लघु उद्योग भारती के 33वें स्थापना दिवस पर आत्मनिर्भर भारत और एमएसएमई सशक्तिकरण पर मंथन, आगरा में उद्योगों के स्वर्णिम भविष्य का रोडमैप तैयार, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह बोले- उद्यमियों की ताकत से बदलेगा उत्तर प्रदेश का औद्योगिक नक्शा

आगरा। लघु उद्योग भारती द्वारा 33वें स्थापना दिवस समारोह का भव्य आयोजन शनिवार को वाटर वर्क स्थित अग्रवन में किया गया। “विरासत से विकास तक : आगरा के लघु उद्योगों का स्वर्णिम सफर” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं अति सूक्ष्म उद्योगों (एमएसएमई) की भूमिका, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर व्यापक मंथन किया गया।

May 24, 2026 - 22:38
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लघु उद्योग भारती के 33वें स्थापना दिवस पर आत्मनिर्भर भारत और एमएसएमई सशक्तिकरण पर मंथन, आगरा में उद्योगों के स्वर्णिम भविष्य का रोडमैप तैयार, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह बोले- उद्यमियों की ताकत से बदलेगा उत्तर प्रदेश का औद्योगिक नक्शा
लघु उद्योग भारती के 33वें स्थापना दिवस पर रविवार को आगरा के अग्रवन में आयोजित कार्यक्रम का दीप जलाकर उद्घाटन करते यूपी के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह। साथ हैं संगठन के पदाधिकारी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि उद्यमियों के सहयोग से सरकार ‘उद्योग एक्सप्रेस’ को और तेज गति से आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि देश ने वह दौर भी देखा है जब वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी 23 प्रतिशत तक थी, लेकिन समय के साथ इसमें गिरावट आई।

उन्होंने कानपुर के ऐतिहासिक औद्योगिक स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि कभी यह शहर मैनचेस्टर ऑफ नॉर्थ इंडिया के नाम से जाना जाता था, लेकिन गलत नीतियों और परिस्थितियों के कारण उद्योगों को नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में उद्योगों के लिए सकारात्मक वातावरण बना है और राज्य निवेश के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है।

उत्तर प्रदेश बना निवेश का केंद्र, एक्सप्रेस-वे और एयरपोर्ट से नई रफ्तार

पर्यटन मंत्री ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आया है और उत्तर प्रदेश अब सरप्लस रेवेन्यू राज्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि आगरा अब जेवर एयरपोर्ट, एक्सप्रेस-वे नेटवर्क और राष्ट्रीय परियोजनाओं से सीधा जुड़ चुका है, जिससे औद्योगिक विकास को नई गति मिली है।

उन्होंने बताया कि बटेश्वर धाम का व्यापक कायाकल्प किया जाएगा, जहां 101 प्राचीन शिव मंदिरों का जीर्णोद्धार हो रहा है और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की विशाल प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। साथ ही फतेहपुर सीकरी में जल्द ही लाइट एंड साउंड शो शुरू होगा, जिससे पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।

एमएसएमई सेक्टर बनेगा विकसित भारत 2047 की रीढ़

जयवीर सिंह ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में एमएसएमई सेक्टर की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि यदि लघु उद्योग ग्रामीण महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ें, तो न केवल उन्हें सम्मानजनक जीवन मिलेगा बल्कि उद्योगों को भी कुशल कार्यबल प्राप्त होगा।

संगठन की 33 साल की यात्रा और औद्योगिक चेतना का विस्तार

कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष मधुसूदन दादू ने की। मंच पर राकेश गर्ग (उप्र लघु उद्योग निगम अध्यक्ष), डॉ. मंजू भदौरिया (जिला पंचायत अध्यक्ष), अनुज कुमार (संयुक्त आयुक्त उद्योग), राजकुमार गुप्ता (भाजपा महानगर अध्यक्ष), दीपक अग्रवाल (राष्ट्रीय सचिव, लघु उद्योग भारती), राकेश अग्रवाल (ब्रज प्रांत अध्यक्ष), अमरेंद्र शर्मा (ब्रज प्रांत महामंत्री), पूरन डावर (फुटवियर एवं चमड़ा उद्योग परिषद अध्यक्ष) तथा डॉ. रंजना बंसल सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं भगवान विश्वकर्मा तथा भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन के साथ हुआ। इसके बाद संगठन की 33 वर्षों की उपलब्धियों और एमएसएमई सेक्टर की भूमिका पर विशेष प्रस्तुति दी गई।

आत्मनिर्भर भारत में एमएसएमई की निर्णायक भूमिका

जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता ने कहा कि लघु उद्योग भारती पिछले 33 वर्षों से राष्ट्रहित और उद्योगहित के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि संगठन आज देश के 27 राज्यों में सक्रिय है और 70 हजार से अधिक उद्योग सदस्यों की आवाज बन चुका है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई मंत्रालय की स्थापना और इस सेक्टर को अलग पहचान दिलाने में संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। साथ ही टीटीजेड जैसी बाध्यताओं से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए संगठन लगातार प्रयासरत है।

विरासत से विकास तक विषय पर गहन मंथन

कार्यक्रम में जूता एवं लेदर, पेठा, मार्बल एवं स्टोन हैंडीक्राफ्ट, फाउंड्री एवं इंजीनियरिंग, जरी-जरदोजी, गारमेंट, फूड प्रोसेसिंग सहित विभिन्न एमएसएमई क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि यदि परंपरागत उद्योगों को आधुनिक तकनीक, निर्यात प्रोत्साहन और नवाचार से जोड़ा जाए तो आगरा देश का सबसे मजबूत एमएसएमई मॉडल बन सकता है।

संगठन को आंदोलन बताया गया

राष्ट्रीय अध्यक्ष मधुसूदन दादू ने कहा कि लघु उद्योग भारती केवल संगठन नहीं बल्कि राष्ट्रवादी आर्थिक विचारधारा का आंदोलन है। उन्होंने युवाओं से उद्यमिता से जुड़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल रावी ने किया। कार्यक्रम प्रभारी आलोक अग्रवाल और संयोजक नितेश गुप्ता ने सभी अतिथियों एवं उद्यमियों का आभार व्यक्त किया। जिला महासचिव राजीव बंसल और कोषाध्यक्ष संजीव जैन ने अतिथियों का स्वागत किया।

SP_Singh AURGURU Editor