कमिश्नर ने लगाई झाड़ू, डीआईजी ने उठाया कूड़ा; 11 किलोमीटर परिक्रमा मार्ग पर उतरा पूरा प्रशासन, वृंदावन में चला ऐतिहासिक स्वच्छता महाअभियान
वृंदावन। ब्रज को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक मुक्त बनाने के संकल्प के साथ रविवार को वृंदावन में अभूतपूर्व जनभागीदारी का नजारा देखने को मिला। 'हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है' अभियान के तहत 11 किलोमीटर लंबे परिक्रमा मार्ग को 11 सेक्टरों में विभाजित कर वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों, संत समाज, सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवकों तथा आम नागरिकों ने एक साथ श्रमदान किया। आगरा मंडलायुक्त ने स्वयं झाड़ू लगाई, पुलिस उपमहानिरीक्षक ने कूड़ा उठाया, जबकि जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों ने सफाई कर लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया। इस दौरान दुकानदारों, होटल संचालकों, श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से कूड़ा इधर-उधर न फेंकने तथा सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग बंद करने की अपील भी की गई।

वृंदावन परिक्रमा मार्ग पर रविवार को चलाये गये स्वच्छता अभियान के कुछ दृश्य, जिसमें डीएम और एसएसपी भी सफाई करते दिख रहे हैं।

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रविवार सुबह आठ बजे से 11 बजे तक चले इस विशेष अभियान में परिक्रमा मार्ग के प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी अलग-अलग वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई थी। अभियान का उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि ब्रज की धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को स्वच्छ रखने के लिए जनजागरण भी था। अधिकारियों ने स्वयं झाड़ू लगाकर, कूड़ा एकत्रित कर और श्रमदान करते हुए लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।
अभियान में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र, आगरा मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप, पुलिस उपमहानिरीक्षक शैलेश कुमार पांडेय, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, नगर आयुक्त ओजस्वी राज, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. पंकज कुमार वर्मा, एडीएम (प्रशासन) डॉ. अमरेश कुमार मौर्य, एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह, सीओ सदर वरुण मिश्रा तथा अपर नगर मजिस्ट्रेट राजकुमार चौधरी सहित अनेक अधिकारियों ने अलग-अलग सेक्टरों में श्रमदान किया।
सामाजिक और शैक्षणिक संस्थानों ने भी अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। जीएलए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल, कुलपति डॉ. अनूप गुप्ता, रजिस्ट्रार ए.के. सिंह, केडी मेडिकल कॉलेज के प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल, उमा मोटर्स के निदेशक पवन चतुर्वेदी, के-संस के डायरेक्टर सुरेश कौशिक, राम अग्रवाल तथा उज्ज्वल ब्रज के सचिव अनंत शर्मा सहित अनेक प्रबुद्धजन अभियान से जुड़े और स्वच्छता का संदेश दिया।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने परिक्रमा मार्ग के दुकानदारों, होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग अपने प्रतिष्ठानों के आसपास नियमित सफाई रखें, कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करें तथा सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग पूरी तरह बंद करें। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से भी अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने का आह्वान किया।
महाअभियान में हार्टफुलनेस फाउंडेशन, उज्ज्वल ब्रज, प्रोजेक्ट मथुरा, नगर निगम के सफाईकर्मी, संत समाज, विभिन्न सामाजिक संगठन तथा बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। विभिन्न शहरों से पहुंचे हार्टफुलनेस फाउंडेशन के सैकड़ों स्वयंसेवकों ने परिक्रमार्थियों, दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों को स्वच्छता संबंधी पत्रक वितरित किए। उन्होंने गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने, प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने तथा स्वच्छ जीवनशैली अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया। संत समाज ने भी स्वयं सफाई कर श्रद्धालुओं और अपने अनुयायियों को स्वच्छता अपनाने का संदेश दिया।
ध्यान शिविर से मिला स्वच्छता और आध्यात्मिकता का संदेश
स्वच्छता महाअभियान से पूर्व वृंदावन स्थित गीता शोध संस्थान के ओपन एयर थिएटर में हार्टफुलनेस फाउंडेशन के तत्वावधान में ध्यान शिविर एवं आध्यात्मिक परिचर्चा का आयोजन किया गया। शिविर में ध्यान, हृदय से जुड़ाव, प्रेम, सेवा और आध्यात्मिक जीवन के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने कहा कि ब्रज की स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनभागीदारी का व्यापक आंदोलन है। जब संत समाज, प्रशासन, सामाजिक संस्थाएं और आम नागरिक एकजुट होकर कार्य करेंगे, तभी ब्रज की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक गरिमा और आध्यात्मिक वैभव को सुरक्षित रखा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ब्रज ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ी धरोहर होगा और ऐसे अभियान निरंतर चलते रहने चाहिए।