ईरान में अमेरिकी एयरस्ट्राइक लगातार जारी, बीती रात भारत के निवेश वाले चाबहार पोर्ट को भी बनाया निशाना, कंट्रोल टावर तबाह
तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने लगातार छठी रात भी ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले किए। इस दौरान भारत के निवेश वाले चाबहार बंदरगाह को भी निशाना बनाया गया। हमले में बंदरगाह के मैरीटाइम ट्रैफिक कंट्रोल टावर को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे समुद्री यातायात संचालन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हवाई हमले में कंट्रोल टावर का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। यह केंद्र जहाजों की आवाजाही की निगरानी, बंदरगाह संचालन तथा समुद्री खोज एवं बचाव अभियानों के समन्वय का प्रमुख केंद्र था। हमले के बाद सामने आए वीडियो और तस्वीरों में टावर के क्षतिग्रस्त हिस्से दिखाई दिए हैं।
अमेरिका ने छठी रात भी ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हमले जारी रखे। इन हमलों में चाबहार के अलावा बंदर अब्बास, क़ेश्म द्वीप और अन्य तटीय क्षेत्रों में स्थित सैन्य प्रतिष्ठानों, वायु रक्षा प्रणालियों तथा लॉजिस्टिक सुविधाओं को भी निशाना बनाया गया। दूसरी ओर ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी हितों और उसके सहयोगी देशों की ओर मिसाइल एवं ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
चाबहार बंदरगाह भारत के लिए सामरिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण परियोजना है। भारत ने इस बंदरगाह के विकास में निवेश किया है और इसे अफगानिस्तान तथा मध्य एशिया तक व्यापारिक पहुंच के प्रमुख मार्ग के रूप में विकसित किया गया है। यह परियोजना भारत को पाकिस्तान के रास्ते पर निर्भर हुए बिना क्षेत्रीय व्यापार और संपर्क बढ़ाने का विकल्प उपलब्ध कराती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चाबहार बंदरगाह का संचालन लंबे समय तक प्रभावित रहता है तो इसका असर क्षेत्रीय व्यापार, समुद्री परिवहन और भारत की कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल इस हमले को लेकर भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है और तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं।