रूसी राजदूत बोले- रूस युद्ध रोकने के लिए तैयार,  भारत हमेशा शांति समर्थक,  यूक्रेन ने भी कहा- भारत करे मध्यस्थता

रूस ने युद्ध रोकने के लिए भारत के शांति पहल का पुरजोर समर्थन किया है और कहा है कि वह यूक्रेन के साथ इसके लिए चर्चा को तैयार है। भारत में रूसी राजदूत ने साफ कहा है कि फैसला यूक्रेन को करना है।

Sep 4, 2026 - 10:44
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रूसी राजदूत बोले- रूस युद्ध रोकने के लिए तैयार,  भारत हमेशा शांति समर्थक,  यूक्रेन ने भी कहा- भारत करे मध्यस्थता

नई दिल्ली। रूस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन समिट (एससीओ समिट) में आपसी विवादों के समाधान के लिए डायलॉग और डिप्लोमेसी के आह्वान की सराहना की है और कहा है कि भारत हमेशा से विश्व शांति का पक्षधर रहा है। भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने एक इंटरव्यू में यूक्रेन के साथ युद्ध रोकने को लेकर कहा है कि वह बातचीत का समर्थक है और फैसला यूक्रेन को करना है।

रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने काला सागर और अन्य वैश्विक विवादों के निपटारे के लिए बातचीत और कूटनीति को लेकर अपने देश की स्थिति साफ की है और कहा है कि भारत की तरह वह भी शांति चाहता है। अलीपोव ने एक इंटरव्यू में कहा, 'शांति के लिए भारत की स्थिति बहुत ही स्पष्ट है। इसपर कोई विरोध नहीं और इस मामले में भारत और हमारी राय एक जैसी है।'

रूसी राजदूत ने कहा कि उनका देश दशकों से शांति और बातचीत को प्राथमिकता देता आया है। उन्होंने इसके लिए करीब एक दशक पहले बेलारूस में हुए मिन्स्क समझौते का भी हवाला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि 'आज हमें पता है कि कीव और यूरोप में इसके समर्थकों का कभी इससे मतलब नहीं रहा। अब वे खुलकर मानते हैं कि वह रूस के साथ युद्ध की तैयारी कर रहे थे और संघर्ष इसलिए हुए, क्योंकि रूस की सुरक्षा खतरे में डाली गई..हमें धमकाया गया और हमारा जोखिम बढ़ गया।'

गुरुवार को ही भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने कीव में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की थी। इसको लेकर जेलेंस्की ने कहा कि वे रूस-यूक्रेन युद्ध में मध्यस्थता के प्रस्ताव से गदगद हैं और उन्होंने इसके लिए भारत का शुक्रिया भी अदा किया है। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने की भारत की इच्छा की सराहना की थी।

हालांकि, रूसी राजदूत की शिकायत है कि 'दुर्भाग्य से ऐसा लगता है कि दूसरी पार्टी कीव और विशेष रूप से यूरोप में उसके समर्थक यूक्रेन का हाथ ऊपर रखने के लिए लड़ाई जारी रखने के लिए तैयार हैं, जो कि मुझे लगता है कि नहीं हो पाएगा...।'

डेनिस अलीपोव ने यह भी कहा है कि 'काला सागर और अन्य जगहों पर हमलों से भारतीय नाविकों को नुकसान हुआ है...मौजूदा प्रस्तावों के आधार पर कीव टीम को बातचीत के टेबल पर लाने के लिए दबाव बनाना महत्वपूर्ण है...इस मामले में भारत ने जो आह्वान किया है, वह मददगार है।'

इसी महीने किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित हुए एससीओ शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने दुनिया में सभी तरह के संघर्ष को रोकने के लिए बातचीत और कूटनीति के माध्यम से समाधान निकालने का आह्वान किया था।

इसके बाद ही रूस और यूक्रेन दोनों ने आपसी संघर्ष को रोकने की नई सिरे से इच्छा जताई है, जिसमें भारत से मध्यस्थ की भूमिका निभाए जाने की भी उम्मीद की जा रही है।

रूस युद्ध के हर क्षेत्र में भारी जरूर पड़ रहा है, लेकिन यूक्रेन को पूरी तरह से हरा नहीं पाया है और उसने भी रूस का काफी नुकसान कर दिया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल में शांति समझौते का संकेत दिया है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कोशिश यह दिख रही है कि इस समझौते में कहीं न कहीं अमेरिका का भी दखल रहे।