पांच लाख में होती थी मासूमों की सौदेबाजी! बच्चा चोर गिरोह के पीछे डॉक्टर मास्टरमाइंड, तीन बच्चों की बिक्री का खुलासा, अब डॉक्टर की गिरफ्तारी पर टिकी पुलिस की नजर
-आरके सिंह- बरेली। बरेली जिले के आंवला थाना क्षेत्र स्थित मनौना धाम से डेढ़ वर्षीय मासूम ऋषभ के अपहरण मामले में पुलिस जांच ने ऐसा सनसनीखेज खुलासा किया है, जिसने पूरे प्रदेश को हिला दिया है। बच्चा चोरी के इस नेटवर्क के तार अब लखीमपुर खीरी के एक डॉक्टर से जुड़ते दिखाई दे रहे हैं। गिरफ्तार आरोपी उत्तम ने पूछताछ में कबूल किया है कि वह इसी डॉक्टर के लिए बच्चों की सप्लाई करता था और इससे पहले भी तीन बच्चों को पांच-पांच लाख रुपये में बेच चुका है। पुलिस का मानना है कि यह कोई छोटा गिरोह नहीं बल्कि अंतरराज्यीय मानव तस्करी रैकेट हो सकता है।
बरेली पुलिस अधीक्षक दक्षिणी अंशिका वर्मा ने शुक्रवार को बताया कि जिस डॉक्टर के लिए बच्चा चोरी करवाई गई थी, उसकी पहचान हो चुकी है। पुलिस उसकी हर गतिविधि पर नजर रख रही है और जल्द गिरफ्तारी की जा सकती है। पुलिस के अनुसार आरोपी उत्तम ने खुलासा किया कि डॉक्टर ने चार से पांच माह के बच्चे की मांग की थी और इसके बदले पांच लाख रुपये देने की डील हुई थी।
मंदिर परिसर से हुआ था मासूम का अपहरण
मासूम ऋषभ का पिता रमन पिछले एक वर्ष से पत्नी के साथ मनौना धाम में सफाई कर्मचारी के रूप में काम कर रहा है। 24 मई को मंदिर परिसर से डेढ़ वर्षीय ऋषभ का अपहरण कर लिया गया था। घटना के बाद पुलिस और एसओजी प्रथम की टीमें सक्रिय हुईं और 48 घंटे के भीतर 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल टावर डंप और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए आरोपियों की पहचान कर ली।
मंगलवार रात पुलिस ने अलीगंज रोड स्थित फुलवासा गांव के पास मुठभेड़ के बाद शाहजहांपुर निवासी योगेश कन्नौजिया और बदायूं के ककोड़ा निवासी पवन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के कब्जे से मासूम ऋषभ सकुशल बरामद कर माता-पिता को सौंप दिया गया।
60 हजार में हुई थी चोरी की डील
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि लखीमपुर खीरी निवासी उत्तम ने उन्हें बच्चा चोरी के बदले 60 हजार रुपये देने का लालच दिया था। आरोपी बच्चा लेकर उत्तम के पास पहुंचे, लेकिन उसने यह कहते हुए बच्चा लेने से इनकार कर दिया कि उसे चार-पांच माह का बच्चा चाहिए, डेढ़ साल का नहीं। इसके बाद आरोपी बच्चे को दिल्ली में किसी अन्य व्यक्ति को पांच लाख रुपये में बेचने की तैयारी कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
तीन बच्चों को पहले भी बेच चुका हूं
गुरुवार देर रात पुलिस ने लखीमपुर निवासी उत्तम को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि वह पहले भी इसी डॉक्टर और अन्य लोगों के लिए तीन बच्चों को बेच चुका है। हालांकि उसने यह जानकारी नहीं दी कि उन बच्चों को आगे कहां और किसके हाथों बेचा गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डॉक्टर की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क का बड़ा खुलासा हो सकता है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह गिरोह सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी सक्रिय हो सकता है। लखीमपुर खीरी में पुलिस की एक टीम लगातार दबिश दे रही है।
बड़े लोगों के नाम आने की आशंका
पुलिस का कहना है कि जिस तरीके से यह नेटवर्क काम कर रहा था, उससे साफ है कि इसमें कई प्रभावशाली और संगठित लोग शामिल हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस गिरोह के सरगना तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे गिरफ्तारियां होंगी, वैसे-वैसे पूरे मानव तस्करी नेटवर्क की परतें खुलती जाएंगी।