जिस बेटे को उंगली पकड़कर चलना सिखाया, उसी ने पिता को गोलियों से भून डाला
गाजियाबाद के मोदीनगर में 150 करोड़ रुपये की संपत्ति के विवाद ने एक परिवार को तबाह कर दिया। शराब के नशे में घर लौटे निखिल चौधरी ने पिता हरिओम चौधरी की छह गोलियां मारकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से पूरी संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था। घटना के बाद मां ने बेटे पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है और पुलिस की चार टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं।
150 करोड़ के लिए बेटे ने पिता को छह गोलियां मार उतारा मौत के घाट, मां बोली- ‘तूने पूरा घर उजाड़ दिया’
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों और पारिवारिक मूल्यों को झकझोर कर रख दिया है। करोड़ों की संपत्ति और शराब की लत ने एक बेटे को इस कदर अंधा कर दिया कि उसने अपने ही पिता को गोलियों से भून डाला। वारदात के बाद घर में चीख-पुकार मच गई और मां अपने पति के शव से लिपटकर बिलखती रही।
पुलिस के मुताबिक, मोदीनगर थाना क्षेत्र के बुदाना गांव निवासी 52 वर्षीय हरिओम चौधरी की बुधवार देर रात उनके बड़े बेटे निखिल चौधरी ने गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी ने पिता के चेहरे, सीने और पेट में ताबड़तोड़ छह गोलियां दागीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
कुछ ही मिनटों में उजड़ गया परिवार
बताया जा रहा है कि बुधवार रात हरिओम चौधरी ने अपनी पत्नी मीनाक्षी और छोटे बेटे नीशू के साथ खाना खाया था। उस समय बड़ा बेटा निखिल घर पर नहीं था। देर रात वह शराब के नशे में धुत होकर घर पहुंचा। पिता ने जब उसे शराब पीकर आने पर फटकार लगाई, तो दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि निखिल ने अवैध पिस्टल निकाल ली और गाली-गलौज करने लगा।
शोर सुनकर मां मीनाक्षी और छोटा भाई नीशू भी मौके पर पहुंच गए, लेकिन इससे पहले कि कोई स्थिति संभाल पाता, आरोपी ने पिता पर एक के बाद एक छह गोलियां दाग दीं। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग घर की ओर दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। गंभीर रूप से घायल हरिओम को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पति का शव देखकर मां फूट-फूटकर रोई
पति की मौत की खबर सुनते ही मीनाक्षी बदहवास हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह अपने पति के शव से लिपटकर रोती रहीं और आरोपी बेटे को कोसते हुए बोलीं, “तूने पूरा घर उजाड़ दिया।” एक ही पल में परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। जिस बेटे को पाल-पोसकर बड़ा किया, उसी के हाथों पति की हत्या ने मां को गहरे सदमे में डाल दिया।
150 करोड़ की संपत्ति को लेकर चल रहा था विवाद
पुलिस जांच में सामने आया है कि हरिओम चौधरी इलाके के संपन्न किसानों में गिने जाते थे। उनके नाम पर करीब 75 बीघा जमीन और दिल्ली-मेरठ रोड पर जीवन अस्पताल के सामने एक बड़ा मार्केट है। परिवार की कुल संपत्ति लगभग 150 करोड़ रुपये बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार, निखिल लंबे समय से पिता पर पूरी संपत्ति अपने नाम करने का दबाव बना रहा था। हालांकि हरिओम इसके लिए तैयार नहीं थे। उन्हें डर था कि शराब का आदी बेटा जमीन-जायदाद बेच देगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हरिओम पहले ही निखिल को 25 बीघा जमीन और मार्केट में कुछ दुकानें दे चुके थे, लेकिन वह बाकी संपत्ति पर भी कब्जा चाहता था।
पहले भी छोटे भाई को मारने की कर चुका है कोशिश
जांच में यह भी सामने आया है कि करीब आठ साल पहले निखिल ने अपने छोटे भाई नीशू पर भी गोली चलाई थी। हालांकि उस हमले में नीशू की जान बच गई थी। इसके बावजूद परिवार ने मामले को संभालने की कोशिश की, लेकिन निखिल की आदतों में कोई बदलाव नहीं आया।
आरोपी की तलाश में जुटीं पुलिस की चार टीमें
घटना के बाद आरोपी निखिल मौके से फरार हो गया। मृतक की पत्नी मीनाक्षी ने मोदीनगर थाने में बेटे के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश के लिए चार टीमें गठित की गई हैं। एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि शुरुआती जांच में संपत्ति विवाद और शराब की लत हत्या की बड़ी वजह बनकर सामने आई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।