ब्रज मॉडल से रूबरू हुए प्रशिक्षु आईएएस, गीता शोध संस्थान में संस्कृति, स्वच्छता और तीर्थ विकास का लिया पाठ
वृंदावन। वर्ष 2025 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के प्रशिक्षु महिला एवं पुरुष अधिकारियों के दल ने सोमवारको शैक्षिक भ्रमण के दौरान गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी, वृंदावन का भ्रमण कर ब्रज की सांस्कृतिक विरासत, तीर्थ विकास, स्वच्छता अभियान और पर्यटन अवसंरचना से जुड़े कार्यों की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों को उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की विभिन्न योजनाओं, जनभागीदारी आधारित स्वच्छता अभियान तथा धार्मिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास की विस्तृत जानकारी दी गई।
वर्ष 2025 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के प्रशिक्षु महिला एवं पुरुष अधिकारियों का दल 20 जुलाई (सोमवार) को शैक्षिक भ्रमण के अंतर्गत गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी, वृंदावन पहुंचा। संस्थान के सभागार में आयोजित परिचयात्मक सत्र में अधिकारियों को ब्रज की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों से विस्तार से अवगत कराया गया।
गीता शोध संस्थान के समन्वयक चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने प्रशिक्षु अधिकारियों को बताया कि उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की पहल पर वर्तमान में ब्रज क्षेत्र में व्यापक जनभागीदारी के साथ स्वच्छता अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत तीर्थस्थलों, परिक्रमा मार्गों, यमुना घाटों तथा सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई के साथ-साथ लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि रविवार को वृंदावन की लगभग 11 किलोमीटर लंबी परिक्रमा मार्ग पर विशेष स्वच्छता महाअभियान चलाया गया, जिसमें बड़े स्तर पर सफाई अभियान संचालित किया गया। इसके साथ ही परिषद द्वारा श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े पौराणिक स्थलों, यमुना के प्राचीन घाटों और ऐतिहासिक कुंडों के संरक्षण, जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है। साथ ही श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा के लिए आधुनिक पर्यटन अवसंरचना का भी विकास किया गया है।
उन्होंने बताया कि परिषद द्वारा पांचजन्य प्रेक्षागृह, श्रीस्वामी हरिदास प्रेक्षागृह तथा आधा दर्जन मुक्ताकाशीय मंच (ओपन एयर थिएटर - OAT) भी विकसित किए गए हैं, जहां सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
अधिकारियों को यह भी बताया गया कि गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी में नियमित रूप से रासलीला का प्रशिक्षण एवं मंचन, श्रीमद्भगवद्गीता पर आधारित प्रेरक कार्यक्रम तथा विभिन्न साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजन आयोजित किए जाते हैं, जो ब्रज की सांस्कृतिक परंपरा को संरक्षित और प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
शैक्षिक भ्रमण के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने ब्रज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, तीर्थ विकास कार्यों, जनभागीदारी आधारित स्वच्छता अभियान और पर्यटन सुविधाओं की सराहना करते हुए इसे प्रशासनिक प्रशिक्षण के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक अनुभव बताया।
इस अवसर पर गीता शोध संस्थान की ओर से प्रोफेसर दिनेश खन्ना, डॉ. उमेश चंद्र शर्मा तथा तहसील सदर के अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित रहे।