गलवान पर बनी सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि: मे वार रेस्ट इन पीस’ को लेकर फिल्मी दुनिया में हलचल, दिग्गज निर्देशकों ने देखा रफ कट

मुंबई। बॉलीवुड में सलमान खान की आगामी फिल्म ‘मातृभूमि: मे वार रेस्ट इन पीस’ को लेकर जबरदस्त चर्चा बनी हुई है। फिल्म को लेकर हाल ही में एक निजी स्क्रीनिंग आयोजित की गई, जिसमें इंडस्ट्री के कई बड़े और प्रतिष्ठित फिल्मकारों ने शिरकत की। यह स्क्रीनिंग फिल्म के अंतिम रूप से पहले उसकी कहानी, प्रस्तुति और भावनात्मक प्रभाव पर रचनात्मक सुझाव लेने के उद्देश्य से रखी गई थी।

May 29, 2026 - 12:43
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गलवान पर बनी सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि: मे वार रेस्ट इन पीस’ को लेकर फिल्मी दुनिया में हलचल, दिग्गज निर्देशकों ने देखा रफ कट

सूत्रों के अनुसार, इस खास स्क्रीनिंग में बॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक सुभाष घई, सूरज बड़जात्या, डेविड धवन और कबीर खान शामिल हुए। सभी को फिल्म का रफ कट (प्रारंभिक संस्करण) दिखाया गया, ताकि वे अपने अनुभव और सुझावों के आधार पर फिल्म को और प्रभावी बनाने में योगदान दे सकें। इंडस्ट्री में यह बात खास चर्चा में है कि इतने बड़े फिल्मकारों की एक साथ मौजूदगी अपने आप में इस प्रोजेक्ट की गंभीरता को दर्शाती है।

फिल्म का निर्देशन अपूर्वा लाखिया कर रहे हैं और इसकी कहानी का आधार वर्ष 2020 में हुआ गलवान घाटी संघर्ष बताया जा रहा है। फिल्म में भारतीय सेना के जवानों की वीरता, संघर्ष की परिस्थितियों और देश के लिए दिए गए बलिदान को केंद्र में रखा गया है। सलमान खान इस फिल्म में एक सेना अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि फिल्म केवल युद्ध की कहानी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सैनिकों के साहस के साथ-साथ उस संघर्ष के दौरान सामने आए मानवीय और भावनात्मक पहलुओं को भी गहराई से दिखाया गया है। मेकर्स का उद्देश्य इस फिल्म के जरिए देशभक्ति की भावना को मजबूत करना और सैनिकों के त्याग को बड़े पर्दे पर सम्मान देना है।

फिल्म को लेकर चर्चा इसलिए भी तेज है क्योंकि एक तरफ जहां यह वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है, वहीं दूसरी तरफ सलमान खान जैसे बड़े स्टार की मौजूदगी और दिग्गज निर्देशकों की स्क्रीनिंग में भागीदारी इसे और अधिक हाई-प्रोफाइल बना रही है। माना जा रहा है कि यह फिल्म सलमान के करियर की सबसे महत्वपूर्ण देशभक्ति आधारित फिल्मों में से एक हो सकती है।

कुल मिलाकर, यह निजी स्क्रीनिंग सिर्फ एक फिल्म प्रदर्शन नहीं बल्कि एक रचनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा थी, जिसके जरिए फिल्म को अंतिम रूप देने से पहले हर पहलू को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

SP_Singh AURGURU Editor