14 साल के बेटे की सूझबूझ ने बचाए छह लाख: डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसे माता-पिता को 10 घंटे बाद कराया आज़ाद

-आरके सिंह- बरेली (उत्तर प्रदेश)। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर हो रही खतरनाक साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला बरेली में सामने आया, जहां एटीएस अधिकारी बनकर ठगों ने एक जनरल स्टोर व्यापारी के परिवार को करीब 10 घंटे तक वीडियो कॉल पर बंधक बनाए रखा। बैंक खातों और जमा पूंजी की पूरी जानकारी हासिल कर ली गई थी, लेकिन कक्षा आठ के 14 वर्षीय छात्र तन्मय सक्सेना की सूझबूझ ने छह लाख रुपये की ठगी को बचा लिया।

Apr 13, 2026 - 21:03
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14 साल के बेटे की सूझबूझ ने बचाए छह लाख: डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसे माता-पिता को 10 घंटे बाद कराया आज़ाद
बालक तन्मय अपने माता-पिता के साथ।

एक कॉल से मचा हड़कंप, दंपति को बनाया बंधक

थाना प्रेमनगर क्षेत्र के आजाद नगर सुर्खा निवासी संजय सक्सेना अपने परिवार के साथ रहते हैं। बुधवार को आए एक फोन कॉल में खुद को एटीएस अधिकारी बताकर ठगों ने परिवार पर आतंकवाद से जुड़े होने का आरोप लगाया।
वीडियो कॉल पर वर्दीधारी व्यक्ति को देखकर व्यापारी का परिवार दहशत में आ गया और ठगों के निर्देश पर व्यापारी और उनकी पत्नी 10 घंटे तक लगातार कॉल पर डिजिटल अरेस्ट में फंसे रहे।

खाना-पीना तक ठगों की निगरानी में

ठगों ने परिवार को इस कदर नियंत्रित कर लिया कि उनका उठना-बैठना, खाना-पीना सब वीडियो कॉल की निगरानी में होने लगा। इसी दौरान बैंक खातों और जमा पूंजी से जुड़ी अहम जानकारियां भी ठगों ने हासिल कर लीं। व्यापारी दंपति घर में बने हुए मंदिर के सामने बैठकर रो-रो कर परिवार की सलामती बनाए रखने की दुआएं करते रहे जबकि साइबर ठग लगातार धमकी देते रहे

बेटे ने दिखाई हिम्मत, 1930 पर कॉल कर बचाई रकम

करीब 10 घंटे बाद इस दंपति के 14 वर्षीय बेटे तन्मय सक्सेना से माता-पिता की यह हालत देखी नहीं गई। तन्मय ने हिम्मत दिखाते हुए कॉल डिस्कनेक्ट किया और तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर फोन कर दिया। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर परिवार को ठगों के चंगुल से मुक्त कराया।

पुलिस ने 10 मिनट में छह लाख रुपये सुरक्षित किए

एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि प्रेमनगर थाने की साइबर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र 10 मिनट में संजय सक्सेना के खाते में मौजूद 6 लाख रुपये सुरक्षित करा दिए।
इस सराहनीय कार्य के लिए टीम को 10 हजार रुपये नकद इनाम देकर सम्मानित किया गया है।

डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई चीज नहीं- पुलिस ने किया आगाह

डिप्टी एसपी आशुतोष शिवम ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट पूरी तरह फर्जी अवधारणा है। ठग खुद को कभी सीबीआई, इनकम टैक्स या सुप्रीम कोर्ट का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं। उन्होंने अपील की कि ऐसी किसी भी कॉल पर तुरंत पुलिस को सूचना दें और कोई भी निजी जानकारी साझा न करें।

तन्मय सक्सेना होगा सम्मानित

तन्मय सक्सेना की सतर्कता और साहस के लिए उसे विशेष कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। पिता संजय सक्सेना ने कहा कि ऐसा बेटा भगवान सबको दे, जिसने हमारी जिंदगी भर की कमाई बचा ली।

SP_Singh AURGURU Editor