108वें उर्स-ए-रजवी से पहले बरेली में जगह कम पड़ने लगी, होटल-गेस्ट हाउस फुल; दुनिया भर से उमड़ेंगे लाखों जायरीन, घर खोलने की अपील
-आरके सिंह- बरेली। आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिले बरेलवी के 108वें उर्स-ए-रजवी को लेकर बरेली में तैयारियां तेज हो गई हैं। 6 से 8 अगस्त 2026 तक होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय धार्मिक आयोजन में सऊदी अरब, दुबई, दक्षिण अफ्रीका, मॉरीशस, श्रीलंका, नेपाल समेत कई देशों से जायरीन और उलेमा के शामिल होने की सूचना है। बढ़ती भीड़ के कारण शहर के अधिकांश होटल और गेस्ट हाउस पहले ही पूरी तरह बुक हो चुके हैं और उनके बाहर 'हाउस फुल' के बोर्ड लग गए हैं।
इस स्थिति को देखते हुए दरगाह प्रबंधन ने शहरवासियों से अपने घरों में जायरीनों को ठहराने और लंगर की व्यवस्था में अधिक से अधिक सहयोग करने की अपील की है। वहीं जिला प्रशासन ने उर्स और सावन कांवड़ यात्रा एक साथ होने के कारण सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि उर्स-ए-रजवी में देश-विदेश से आने वाले जायरीन चार से पांच दिन तक शहर में रुकते हैं। इस बार सऊदी अरब, दुबई, दक्षिण अफ्रीका, मॉरीशस, श्रीलंका और नेपाल सहित कई देशों से मुरीदीन और उलेमा के आने की जानकारी मिली है। हालांकि पाकिस्तान से वीजा संबंधी समस्याओं के कारण इस वर्ष भी किसी जायरीन के आने की सूचना नहीं है।
उन्होंने बताया कि शहर के अधिकांश होटल और गेस्ट हाउस पूरी तरह बुक हो चुके हैं। जो जायरीन होटल या गेस्ट हाउस में जगह नहीं पा सकेंगे, उनके लिए प्रशासन स्कूलों और अन्य सार्वजनिक भवनों में ठहरने की व्यवस्था कर रहा है। इसके अलावा दरगाह प्रबंधन की ओर से बारात घरों और गेस्ट हाउसों में भी आवास की व्यवस्था की जा रही है।
उर्स की तैयारियों को लेकर दरगाह प्रमुख हजरत मौलाना सुब्हान रजा खान (सुब्हानी मियां) की अध्यक्षता में दरगाह मुख्यालय पर टीटीएस (तंजीम तहरीक-ए-सुन्नियत) के रजाकारों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में दुनिया भर से आने वाले जायरीनों के ठहरने, भोजन, लंगर और अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान ने कहा कि हर वर्ष बड़ी संख्या में आने वाले जायरीनों के लिए केवल दरगाह प्रबंधन और जिला प्रशासन की व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं होतीं। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि बारिश के मौसम को देखते हुए वे हर साल की तरह इस वर्ष भी अपने घरों में जायरीनों को ठहराने तथा लंगर की व्यवस्था में अधिक से अधिक सहयोग करें।
बैठक के बाद टीटीएस के रजाकारों ने मुस्लिम बहुल इलाकों में घर-घर संपर्क अभियान शुरू कर दिया है। वरिष्ठ सदस्य परवेज़ नूरी और औरंगजेब नूरी ने मदरसों, शादी हॉल, मेहमानखानों के संचालकों तथा किला, मलूकपुर, जखीरा, पुराना शहर, बाकरगंज, जसोली और कंघी टोला जैसे मुस्लिम बहुल क्षेत्रों के बड़े मकान मालिकों से अपने यहां जायरीनों के ठहरने की व्यवस्था करने की अपील की।
शाहिद नूरी और अजमल नूरी ने बताया कि उर्स स्थल इस्लामिया मैदान से लेकर दरगाह शरीफ तक तैयारियों का कार्य शुरू कर दिया गया है। दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि बैठक में टीटीएस वालंटियर्स और जिलेभर की लंगर कमेटियों के जिम्मेदार पदाधिकारी मौजूद रहे। तैयारियों की अगली समीक्षा बैठक 23 जुलाई (गुरुवार) को दरगाह परिसर में आयोजित की जाएगी।
प्रशासन ने भी कसी कमर, कांवड़ यात्रा के साथ बड़ी चुनौती
108वें उर्स-ए-रजवी और सावन कांवड़ यात्रा लगभग एक ही अवधि में होने के कारण जिला प्रशासन ने इसे अत्यंत संवेदनशील आयोजन मानते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने पुलिस, नगर निगम, स्वास्थ्य, विद्युत, परिवहन तथा अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कानून-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन, साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।
बैठक में कांवड़ मार्गों पर लटकते बिजली के तार हटाने, ट्रांसफार्मरों को शिफ्ट करने और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के भी निर्देश दिए गए।
पुलिस प्रशासन ने उर्स स्थल और आसपास के संवेदनशील एवं अति संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित कर सुरक्षा का विस्तृत खाका तैयार किया है। उर्स के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर अर्धसैनिक बल की भी मांग की जाएगी। सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन निगरानी, बैरिकेडिंग, ट्रैफिक डायवर्जन और आधुनिक भीड़ प्रबंधन प्रणाली का उपयोग किया जाएगा।
प्रशासन के अनुसार उर्स में देश-विदेश से लाखों जायरीन के आने की संभावना है। इसे देखते हुए रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, दरगाह क्षेत्र और प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा, चिकित्सा सहायता और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उर्स कमेटी और जिला प्रशासन के बीच लगातार समन्वय बैठकों का दौर भी जारी है, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके।