युवा शक्ति, शिक्षा और राष्ट्रवाद पर अभाविप का मंथन, बंगाल मुद्दे पर पारित हुआ प्रस्ताव
भुवनेश्वर में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की केंद्रीय कार्यसमिति बैठक में शिक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा, युवाओं की भूमिका और संगठनात्मक विस्तार जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में पश्चिम बंगाल में हिंसा और तुष्टिकरण की राजनीति के खिलाफ लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना हेतु जनमानस के अभिनंदन का प्रस्ताव पारित किया गया। अभाविप ने कई राष्ट्रीय अभियानों की समीक्षा करते हुए भारतीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थी हित में संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
भुवनेश्वर में अभाविप की केंद्रीय कार्यसमिति बैठक संपन्न, पश्चिम बंगाल में लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित
भुवनेश्वर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की एक-दिवसीय केंद्रीय कार्यसमिति बैठक ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित शिक्षा 'ओ' अनुसंधान विश्वविद्यालय में संपन्न हुई। महाप्रभु जगन्नाथ की पावन धरा पर आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में देशभर के विभिन्न प्रांतों से आए प्रमुख कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक में पश्चिम बंगाल में हिंसा, भय और तुष्टिकरण की राजनीति को समाप्त कर लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना के लिए जनमानस के अभिनंदन का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
बैठक का शुभारंभ अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी, राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी एवं राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। बैठक में वर्तमान राष्ट्रीय परिदृश्य, शिक्षा व्यवस्था, युवाओं की भूमिका, राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक एवं आर्थिक चुनौतियों सहित कई समसामयिक विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। संगठनात्मक समीक्षा, विस्तार योजनाओं और आगामी अभियानों की रणनीति पर भी विशेष चर्चा हुई।
अभाविप द्वारा संचालित विभिन्न राष्ट्रीय अभियानों, स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम अभियान, वंदे मातरम् के 150 वर्ष, छात्रावास सर्वेक्षण अभियान, प्रो. यशवंतराव केलकर जन्मशती वर्ष, आपातकाल निषेध के 50 वर्ष, श्री गुरु तेगबहादुर बलिदान दिवस के 350 वर्ष तथा संत शिरोमणि रविदास जी के 650वें प्राकट्योत्सव की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन और अनुवर्तन पर विशेष जोर दिया गया।
भारतीय मूल्यों पर आधारित हो शिक्षा व्यवस्था-प्रो. रघुराज किशोर तिवारी
राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी ने कहा कि संगठन की आगामी दिशा तय करने के लिए गत वर्षों के कार्यों का सिंहावलोकन और वर्तमान परिस्थितियों का मूल्यांकन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि द्वारका और श्रृंगेरी में आयोजित विचार बैठकों ने संगठनात्मक व्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि प्राध्यापक यशवंतराव केलकर जी की जन्मशती वर्ष के अवसर पर देशभर में आयोजित प्रबोधन कार्यक्रमों ने कार्यकर्ताओं को नई प्रेरणा प्रदान की है। शिक्षा व्यवस्था पर अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि भारत की शिक्षा नीति भारतीय दर्शन और सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित होनी चाहिए, जिससे युवाओं के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित किया जा सके।
विद्यार्थी हित में संघर्ष और नवाचार दोनों कर रही है अभाविप
राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि वर्तमान समय में जब भारत वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर है, तब अभाविप शिक्षा और समाज से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए रचनात्मक आंदोलनों के माध्यम से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में छात्रवृत्ति आंदोलन, नीट पेपर लीक के खिलाफ संघर्ष, मुंबई में पेपर लीक विरोधी अभियान, दिल्ली और पंजाब विश्वविद्यालयों में छात्रसंघों के माध्यम से किए जा रहे नवाचार, संगठन की सक्रियता का प्रमाण हैं।
उन्होंने बताया कि त्रिपुरा में जनजातीय छात्र सम्मेलन, ओडिशा में छात्रा संसद, तमिलनाडु में विधि छात्र सम्मेलन और ‘मिशन साहसी’ अभियान के अंतर्गत देशभर में 10 लाख से अधिक छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण देकर अभाविप ने छात्र-छात्राओं के बीच अपनी व्यापक स्वीकार्यता स्थापित की है।
पश्चिम बंगाल को लेकर पारित हुआ अभिनंदन प्रस्ताव
बैठक में “हिंसा, भय और तुष्टिकरण की राजनीति को परास्त कर लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनः स्थापना के लिए पश्चिम बंगाल के जनमानस का अभिनंदन” विषयक प्रस्ताव पारित किया गया। प्रतिनिधियों ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए समाज की सजग भागीदारी आवश्यक है और युवाओं की भूमिका इसमें अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बैठक में यह भी तय किया गया कि शिक्षा, सामाजिक सरोकार, राष्ट्रीय सुरक्षा, वैश्विक परिस्थितियों और युवाओं से जुड़े विषयों पर आगामी राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद में विस्तृत चर्चा के बाद कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।