जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर आसमान में उतरे कन्हैया, 500 ड्रोनों ने रचा कृष्णलीला का अद्भुत संसार

मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा में जन्माष्टमी का उल्लास उस समय चरम पर पहुंच गया, जब पहली बार आसमान में 500 ड्रोनों ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को जीवंत कर दिया। बारिश के कारण करीब ढाई घंटे तक चली लंबी प्रतीक्षा के बाद रात 11:30 बजे किशोरी रमण कॉलेज के ऊपर अचानक आसमान रोशनी से जगमगा उठा। देखते ही देखते ड्रोन से बनी आकृतियां भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न स्वरूपों और उनकी बाल लीलाओं में बदलने लगीं। यशोदा की गोद में कन्हैया, वासुदेव द्वारा यमुना पार ले जाए जाते बाल कृष्ण, शेषनाग, माखन चोरी, गायों से स्नेह और बांसुरी बजाते मुरारी के मनोहारी दृश्यों ने हजारों श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

Sep 5, 2026 - 12:45
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जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर आसमान में उतरे कन्हैया, 500 ड्रोनों ने रचा कृष्णलीला का अद्भुत संसार
जन्माष्टमी पर मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर पहली बार आयोजित हुए ड्रोन शो में उभरी कान्हा की छवि।

ड्रोन शो के बाद बोटलैब डायनेमिक्स के मांशु डबास को सम्मानित करतीं उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की सीईओ लक्ष्मी नागप्पन।

पिछले तीन दिनों से मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का उल्लास चरम पर है। देशभर से आए श्रद्धालुओं के साथ ब्रजवासी भी जन्माष्टमी के विभिन्न आयोजनों में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। इसी उत्सव को और भव्य बनाने के लिए उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की ओर से पहली बार ड्रोन शो आयोजित किया गया। बोटलैब डायनेमिक्स के 500 ड्रोनों ने इस शो में हिस्सा लेकर आसमान को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का मंच बना दिया।

बारिश ने बढ़ाई श्रद्धालुओं की बेचैनी

शाम होते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की निगाहें आसमान पर टिक गई थीं। ड्रोन शो को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्सुकता थी, लेकिन बारिश शुरू होने से इंतजार लंबा हो गया। करीब रात 9:00 बजे से लोग शो शुरू होने की प्रतीक्षा करते रहे। आखिरकार रात करीब 11:30 बजे किशोरी रमण कॉलेज के ऊपर ड्रोन आसमान में दिखाई देने लगे। पहली आकृति सामने आते ही वहां मौजूद श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई।

मोर पंख से शुरू हुई कृष्णलीला

बोटलैब डायनेमिक्स के ड्रोन शो की शुरुआत आकाश में मोर पंख की आकृति से हुई। इसके बाद यशोदा की गोद में बाल कन्हैया का दृश्य साकार हुआ। अगले ही पल वासुदेव बाल कृष्ण को लेकर यमुना पार करते नजर आए और उनके ऊपर शेषनाग की छत्रछाया दिखाई दी। आसमान में एक के बाद एक बदलती इन आकृतियों ने श्रद्धालुओं को रोमांचित कर दिया।

माखन चोरी से लेकर बांसुरी की तान तक

ड्रोन शो में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। कहीं बाल कृष्ण माखन चोरी करते नजर आए तो अगले ही पल माखन खाते कन्हैया और उन्हें तलाशतीं मां यशोदा की आकृति आकाश में उभर आई। इसके बाद गाय को दुलार करते कृष्ण का मनोहारी दृश्य सामने आया। सुदर्शन चक्र धारण किए भगवान श्रीकृष्ण और बांसुरी बजाते मुरारी की आकृतियों ने भी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।

12 से अधिक आकृतियों ने बांधा समां

ड्रोन शो में भगवान श्रीकृष्ण की 12 से अधिक आकृतियां और लीलाएं आकाश में साकार की गईं। हर आकृति के बदलने के साथ नीचे मौजूद श्रद्धालुओं का उत्साह भी बढ़ता गया। लोगों ने आसमान में मोबाइल कैमरे तानकर इन अद्भुत दृश्यों को अपने कैमरों में कैद किया। पहली बार आयोजित इस ड्रोन शो ने मथुरा के जन्माष्टमी उत्सव को एक अलग और आधुनिक रंग दे दिया।

समापन पर परिषद के प्रति जताया आभार

ड्रोन शो के समापन पर आकाश में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के प्रति आभार की प्रस्तुति भी की गई। इस दौरान 500 ड्रोनों के संचालन में शामिल टीम के सदस्यों की सराहना की गई।

ड्रोन टीम को किया सम्मानित

ड्रोन शो के सफल आयोजन के बाद उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने 500 ड्रोनों का संचालन करने वाली टीम को सम्मानित किया। परिषद की सीईओ लक्ष्मी नागप्पन ने भी बोटलैब डायनेमिक्स की ओर से शो में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले मांशु डबास को सम्मानित किया। पहली बार हुए इस आयोजन ने मथुरा के जन्माष्टमी उत्सव को तकनीक और परंपरा के अनूठे संगम के रूप में नई पहचान दी।

SP_Singh AURGURU Editor