बार्बेक्यू नेशन समेत 41 रेस्‍टोरेंट पर एक्‍शन, जोड़ा था डिफॉल्‍ट सर्विस चार्ज, भारी जुर्माने के साथ लौटाने होंगे ग्राहकों के पैसे

नई दिल्‍ली। देश भर के 41 रेस्टोरेंट के खिलाफ एक्‍शन शुरू हुआ है। सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी ( सीसीपीए ) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई शुरू की है। इन रेस्टोरेंट पर आरोप है कि उन्होंने ग्राहकों के बिल में डिफॉल्‍ट तरीके से सर्विस चार्ज जोड़कर उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन किया। ऐसा करते हुए गलत व्यापारिक तरीके अपनाए।

Jul 19, 2026 - 19:07
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बार्बेक्यू नेशन समेत 41 रेस्‍टोरेंट पर एक्‍शन, जोड़ा था डिफॉल्‍ट सर्विस चार्ज, भारी जुर्माने के साथ लौटाने होंगे ग्राहकों के पैसे

उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर एक पोस्ट में इसे लेकर जानकारी दी। मंत्री ने बताया कि चायोस, बार्बेक्यू नेशन, ल'ओपेरा फ्रेंच बेकरी प्राइवेट लिमिटेड और अन्य पर जुर्माना लगाया गया है।यह कार्रवाई नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (एनसीएच) के जरिए मिली शिकायतों के आधार पर की गई है। शिकायतों के साथ ऐसे बिल भी थे जिनसे पता चलता था कि ग्राहकों की साफ मंजूरी के बिना ही उनके बिल में सर्विस चार्ज अपने आप जोड़ दिया गया था।

इन शिकायतों के आधार पर सीसीपीए ने जांच की और पाया कि सर्विस चार्ज का अपने आप लगाया जाना 'होटल और रेस्टोरेंट में सर्विस चार्ज लगाने के संबंध में गलत व्यापारिक तरीकों को रोकने और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए जारी गाइडलाइंस' का उल्लंघन है। अथॉरिटी ने यह भी पाया कि ऐसा करना कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 2019 की धारा 2(47) के तहत गलत व्यापारिक तरीका है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने 'नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य' मामले में 28 मार्च 2025 को दिए अपने फैसले में सर्विस चार्ज पर सीसीपीए की गाइडलाइंस को सही ठहराया। कोर्ट ने कहा कि सर्विस चार्ज की अनिवार्य वसूली कानून के खिलाफ है। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि सभी रेस्टोरेंट को गाइडलाइंस का पालन करना होगा। सीसीपीए कानून के अनुसार उन्हें लागू करने के लिए स्वतंत्र है।

गाइडलाइंस-

4 जुलाई 2022 को जारी 'होटल और रेस्टोरेंट में सर्विस चार्ज लगाने के संबंध में गलत व्यापारिक तरीकों को रोकने और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए गाइडलाइंस' में ये बातें कही गई हैं।
कोई भी होटल या रेस्टोरेंट खाने के बिल में अपने आप या डिफॉल्‍ट रूप से सर्विस चार्ज नहीं जोड़ेगा।

कोई भी होटल या रेस्टोरेंट ग्राहक को सर्विस चार्ज देने के लिए मजबूर नहीं करेगा और उन्हें साफ तौर पर बताएगा कि यह स्वैच्छिक, वैकल्पिक और पूरी तरह से ग्राहक की मर्जी पर निर्भर है।
सर्विस चार्ज न देने पर ग्राहकों के आने या सेवाएं पाने पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी।

खाने के बिल में सर्विस चार्ज नहीं जोड़ा जाएगा और ऐसी राशि पर जीएसटी भी नहीं लगाया जाएगा।

ऐसे ही एक मामले में सीसीपीए ने चायोस (सनशाइन टीहाउस प्राइवेट लिमिटेड) के खिलाफ अंतिम आदेश जारी किया। इसमें डिफॉल्‍ट रूप से सर्विस चार्ज लगाने के लिए 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। कंपनी को निर्देश दिया गया कि वह ग्राहकों से वसूले गए सर्विस चार्ज को वापस करे।