सीजफायर वार्ता के बीच अमेरिका का होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी बोट्स पर हमला, ट्रम्प बोले- खत्म होगा यूरेनियम भंडार

अमेरिका और ईरान के बीच जारी सीजफायर वार्ता के दौरान तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास कथित तौर पर बारूदी सुरंग बिछा रही ईरानी बोट्स को निशाना बनाया। साथ ही बंदर अब्बास पोर्ट के नजदीक एक सरफेस-टू-एयर मिसाइल साइट पर भी हमला किया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया है। दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम को खत्म करने की बात कही है। वहीं ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने साफ किया कि देश में कोई भी बड़ा फैसला सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना नहीं लिया जाएगा।

May 26, 2026 - 16:52
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सीजफायर वार्ता के बीच अमेरिका का होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी बोट्स पर हमला, ट्रम्प बोले- खत्म होगा यूरेनियम भंडार

होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ा तनाव, अमेरिकी सेना का सैन्य एक्शन

वाशिंगटन। सीजफायर को लेकर बातचीत जारी रहने के बीच मंगलवार को अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य कदम उठाया। अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास उन बोट्स को निशाना बनाया, जिन पर बारूदी सुरंगें बिछाने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा बंदर अब्बास पोर्ट के नजदीक मौजूद एक सरफेस-टू-एयर मिसाइल साइट पर भी हमला किया गया।

अमेरिकी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों और अमेरिकी युद्धपोतों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स के अनुसार, अमेरिकी सैनिकों और नौसैनिक जहाजों को संभावित खतरे से बचाने के लिए यह ऑपरेशन चलाया गया।

उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक है और यहां किसी भी तरह की बारूदी गतिविधि वैश्विक व्यापार और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। हालांकि हॉकिन्स ने यह भी कहा कि सीजफायर वार्ता के दौरान अमेरिका संयम बरत रहा है और स्थिति को और अधिक बिगड़ने से रोकना चाहता है।

ट्रम्प का सख्त संदेश- “ओबामा जैसी डील नहीं होगी”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान के पास मौजूद एनरिच्ड यूरेनियम को खत्म किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि या तो यह सामग्री अमेरिका को सौंप दी जाएगी ताकि उसे नष्ट किया जा सके, या फिर ईरान के साथ मिलकर उसी जगह इसे समाप्त किया जाएगा। ट्रम्प ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के दौर की परमाणु डील का जिक्र करते हुए कहा कि वे “ओबामा जैसी कमजोर डील” नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि या तो मजबूत और अच्छा समझौता होगा, या फिर कोई समझौता नहीं होगा।

ईरान ने भी दिया स्पष्ट संदेश

वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजशकियान ने कहा कि देश से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना नहीं लिया जाएगा। उनके इस बयान को अमेरिका के साथ जारी वार्ता और संभावित परमाणु समझौते के संदर्भ में बेहद अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान अपने रणनीतिक फैसलों में अंतिम अधिकार सुप्रीम लीडर के पास होने का संकेत देकर अमेरिका को राजनीतिक संदेश देना चाहता है।

दुनिया की नजर होर्मुज स्ट्रेट पर क्यों?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी सैन्य गतिविधि या संघर्ष का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार, तेल की कीमतों और वैश्विक सुरक्षा पर पड़ सकता है।