आज अनशन तोड़ सकते हैं सोनम वांगचुक,  संसद मार्च की तैयारी में सीजेपी,  पूरे क्षेत्र में धारा 163 लागू

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित संसद मार्च को दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी है। पुलिस की ओर से अपील की गई है कि इस मार्च से न जुड़ें। वहीं, जंतर-मंतर पर भारी भीड़ जमा है।

Jul 20, 2026 - 07:44
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आज अनशन तोड़ सकते हैं सोनम वांगचुक,  संसद मार्च की तैयारी में सीजेपी,  पूरे क्षेत्र में धारा 163 लागू

नई दिल्ली। पेपर लीक की जवाबदेही, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और देश के एजुकेशन सिस्टम में बदलाव की मांग कर रहे सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन का आज (सोमवार, 20 जुलाई) को 23वां दिन है। सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने जानकारी दी थी कि उन्हें डॉक्टर्स की तरफ से कुछ भी खिलाया नहीं गया है, इसलिए उनका अनशन जारी है। हालांकि, आज कुछ शर्तों पर सोनम वांगचुक अपना अनशन खत्म कर सकते हैं।

इस बीच आज ही संसद के मानसून सत्र के पहले दिन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा शांतिपूर्ण संसद मार्च प्रस्तावित है। पुलिस ने इस मार्च की अनुमति नहीं दी है और क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू की गई है। इसके बावजूद मार्च की तैयारी तेज है।

अभिजीत दिपके की सीजेपी ने गाइडलाइंस जारी करते हुए मार्च में शामिल होने वालों से अपील की है कि इस मार्च में हिंसा की कोई जगह नहीं होगी। न किसी को गलत करना है और न ही गलत होने देना है। हालांकि, सीजेपी ने पुलिस से इस मार्च की अनुमति नहीं मांगी थी। प्रस्तावित मार्च से एक दिन पहले (रविवार, 19 जुलाई) दिल्ली पुलिस ने यह जानकारी सार्वजनिक की थी कि नई दिल्ली जिले में, जंतर-मंतर रोड पर तय किए गए विरोध-प्रदर्शन स्थल को छोड़कर बाकी हर जगह धारा 163 लागू की गई है।

वहीं, संसद तक किसी प्रस्तावित मार्च के लिए न तो कोई परमिशन मांगी गई है और न ही पुलिस ने कोई अनुमति दी है। ऐसे में दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की थी कि वे किसी भी अनधिकृत सभा या मार्च में शामिल न हों और सुरक्षा और शांति बनाए रखने में दिल्ली पुलिस की मदद करें।

दिल्ली पुलिस की ओर से यह भी कहा गया है कि 20 जुलाई को संसद का सत्र शुरू हो रहा है, इसलिए आम जनता और महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। धारा 163 का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर धारा 223 और कानून के अन्य लागू प्रावधानों के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।

लोकप्रिय साइंटिस्ट और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक फिलहाल सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं। अनशन के 21वें दिन उनकी बिगड़ती तबीयत का हवाला देकर सोनम वांगचुक को उनकी मर्जी के बिना जंतर-मंतर से उठाकर अस्पताल ले जाया गया था। यहां डॉक्टर्स ने जानकारी दी कि सोनम के वाइटल्स स्थिर हैं, लेकिन इतने दिनों से भूखे रहने की वजह से उनका शरीर कमजोर हो गया है। रविवार (19 जुलाई) की रात तक जारी हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक, सोनम वांगचुक की हालत स्थिर है। हालांकि, यह कहा गया है कि लंबे समय से जारी अनशन के कारण शरीर पर पड़े प्रभावों को देखते हुए उन्हें 24 घंटे चिकित्सकीय देखरेख में रखना होगा। वांगचुक के सभी महत्वपूर्ण शारीरिक मानक स्थिर हैं और उनके ब्लड प्रेशर में भी मामूली सुधार दर्ज किया गया है।

सोनम वांगचुक की देखरेख सफदरजंग अस्पताल और एम्स के विशेषज्ञों की बहु-विषयक टीम कर रही है। डॉक्टर्स का मानना है कि किसी भी कॉमप्लिकेशन का समय रहते पता लगाने और उसका इलाज तुरंत करने के लिए सोनम का लगातार डॉक्टर्स की निगरानी में रहना जरूरी है।