बरेली में महिला आरक्षण पर केशव प्रसाद मौर्य बोले- 2027 में यूपी की माताएं-बहनें देंगी अखिलेश यादव को जवाब

-आरके सिंह- बरेली। सियासत में महिला आरक्षण को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने वालों को 2027 के विधानसभा चुनाव में माताएं और बहनें करारा जवाब देंगी और उन्हें क्षेत्र में घुसने नहीं देंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी महिलाओं के व्यापक प्रतिनिधित्व के बजाय परिवारवाद को बढ़ावा देना चाहती है।

Apr 24, 2026 - 18:37
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बरेली में महिला आरक्षण पर केशव प्रसाद मौर्य बोले- 2027 में यूपी की माताएं-बहनें देंगी अखिलेश यादव को जवाब
बरेली में शुक्रवार को प्रेस से बात करते यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य।

परिवारवाद बनाम महिला सशक्तिकरण

सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में केशव मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव की मंशा यह है कि संसद और विधानसभा में उनके परिवार की महिलाएं ही पहुंचे, जबकि देश की अन्य महिलाओं को अवसर न मिले। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध वास्तव में महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास है।

विपक्ष पर तीखा हमला

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके ने संसद में महत्वपूर्ण विधेयकों का विरोध कर देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात किया है। मौर्य ने कहा कि इन दलों की महिला-विरोधी मानसिकता अब पूरी तरह उजागर हो चुकी है।

धर्म आधारित आरक्षण असंवैधानिक

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी द्वारा कोटा के भीतर धर्म आधारित आरक्षण की मांग उठाना असंवैधानिक है, क्योंकि भारतीय संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता। उन्होंने इसे तुष्टिकरण की राजनीति और मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास बताया।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर भरोसा

मौर्य ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि महिलाओं को नीति-निर्माण में भागीदारी देना उनका अधिकार है, कोई उपकार नहीं। उन्होंने कहा कि जो दल इस ऐतिहासिक अवसर में बाधा बने हैं, उन्हें आगामी चुनावों में महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।

परिसीमन और महिला आरक्षण का संबंध

उन्होंने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का क्रियान्वयन परिसीमन से जुड़ा हुआ है और इसमें देरी का मतलब महिलाओं के आरक्षण में देरी है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह तकनीकी बहानों के जरिए प्रक्रिया को रोकना चाहता है।

अमित शाह के बयान का हवाला

मौर्य ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी स्पष्ट किया है कि परिसीमन से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा, बल्कि सभी क्षेत्रों का संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा उत्तर-दक्षिण विभाजन का मुद्दा उठाना भ्रामक और राजनीतिक है।

महिलाएं अब मूक दर्शक नहीं

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश की महिलाएं पंचायत से लेकर हर स्तर पर नेतृत्व कर रही हैं और अब वे संसद और विधानसभा में भी अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में महिलाएं अपने वोट की ताकत से महिला-विरोधी दलों को राजनीति के हाशिये पर पहुंचा देंगी।

इस अवसर पर राज्य मंत्री अरुण कुमार सक्सेना, सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, एमएलसी बहोरन लाल मौर्य, महाराज सिंह, विधायक संजीव अग्रवाल, डॉ. डी.सी. वर्मा, डॉ. एम.पी. आर्य, डॉ. राघवेंद्र शर्मा, मेयर उमेश गौतम, मीडिया प्रभारी अंकित माहेश्वरी और बंटी ठाकुर सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor