युवा भारत का आह्वान, भुवनेश्वर में जुटे अभाविप के दिग्गज, तय होगी नई कार्ययोजना
भुवनेश्वर में अभाविप की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक का शुभारंभ हुआ, जिसमें शिक्षा नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, युवाओं की भूमिका और सामाजिक-आर्थिक विषयों पर मंथन किया जा रहा है। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, त्रि-भाषा नीति, छात्रसंघ चुनाव, संगठन विस्तार और विभिन्न राष्ट्रीय अभियानों की समीक्षा के साथ आगामी कार्ययोजना तय की जाएगी। अभाविप ने त्रि-भाषा नीति को भारतीय भाषाओं और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
शिक्षा नीति से राष्ट्रीय सुरक्षा तक होगा मंथन, त्रि-भाषा नीति और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर विशेष चर्चा
भुवनेश्वर। भुवनेश्वर स्थित शिक्षा ‘ओ’ अनुसंधान विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी, राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी और राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उड़ीसा के पारंपरिक वाद्ययंत्र ढोल और मृदंग की गूंज के बीच देशभर से पहुंचे प्रतिनिधियों का पारंपरिक स्वागत किया गया।
राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की इस महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षा व्यवस्था, युवाओं की भूमिका, राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों, वैश्विक परिदृश्य और समसामयिक विषयों पर व्यापक चर्चा की जा रही है। संगठन आगामी वर्ष की कार्ययोजना तय करने के साथ-साथ विभिन्न राष्ट्रीय अभियानों, छात्र गतिविधियों और संगठनात्मक विस्तार को लेकर भी रणनीति तैयार करेगा।
बैठक में छात्रसंघ चुनाव, सदस्यता विस्तार, परिसर इकाई गठन, राष्ट्रीय अधिवेशन-2026, SEIL यात्रा, अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी संपर्क, ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियान, ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष, छात्रावास सर्वेक्षण, प्रा. यशवंतराव केलकर जन्मशती वर्ष, आपातकाल निषेध के 50 वर्ष, श्री गुरु तेगबहादुर बलिदान दिवस के 350 वर्ष और संत रविदास जी के 650वें प्राकट्योत्सव जैसे विषयों पर विशेष चिंतन-मंथन किया जाएगा।
इसके साथ ही विभिन्न प्रांतों में चल रहे विशेष अभियानों और नवाचारों की समीक्षा कर संगठनात्मक विकास के नए लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे। शिक्षा, महिला सुरक्षा, पर्यावरण, सेवा, खेल, तकनीकी, अर्बन नक्सलवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर प्रस्ताव भी पारित किए जाने की संभावना है।
अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक में वर्तमान शैक्षिक और राष्ट्रीय परिस्थितियों के संदर्भ में संगठन की भूमिका पर गंभीर चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि ‘युवा भारत का आह्वान’ विषय के अंतर्गत शैक्षिक, सामाजिक और संगठनात्मक प्राथमिकताओं की समीक्षा करते हुए आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान’ विधेयक, संघ शताब्दी वर्ष की योजनाओं, महारानी अहिल्याबाई होलकर जयंती, परिसर चलो अभियान, यशवंतराव केलकर जन्मशती वर्ष तथा ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ जैसे अभियानों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही ‘स्टूडेंट्स फॉर सेवा’ सहित विभिन्न सेवा गतिविधियों को और व्यापक बनाने पर भी चर्चा होगी।
राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि बैठक में शिक्षा, सेवा, खेल, तकनीकी, पर्यावरण और वैश्विक परिदृश्य जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी। उन्होंने हाल ही में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा त्रि-भाषा नीति को लागू करने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे भारतीय भाषाओं के सशक्तीकरण और राष्ट्रीय एकात्मता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि त्रि-भाषा नीति को भाषाई विवाद के बजाय शैक्षिक सशक्तीकरण और राष्ट्रीय एकता के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। बढ़ते अंतर-राज्यीय प्रवास और रोजगार के अवसरों को देखते हुए विभिन्न भारतीय भाषाओं का ज्ञान छात्रों के लिए भविष्य में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
डॉ. सोलंकी ने कहा कि संक्रमण काल में पाठ्यपुस्तकों और शिक्षकों की उपलब्धता जैसी चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन बोर्ड द्वारा दिए गए लचीले समाधान सराहनीय हैं। अभाविप का मानना है कि त्रि-भाषा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए बोर्ड परीक्षाओं को भी उसी अनुरूप आयोजित किया जाना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, भारतीय भाषाओं के संवर्धन और त्रि-भाषा नीति के विभिन्न आयामों पर इस बैठक में विस्तृत चर्चा होगी। अभाविप इसे शिक्षा क्षेत्र में गुणात्मक परिवर्तन और राष्ट्रीय एकात्मता के सशक्त माध्यम के रूप में देखती है।