आगरा के नसिया जी मंदिर में श्रद्धा संग मनाया गया नेमिनाथ निर्वाण महोत्सव, आचार्य सुरत्नसागर बोले- संतों की सुरक्षा समाज की जिम्मेदारी
आगरा। अतिशय क्षेत्र श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर नसिया जी, मोतीलाल नेहरू रोड (पीर कल्याणी) में सोमवार को भगवान श्री नेमिनाथ निर्वाण महोत्सव एवं तीर्थ रक्षा संकल्प समारोह श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन परमपूज्य आचार्य श्री सौभाग्य सागर जी महाराज के शिष्य आचार्य श्री 108 सुरत्नसागर जी महाराज ससंघ तथा आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज के शिष्य पूज्य मुनि श्री समत्व सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में हुआ। समारोह में धर्मसभा, अभिषेक, विधान, दीप प्रज्ज्वलन, लाडू चढ़ाने, संगीतमय भक्ति और सायंकाल 1008 दीपकों से महाआरती का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में भगवान श्री नेमिनाथ का अभिषेक किया गया। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन, पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट की गई। पंडित आशुतोष शास्त्री के सानिध्य में विधान संपन्न हुआ तथा विशाल जैन पार्टी ने संगीतमय प्रस्तुति से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
निर्वाण महोत्सव पर गिरनार पर्वतराज की पांच टोकों पर श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक निर्वाण लाडू अर्पित किए। प्रथम निर्वाण लाडू प्रदीप जैन पी.एन.सी. परिवार ने चढ़ाया। वहीं निर्मल कुमार मोठ्या, रोहित जैन अहिंसा, हीरालाल बैनाड़ा, स्वरूपा जैन सन्मति परिवार तथा राजेश जैन कारपेट ने गिरनार पर्वत की पांच टोकों पर लाडू अर्पित किए।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री 108 सुरत्नसागर जी महाराज ने कहा कि संतों और मुनियों की सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। उन्होंने कहा कि जब भी साधु-संत विहार पर निकलें तो समाज के लोगों को उनके साथ चलना चाहिए। तभी जिन धर्म और तीर्थों की रक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने गिरनार पर्वत और जैन तीर्थों के संरक्षण के लिए समाज से जागरूक होकर संगठित रहने का आह्वान किया। साथ ही भारत सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों के पंजीकरण और जनगणना की पहल का भी उल्लेख किया।
मुनि श्री समत्व सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि सत्य हमेशा संख्या बल से बड़ा होता है। उन्होंने पांडवों और श्रीकृष्ण का उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सत्य का साथ दिया था, संख्या का नहीं। उन्होंने कहा कि गिरनार पर्वत का भगवान नेमिनाथ से संबंध ऐतिहासिक और आध्यात्मिक सत्य है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए समाज को एकजुट रहना होगा।
कार्यक्रम का संचालन मनोज जैन बाकलीवाल ने किया। रात्रि में भगवान नेमिनाथ की 1008 दीपकों से महाआरती, कथा एवं भजन संध्या का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
इस अवसर पर प्रदीप जैन पी.एन.सी., जितेंद्र जैन, निर्मल जैन मोठ्या, हीरालाल बैनाड़ा, रोहित जैन अहिंसा, सुनील जैन ठेकेदार, आगरा दिगंबर जैन परिषद के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन, महामंत्री मनीष जैन ठेकेदार, कोषाध्यक्ष राकेश जैन पर्दे वाले, उपाध्यक्ष राजेंद्र जैन एडवोकेट, उपमंत्री विमल जैन, प्रचार मंत्री आशीष जैन मोनू, मंदिर मंत्री सुशील जैन, मनोज जैन बल्लो, सचिन जैन, रमेश चंद्र जैन, सुनील जैन काके, कुमार मंगलम जैन, मनीष जैन लवली, दीपक जैन, पंकज जैन, शेखर जैन, अंकुश जैन, प्रवीण जैन, अजय जैन, अनिल जैन, प्राजल जैन, मीडिया प्रभारी राहुल जैन सहित सकल जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।