अवांछनीय तत्वों ने पालीवाल पार्क में ‘ईको क्लब’ को बनाया पार्टी स्पॉट: सुबह मिला कचरे का ढेर

आगरा के पालीवाल पार्क स्थित ईको क्लब में बीती रात हुई कथित पार्टी ने न केवल पर्यावरणीय नियमों की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि उद्यान विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुबह जब ईको क्लब के संस्थापक और पर्यावरण प्रहरी प्रदीप खंडेलवाल मौके पर पहुंचे तो वहां फैले कचरे ने पूरी व्यवस्था की पोल खोल दी।

Apr 20, 2026 - 13:31
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अवांछनीय तत्वों ने पालीवाल पार्क में ‘ईको क्लब’ को बनाया पार्टी स्पॉट: सुबह मिला कचरे का ढेर
पालीवाल पार्क स्थित ईको क्लब में पड़ा कचरे का ढेर, जो यहां बीती रात हुई पार्टी की गवाही दे रहा है।

आगरा। पालीवाल पार्क के ईको क्लब में बीती रात कम से कम 100 लोगों की पार्टी होने का मामला सामने आया है। सुबह निरीक्षण के दौरान ईको क्लब के संस्थापक प्रदीप खंडेलवाल को कचरे का बड़ा ढेर मिला। यह केवल एक हिस्से का कचरा था, जबकि पूरे परिसर में प्लास्टिक, खाने-पीने के अवशेष और अन्य अपशिष्ट बिखरे पड़े थे। बाद में इस कचरे को समेटकर इको क्लब में लगे तीनों कूड़ेदानों में भरा गया।

प्रदीप खंडेलवाल ने इस घटना पर कड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि जब उद्यान विभाग द्वारा पार्कों में प्लास्टिक और पॉलीथिन के उपयोग पर 500 रुपये का जुर्माना निर्धारित है, तो फिर इतनी बड़ी संख्या में लोग ईको क्लब तक कैसे पहुंचे और वहां खुलेआम पार्टी कैसे कर पाए? उन्होंने आशंका जताई कि कहीं न कहीं उद्यान विभाग के इंस्पेक्टर और कर्मचारियों की मिलीभगत से सुविधा शुल्क लेकर इस तरह की गतिविधियों को अनुमति दी जा रही है। उन्होंने आशंका जताई है कि यह कृत्य ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा है।

टिकट घोटाले से जुड़ा बड़ा सवाल

पालीवाल पार्क पहले ही टिकट वसूली में गड़बड़ी को लेकर चर्चा में रहा है। हाल ही में ठेकेदार द्वारा 10 रुपये की जगह 20 रुपये टिकट वसूलने का मामला सामने आया था। इस प्रकरण में कार्रवाई के नाम पर केवल पार्क इंस्पेक्टर का तबादला कर दिया गया, जिससे पूरे मामले को दबाने का आरोप लगाया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्या यह सब शाहजहां गार्डन में बैठे अधिकारियों की जानकारी और सहमति के बिना संभव है? यदि नहीं, तो फिर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?

पहले भी मिलते रहे हैं शराब पार्टी के सबूत

पालीवाल पार्क में इस तरह की गतिविधियां नई नहीं हैं। इससे पहले भी यहां शराब की बोतलें, बीयर के खाली कैन और नमकीन के रैपर मिलते रहे हैं। यह साफ संकेत देता है कि रात के अंधेरे में पार्क को पार्टी स्थल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

हैरानी की बात यह है कि पार्क में चार से पांच सुरक्षा गार्ड तैनात होने के बावजूद ये अनैतिक गतिविधियां लगातार जारी हैं, जिससे उनकी भूमिका भी संदेह के घेरे में है।

कठोर कार्रवाई की मांग तेज

पालीवाल पार्क परिवार और जागरूक नागरिकों ने टिकट घोटाले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ आर्थिक गबन सहित कठोर कार्रवाई की मांग उठाई है। साथ ही इको क्लब जैसी पर्यावरणीय पहल को बचाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय करने की जरूरत बताई जा रही है।

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SP_Singh AURGURU Editor