श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर आगरा के श्रीजगन्नाथ मंदिर से निकली राधा-कृष्ण की भव्य पालकी यात्रा, श्रीमनःकामेश्वर मंदिर में श्रीनाथजी का 108 कलश अभिषेक, श्री महालक्ष्मी मंदिर में भी जन्माष्टमी की धूम
आगरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर आगरा के मंदिरों में भक्ति और उल्लास का माहौल रहा। श्रीजगन्नाथ मंदिर से राधा-कृष्ण की भव्य पालकी यात्रा निकली, वहीं रावतपाड़ा स्थित श्री मनःकामेश्वर मठ मंदिर में श्रीनाथजी का 108 कलशों से अभिषेक किया गया। मृदंग-मंजीरों के कीर्तन, वैदिक मंत्रोच्चार, हवेली संगीत और कृष्ण के जयकारों से दोनों मंदिर परिसर भक्तिमय रहे। बल्केश्वर स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर में चल रहे 18वें श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का चतुर्थ दिवस मां महालक्ष्मी के दिव्य श्रृंगार और खाटू श्याम बाबा की भजन संध्या के नाम रहा।
श्रीजगन्नाथ मंदिर में निकली पालकी यात्रा
श्रीजगन्नाथ मंदिर में मंगला आरती के साथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव शुरू हुआ। सतरंगी फूलों से सजी पालकी में राधा-कृष्ण को विराजमान कर भक्त कीर्तन करते हुए महाराजा अग्रसेन सेवा सदन तक पहुंचे। मार्ग में श्रीकृष्ण के जयकारे गूंजते रहे और आकर्षक झांकियां सजाई गईं।
रात में पंच औषधी, पंचगव्य और पंचामृत से राधाजी संग श्रीकृष्ण का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक किया गया। इस्कॉन अध्यक्ष अरविन्द प्रभु ने अभिषेक कराया। भक्त गोपी ड्रेस तथा पुरुष धोती-पायजामा-कुर्ता में पहुंचे। गीत गोविन्द और दशावतार श्लोकों पर झांझ, मंजीरों और मृदंग की धुन पर भक्तों ने नृत्य किया। रात 12 बजे श्रीहरि का अलौकिक श्रृंगार और महाआरती हुई। मंदिर को फूल बंगले और सतरंगी रोशनी से सजाया गया। बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र संग श्रीजगन्नाथ जी को भक्तों द्वारा तैयार पीतांबरी पोशाक धारण कराकर श्रृंगार किया गया।
5 सितंबर को शाम 5 बजे महाराजा अग्रसेन सेवा सदन में नन्दोत्सव और श्रील प्रभुपाद जी का व्यास पूजा महोत्सव होगा। कार्यक्रम में संजीव मित्तल, नितेश अग्रवाल, शैलेन्द्र अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, सुनील मनचंदा, राजेश गर्ग, संजीव बंसल, कमता प्रसाद अग्रवाल, आशु मित्तल, शैलेश बंसल, राजेश उपाध्याय, ओमप्रकाश अग्रवाल, संजय कुकरेजा, राजीव मल्होत्रा, अदिति गौरांगी, विपिन अग्रवाल और देव केशव आदि उपस्थित रहे।
सतरंगी पोशाक में सजीं मां महालक्ष्मी, छप्पन भोग और श्याम भजनों से झूमा यमुना तट

श्री महालक्ष्मी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में भाव विभोर श्रद्धालु।
बल्केश्वर स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर में चल रहे 18वें श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का चतुर्थ दिवस मां महालक्ष्मी के दिव्य श्रृंगार और खाटू श्याम बाबा की भजन संध्या के नाम रहा। मां महालक्ष्मी का फूल बंगला वाटिका के रूप में भव्य श्रृंगार कर सतरंगी पोशाक धारण कराई गई और छप्पन भोग अर्पित किया गया। शाम को सजे अलौकिक श्याम दरबार में भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे।
श्री देवी जी ट्रस्ट एवं श्री महालक्ष्मी भक्त मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित महोत्सव में फूलों, फल-सब्जियों और आकर्षक रोशनी से मंदिर परिसर को सजाया गया। स्वर्ण आभूषणों से सुसज्जित मां महालक्ष्मी के मनोहारी स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही। फूल बंगला सेवा की व्यवस्था महामंत्री मनोज जैन और पोशाक सेवा ध्रुव गर्ग ने संभाली।
भजन संध्या का शुभारंभ मां महालक्ष्मी की आरती और श्याम बाबा की ज्योत प्रज्वलित कर किया गया। केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, राज्यसभा सांसद नवीन जैन, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, उप्र लघु उद्योग निगम अध्यक्ष राकेश गर्ग, भाजपा नेता अभिनव उपाध्याय तथा श्री देवी जी ट्रस्ट के राममोहन कपूर, सतीश गोपाल कपूर, अपिल कपूर और तुषार कपूर ने आरती में भाग लिया।
विशाल मंच पर सजे श्याम बाबा के दरबार और प्रकाश सज्जा ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। श्याम बाबा का विशेष श्रृंगार सीताराम बाबा ने किया, जबकि डोला सेवा की जिम्मेदारी मनीष अग्रवाल ने संभाली। टी-सीरीज के गायक बृजराज लक्खा और शर्मा सिस्टर्स के नाम से प्रसिद्ध बेटू एवं आल्या शर्मा के भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में झूमते रहे।
श्री महालक्ष्मी भक्त मंडल के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि शनिवार को विशाल श्याम की रसोई के साथ महोत्सव का समापन होगा। कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष अशोक सिंघल, दिलीप बंसल, संजीव अग्रवाल, प्रीति पवन जैन, अमित अग्रवाल, सुमित, अजय, भोलानाथ अग्रवाल, कौशल बंसल, विनोद राठौर, अखिलेश, आशीष, गौरव, राकेश, नवीन, नीरज आदि उपस्थित रहे।
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श्रीमनःकामेश्वर में श्रीनाथजी का 108 कलश अभिषेक

श्रीमनःकामेश्वर मंदिर में जन्माष्टमी पर श्रीनाथ जी का अभिषेक करते महंत योगेश पुरी महाराज और मठ प्रशासक हरिहर पुरी महाराज।
रावतपाड़ा स्थित श्री मनःकामेश्वर मठ मंदिर परिसर के श्रीनाथजी मंदिर में दूध, दही, घृत, गंगा-यमुना सहित पवित्र नदियों के जल, रामसेतु-रामेश्वरम के जल तथा औषधीय एवं सुगंधित द्रव्यों से 108 कलश अभिषेक किया गया। इत्र और चंदन की सुगंध से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। वर्ष में एक बार होने वाले श्रीनाथजी के लंगोट दर्शन कर श्रद्धालु निहाल हो गए।
श्रीमहंत योगेश पुरी ने कहा कि महादेव से बड़ा कोई वैष्णव नहीं और श्रीकृष्ण से बड़ा कोई महादेव भक्त नहीं है। शिव और विष्णु की आराधना में भेद नहीं, दोनों एक-दूसरे की भक्ति और प्रेम के दिव्य स्वरूप हैं।
जन्माष्टमी महोत्सव में हवेली संगीत गायक डॉ. सदानंद भट्ट ने तानपुरा और पखावज की संगत पर पुष्टिमार्गीय पदों और बधाई गायन की प्रस्तुति दी। “आजु नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” जैसे पदों से मंदिर परिसर ब्रजभक्ति में डूब गया।
मठ-मंदिर प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि शनिवार को श्रीकृष्ण नंदोत्सव एवं सांस्कृतिक संध्या होगी। शाम 7 बजे बच्चे श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, राधा-कृष्ण प्रेम और ब्रज संस्कृति पर सांस्कृतिक व नृत्य प्रस्तुतियां देंगे। नंदोत्सव में श्रद्धालुओं और बच्चों को खिलौने व प्रसाद वितरित किए जाएंगे।