कर्नाटक में सियासी हलचल तेज, सिद्धारमैया की आज राज्यपाल से होने जा रही मुलाकात ने बढ़ाई नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं

बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति एक बार फिर निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की आज अपराह्न तीन बजे राज्यपाल से मुलाकात के लिए समय मांगे जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों ने जोर पकड़ लिया है। इस घटनाक्रम ने उन चर्चाओं को और बल दे दिया है जिनमें लंबे समय से कहा जा रहा था कि कांग्रेस हाईकमान राज्य में सत्ता संतुलन को नए सिरे से साधने पर विचार कर रहा है। बताया जा रहा है कि अपराह्न तीन बजे राज्यपाल से मुलाकात के दौरान सीएम सिद्धारमैया उन्हें अपना इस्तीफा सौंप देंगे।

May 28, 2026 - 10:26
May 28, 2026 - 10:34
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कर्नाटक में सियासी हलचल तेज, सिद्धारमैया की आज राज्यपाल से होने जा रही मुलाकात ने बढ़ाई नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं

सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल से आज होने जा रही मुलाकात को लेकर यह कयास लगाए जा रहे हैं कि सिद्धारमैया किसी राजनीतिक या प्रशासनिक औपचारिक प्रक्रिया के तहत पद छोड़ने या उसे लेकर कोई बड़ा निर्णय सामने रख सकते हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर इस संबंध में कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सियासी संकेतों ने स्थिति को बेहद संवेदनशील बना दिया है।

इन चर्चाओं के बीच बेंगलुरू से आज सुबह एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ उप मुख्यमंत्री डीके शिव कुमार सुबह के नाश्ते पर मौजूद हैं। इस दौरान दोनों नेता गले मिलते हैं और फिर डीके शिव कुमार द्वारा सिद्धारमैया के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया जाता है। इस तस्वीर के भी मायने निकाले जा रहे हैं।

पार्टी के भीतर पहले से ही नेतृत्व को लेकर दो प्रमुख धड़ों की चर्चा रही है। एक ओर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का अनुभव और जनाधार, तो दूसरी ओर उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की संगठनात्मक पकड़ और हाईकमान से मजबूत समीकरण। यही कारण है कि किसी भी संभावित बदलाव को केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि पूर्ण रूप से राजनीतिक संतुलन से जुड़ा कदम माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सिद्धारमैया राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपते हैं या किसी नए राजनीतिक फार्मूले की घोषणा होती है, तो कर्नाटक में डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता खुल सकता है। शिवकुमार लंबे समय से पार्टी संगठन में अपनी भूमिका और 2023 चुनाव के बाद सत्ता साझेदारी की चर्चाओं को लेकर सुर्खियों में रहे हैं।

कांग्रेस हाईकमान की भूमिका भी इस पूरे घटनाक्रम में निर्णायक मानी जा रही है। दिल्ली स्तर पर हालिया बैठकों के बाद यह संकेत मिले हैं कि पार्टी नेतृत्व राज्यों में स्थिरता और आगामी चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए कुछ बड़े फैसले ले सकता है।

राज्य की राजनीतिक स्थिति फिलहाल पूरी तरह से कांग्रेस हाईकमान के अगले कदम और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की राज्यपाल से होने वाली बातचीत के परिणाम पर टिकी हुई है।

SP_Singh AURGURU Editor