यूपी के हमीरपुर में बेतवा नदी पर बन रहे पुल का स्लैब आंधी-तूफान के दौरान गिरा, मलबे में दबकर छह मजदूरों की मौत

हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में शुक्रवार रात दो बजे ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ। बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का भारी स्लैब का स्ट्रक्चर रात करीब दो बजे अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे के वक्त कई मजदूर पुल के नीचे और आसपास आराम कर रहे थे। देखते ही देखते पूरा इलाका चीख-पुकार से गूंज उठा। मलबे में दबने से छह मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीन मजदूरों को गंभीर हालत में बाहर निकाला गया।

May 29, 2026 - 11:59
May 29, 2026 - 12:01
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यूपी के हमीरपुर में बेतवा नदी पर बन रहे पुल का स्लैब आंधी-तूफान के दौरान गिरा, मलबे में दबकर छह मजदूरों की मौत
निर्माणाधीन पुल के स्लैब का स्ट्रक्चर जो आंधी तूफान में नीचे आ गिरा। फोटो- पीटीआई से साभार।

सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और अंधेरे व बारिश के बीच घंटों तक राहत एवं बचाव अभियान चलता रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की मदद की घोषणा की है।

यह हादसा हमीरपुर जिले में मोरा कादर और कंडौर गांवों के बीच बेतवा नदी पर बन रहे पुल पर हुआ। पुल पर दिन के अलावा रात में भी काम चलता है। दुर्घटना के वक्त भी आधा दर्जन से ज्यादा श्रमिक काम कर रहे थे। रात दो बजे तेज आंधी तूफान आने पर काम करने मजदूर निर्माणाधीन पुल पर ही लेट गए। दिन में काम करने वाले श्रमिक पुल के आसापास ही आराम कर रहे थे। अचानक जोरदार धमाके जैसी आवाज आई और पुल के स्लैब का स्ट्रक्चर नीचे आ गिरा। आसपास के ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे तो वहां मजदूर मलबे में दबे तड़प रहे थे। कई मजदूरों ने किसी तरह भागकर जान बचाई, लेकिन छह मजदूर मौके पर ही जिंदगी हार गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर मलबा हटाना शुरू किया। बाद में पुलिस और राहत दल पहुंचे। जेसीबी मशीनों की मदद से घंटों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं।

प्रारंभिक जांच में निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुल निर्माण में भारी लापरवाही बरती जा रही थी। मजदूरों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और खराब मौसम के बावजूद कार्य जारी रखा गया। हादसे के बाद निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

घटना की सूचना मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसा तकनीकी खामी से हुआ या निर्माण में लापरवाही इसकी वजह बनी। निर्माण कंपनी के अधिकारियों से भी पूछताछ की जा रही है।

हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। कई परिवारों का कहना है कि मजदूर रोजी-रोटी कमाने गए थे, लेकिन उन्हें मौत मिल गई। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है।

SP_Singh AURGURU Editor