टोल पर पकड़ी करोड़ों की चांदी, गुजरात के बिल पर आगरा आ रही थी 250 किलो चांदी

आगरा में गुजरात के नाम पर बने बिलों के साथ करीब 250 किलो चांदी की खेप पकड़े जाने की चर्चा से सर्राफा बाजार में हलचल मच गई है। एसजीएसटी की जांच में बिल में दर्ज चांदी की मात्रा और वाहन में मिले माल के बीच अंतर होने की बात सामने आई है। खेप आगरा के एक नामी कारोबारी तक पहुंचने की चर्चा है, हालांकि विभाग ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कर चोरी की आशंका को लेकर दस्तावेजों और वास्तविक माल की जांच जारी है।

Sep 4, 2026 - 22:02
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टोल पर पकड़ी करोड़ों की चांदी, गुजरात के बिल पर आगरा आ रही थी 250 किलो चांदी

आगरा। गुजरात के नाम पर बनाए गए बिल और आगरा में होने वाली कथित डिलीवरी के बीच करोड़ों रुपये की चांदी की एक बड़ी खेप पकड़े जाने की चर्चा ने शहर के सर्राफा बाजार में हलचल मचा दी है। टोल प्लाजा पर एसजीएसटी विभाग की टीम ने एक वाहन को रोककर जांच की तो उसमें भारी मात्रा में चांदी मिली। प्रारंभिक जांच में बिल में दर्ज चांदी की मात्रा और वाहन में मौजूद वास्तविक माल के बीच अंतर सामने आने की बात कही जा रही है।

बताया जा रहा है कि वाहन में करीब 250 किलो चांदी की खेप आगरा लाई जा रही थी। विभागीय सूत्रों के अनुसार, चांदी के संबंध में प्रस्तुत दस्तावेजों और वास्तविक माल की मात्रा का मिलान किया जा रहा है। आरोप और चर्चाएं इस बात को लेकर हैं कि दस्तावेजों में माल की मात्रा कम दर्शाई गई, जबकि वाहन में इससे कहीं अधिक चांदी मिली।

मामले का सबसे दिलचस्प पहलू यह बताया जा रहा है कि चांदी से संबंधित बिल गुजरात के नाम पर बनाए गए थे, जबकि खेप की अंतिम डिलीवरी आगरा में होनी थी। इसी बिंदु को लेकर विभाग की जांच आगे बढ़ रही है। एसजीएसटी अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि माल किसके नाम से भेजा गया था, इसका वास्तविक स्वामी कौन है और आखिर आगरा में इसे किस कारोबारी तक पहुंचाया जाना था।

सर्राफा बाजार में यह भी चर्चा तेज है कि पकड़ी गई खेप आगरा के एक नामी चांदी कारोबारी से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, विभाग की ओर से अभी तक खेप के वास्तविक मालिक या संबंधित कारोबारी के नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों, ई-वे बिल और अन्य कारोबारी रिकॉर्ड की गहन जांच के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।

बिल में कम मात्रा में माल दिखाए जाने और वाहन में अधिक चांदी मिलने की आशंका ने संभावित कर चोरी के सवाल भी खड़े कर दिए हैं। विभाग यह जांच कर रहा है कि कहीं कर देयता कम दिखाने के उद्देश्य से दस्तावेजों में माल की वास्तविक मात्रा छिपाने या गलत विवरण देने का प्रयास तो नहीं किया गया।

जांच के दौरान चांदी की वास्तविक मात्रा, उसकी कीमत, खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज और परिवहन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि गुजरात के नाम पर बनाए गए बिलों के पीछे वास्तविक कारोबारी लेन-देन क्या था और माल को आगरा तक पहुंचाने की व्यवस्था किसके निर्देश पर की गई थी। इस पूरे मामले को लेकर आगरा के सर्राफा बाजार में चर्चाओं का बाजार गर्म है। हर किसी की नजर विभागीय जांच पर टिकी हुई है। फिलहाल एसजीएसटी विभाग की जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि करोड़ों रुपये की इस चांदी की खेप का असली मालिक कौन है, माल वास्तव में कहां से आया था और इसे आगरा में किसे पहुंचाया जाना था। फिलहाल जांच जारी है और विभागीय पुष्टि के बाद ही मामले से जुड़े सभी तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।