पीलीभीत में नेपाल सीमा पर घुसपैठियों के खिलाफ बड़ा अभियान: 60 गांवों में खंगाली जाएगी हर गतिविधि, छह विभागों की संयुक्त टीम उतरेगी मैदान में

-आरके सिंह- बरेली/पीलीभीत। नेपाल सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में अवैध अप्रवासी घुसपैठियों की तलाश के लिए प्रशासन ने व्यापक रणनीति तैयार की है। सीमा क्षेत्र में जनसंख्या परिवर्तन, संदिग्ध गतिविधियों और अवैध बसावटों की पड़ताल के लिए पुलिस, प्रशासन, खुफिया विभाग, वन विभाग, सिंचाई विभाग और सशस्त्र सीमा बल की संयुक्त टीम बनाई गई है। यह टीम नेपाल सीमा से लगे 15 किलोमीटर क्षेत्र के लगभग 60 गांवों में पहुंचकर जमीनी स्थिति का आकलन करेगी और अपनी रिपोर्ट भारत सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति को सौंपेगी।

May 30, 2026 - 10:25
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पीलीभीत में नेपाल सीमा पर घुसपैठियों के खिलाफ बड़ा अभियान: 60 गांवों में खंगाली जाएगी हर गतिविधि, छह विभागों की संयुक्त टीम उतरेगी मैदान में
बरेली के मंडलायुक्त भूपेंद्र सिंह चौधरी।

सीमा क्षेत्र में शुरू होगा विशेष सर्वे अभियान

बरेली मंडल के आयुक्त भूपेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध रूप से रह रहे संदिग्ध अप्रवासियों की पहचान के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। संयुक्त टीम गांव-गांव जाकर यह जानकारी जुटाएगी कि सीमा पार से किस प्रकार के लोगों की आवाजाही हो रही है, कहां नई बस्तियां विकसित हुई हैं, किन क्षेत्रों में नए धार्मिक स्थल बने हैं तथा कहीं अस्थायी ठिकाने तो नहीं बनाए गए हैं।

किरायेदारों और मकान मालिकों की होगी जांच

आयुक्त ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अवैध रूप से रह रहे कुछ बांग्लादेशी नागरिक पहले झोपड़ियों में रहते थे, लेकिन समय के साथ सजातीय लोगों के मकानों में किराए पर रहने लगे। आरोप है कि कुछ लोगों ने सहानुभूति के आधार पर उनके आधार कार्ड और राशन कार्ड तक बनवा दिए, जिससे वे सरकारी योजनाओं का लाभ भी लेने लगे। अब किराएदारों का व्यापक सत्यापन कराया जाएगा और ऐसे लोगों से भी पूछताछ होगी जिन्होंने उन्हें शरण या आवास उपलब्ध कराया है।

खुफिया नेटवर्क होगा और मजबूत

प्रशासन का मानना है कि भारत-नेपाल के बीच खुली सीमा और दोनों देशों के नागरिकों की सामान्य आवाजाही की आड़ में घुसपैठ की संभावनाओं को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसी वजह से खुफिया तंत्र को और मजबूत किया जाएगा। ग्रामीणों से प्रत्यक्ष संवाद कर यह जानकारी भी जुटाई जाएगी कि हाल के वर्षों में किन क्षेत्रों में नई बसावट हुई है और वहां रहने वाले लोगों की पृष्ठभूमि क्या है।

डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक

पीलीभीत के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बुधवार को गांधी सभागार में सीमावर्ती क्षेत्रों में कार्यरत सभी छह विभागों के अधिकारियों की बैठक बुलाई। बैठक में नेपाल सीमा से लगे गांवों की वर्तमान स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था और संभावित चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सीमा क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जाए और सर्वे अभियान की तैयारी तत्काल शुरू की जाए।

43 किलोमीटर सीमा, 60 गांव और संवेदनशील इलाका

पीलीभीत जिले की लगभग 43 किलोमीटर लंबी नकटाह सीमा नेपाल से जुड़ी हुई है। इसमें लगभग 15 किलोमीटर क्षेत्र आबादी वाला है जबकि शेष हिस्सा जंगलों से घिरा है। सुंदरनगर, बूंदीभूड़, नौजल्हा, कंबोजनगर और टाटरगंज जैसे गांवों की छोटी-छोटी बाजारों में नेपाली नागरिक नियमित रूप से खरीदारी के लिए आते हैं। इसी प्रकार भारतीय ग्रामीण भी नेपाल आते-जाते रहते हैं। प्रशासन अब यह परखेगा कि इस वैध आवाजाही की आड़ में कहीं अवैध घुसपैठ तो नहीं हो रही।

जनसंख्या परिवर्तन पर भी रहेगी नजर

केंद्र सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति देश में अवैध घुसपैठ और अन्य कारणों से हो रहे जनसंख्या परिवर्तन का अध्ययन कर रही है। यह समिति राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और सीमा प्रबंधन से जुड़े सुझाव सरकार को देगी। पीलीभीत सीमा क्षेत्र से जुटाई जाने वाली रिपोर्ट भी इसी अध्ययन का हिस्सा बनेगी।

एक सप्ताह में शुरू होगा अभियान

आयुक्त भूपेंद्र सिंह चौधरी के अनुसार विस्तृत दिशा-निर्देश मिलने के बाद अभियान एक सप्ताह के भीतर शुरू कर दिया जाएगा। संयुक्त टीम गांवों में पहुंचकर प्रत्येक पहलू की जांच करेगी और सीमा सुरक्षा से जुड़े हर तथ्य को दस्तावेजीकृत करेगी।

SP_Singh AURGURU Editor