर्व शिकायतों पर भी शीघ्र कार्रवाई की संभावना है। विभिन्न जांच एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।

इस बीच, भारत सरकार द्वारा जारी आधिकारिक पत्र को जांच प्रक्रिया में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे आरोपित पक्ष के खिलाफ कानूनी स्थिति और अधिक मजबूत हो सकती है।

वहीं दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मुकेश कंचन ने केंद्र सरकार और खेल मंत्रालय के इस निर्णायक कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे भारतीय दिव्यांग क्रिकेट की गरिमा, पारदर्शिता और विश्वसनीयता को नई मजबूती मिलेगी।

SP_Singh AURGURU Editor