अमेरिकी बमबारी से दहला ईरान,  ट्रंप बोले- अभी सबसे बड़ा हमला बाकी,  ईरान का जोरदार पलटवार,  कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं  

अमेरिका ने मंगलवार को एक बार फिर ईरान पर हवाई हमला किया है। इस हमले में बंदर अब्बास को निशाना बनाया गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि उसने अपने सैनिकों पर ईरान के हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सबसे बड़े हमले की धमकी दी है। इन हमलों के जवाब में ईरान ने मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए हमले किए हैं।

Sep 2, 2026 - 11:05
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अमेरिकी बमबारी से दहला ईरान,  ट्रंप बोले- अभी सबसे बड़ा हमला बाकी,  ईरान का जोरदार पलटवार,  कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं  

 
तेहरान। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने घोषणा की कि उसने मंगलवार को ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए हैं। सेंटकाम के अनुसार, ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों पर ईरान के हमलों और इलाके में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर हाल ही में हुए हमले के जवाब में किए जा रहे हैं। ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि बंदर अब्बास शहर के पूर्वी इलाके में कई धमाकों की आवाज सुनी गई हैं। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अभी सबसे बड़ा हमला बाकी है।

ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, इस समय अमेरिका, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी ठिकानों पर हमले कर रहा है। ये हमले बड़े और जबरदस्त हैं। ये हमले ईरान की उन हरकतों का जवाब हैं जिनमें उन्होंने जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की नाकाम कोशिश की थी (वहां अब कोई सुरंग नहीं है - उन्हें पूरी तरह हटा दिया गया है या नष्ट कर दिया गया है!) और जॉर्डन में हमारे सैन्य अड्डे पर आठ मिसाइलें दागी थीं (जिन्हें सफलतापूर्वक मार गिराया गया)। अगर नाकाम देश ईरान इस पूरी तरह जायज हमले का जवाब देता है, तो उस पर और भी जोरदार हमला किया जाएगा, लेकिन वह उन सबमें सबसे बड़ा हमला नहीं होगा; सबसे बड़ा हमला तो अभी बाकी है, और जब वह होगा, तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का बहुत कम हिस्सा ही बचेगा!"  

अमेरिका ने रविवार को भी ईरान पर हवाई हमले किए थे। इन हमलों में लराक द्वीप पर दो लॉन्चरों को निशाना बनाया गया था। अमेरिका का दावा था कि IRGC की सेनाओं को होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर फायर करने के लिए लॉन्चर तैयार करते हुए देखा गया था। इसके जवाब में, ईरान ने जॉर्डन में तैनात अमेरिकी सैनिकों और सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। अब इस ताजा हमले के बाद इलाके में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अब होर्मुज पर अमेरिका का पूरा कब्जा है। इससे एक दिन पहले ही दावा किया था कि ईरान की सैन्य ताकत पहले की तुलना में काफी कमजोर हो चुकी है। उन्‍होंने कहा क‍ि अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान के पास नेतृत्व करने वाला कोई स्‍पष्‍ट लीडर द‍िखाई नहीं देता है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए, जब ट्रंप से पूछा गया कि बातचीत रुकने और नए हमलों के बाद ईरान में नेतृत्व कौन संभाल रहा है, तो उन्होंने कहा, "उन्हें खुद भी शायद नहीं पता। मेरी राय में, उन्हें नहीं पता कि उनका नेता कौन है। कट्टरपंथी लोग तो हैं, लेकिन सैन्य दृष्टि से उनका काफी सफाया हो चुका है, क्योंकि उनकी सेना अब पहले जैसी नहीं रही।"

अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने देरी न करते हुए पलटवार किया है और मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। जॉर्डन के मफराक और अकाबा प्रांतों में चेतावनी वाले सायरन बजाए गए हैं। जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने ईरान से दागी गई 10 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक दिया, जबकि तीन अन्य मिसाइलें दूर-दराज के इलाकों में गिरीं।

जॉर्डन की सेना ने एक बयान में कहा, जॉर्डन के एयर डिफेंस सिस्टम ने देश के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुईं 13 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका। इनमें से 10 को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया, जबकि 3 मिसाइलों आबादी से दूर सुनसान जगहों पर गिरीं। सेना ने बताया कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

जॉर्डन में अमेरिकी बेस को निशाना बनाकर किए गए हमले के बाद कुवैत और बहरीन ने भी ईरान के ड्रोन हमलों की जानकारी दी है। कुवैत और बहरीन के अधिकारियों ने ईरान की ओर से हो रहे ड्रोन हमलों को रोकने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिवेट करने की जानकारी दी। ईरान उन देशों में हमले कर रहा है, जहां अमेरिकी बेस हैं। बहरीन में अमेरिका की पांचवीं फ्लीट का मुख्यालय स्थित है।