दो दिन में खाते से उड़ाए ₹7 लाख, ईमेल बदलकर महिला को बनाया डिजिटल ठगी का शिकार

आगरा के कमला नगर क्षेत्र में साइबर ठगों ने शालीमार एन्कलेव निवासी रितू लालवानी के एचडीएफसी बैंक खाते से दो दिनों में करीब ₹7 लाख उड़ा दिए। आरोपियों ने पहले खाते की ईमेल आईडी बदली, जिससे ट्रांजैक्शन अलर्ट पीड़िता तक नहीं पहुंच सके। मोबाइल नंबर बंद होने का फायदा उठाकर ठगों ने रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी। पुलिस अब आईपी एड्रेस और बैंक ट्रांजैक्शन डिटेल के जरिए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

May 26, 2026 - 01:59
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दो दिन में खाते से उड़ाए ₹7 लाख,  ईमेल बदलकर महिला को बनाया डिजिटल ठगी का शिकार

कमला नगर की महिला के बैंक खाते में सेंध, मोबाइल बंद होने का उठाया फायदा; बिना अलर्ट पहुंचे खाली कर दिया अकाउंट

आगरा। ताजनगरी में साइबर अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब ठग सिर्फ ओटीपी या लिंक भेजकर लोगों को निशाना नहीं बना रहे, बल्कि बैंक खातों से जुड़े संपर्क विवरण बदलकर बड़ी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ताजा मामला कमला नगर क्षेत्र का है, जहां शातिर साइबर ठगों ने एक महिला के बैंक खाते से बेहद सुनियोजित तरीके से करीब ₹7 लाख पार कर दिए।

हैरानी की बात यह रही कि खाते से लाखों रुपये निकलते रहे और पीड़िता को इसकी भनक तक नहीं लगी। ठगों ने इतनी सफाई से खेल खेला कि बैंक अलर्ट तक महिला तक नहीं पहुंच सके।

दो दिन में खाली कर दिया बैंक खाता

कमला नगर के शालीमार एन्कलेव निवासी रितू लालवानी का खाता हींग की मंडी स्थित एचडीएफसी बैंक शाखा में है। साइबर अपराधियों ने उनके खाते को निशाना बनाते हुए दो दिनों के भीतर पूरी रकम अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए निकाल ली। जानकारी के अनुसार, पहले दिन आरोपियों ने दो बार में ₹4 लाख और ₹1.50 लाख ट्रांसफर किए। इसके बाद अगले दिन फिर ₹1.56 लाख खाते से निकाल लिए गए। इस तरह कुल लगभग ₹7 लाख की रकम साफ कर दी गई।

ईमेल आईडी बदलकर दबा दिए बैंक अलर्ट

इस साइबर ठगी की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ठगों ने सिर्फ पैसे ही नहीं निकाले, बल्कि खाते में दर्ज ईमेल आईडी भी बदल दी। ईमेल बदलने के बाद खाते से होने वाले ट्रांजैक्शन अलर्ट पीड़िता तक पहुंचना बंद हो गए। उसी दौरान महिला का मोबाइल नंबर भी बंद था, जिसका फायदा उठाकर ठगों ने बिना किसी रुकावट के वारदात को अंजाम दे दिया। जब महिला ने बाद में बैंक डिटेल चेक की, तब खाते से रकम गायब होने की जानकारी सामने आई।

आईपी एड्रेस और ट्रांजैक्शन डिटेल खंगाल रही पुलिस

घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता ने पुलिस को लिखित शिकायत दी। शुरुआती जांच के बाद साइबर सेल और पुलिस की विशेष टीम मामले की पड़ताल में जुट गई है। पुलिस अब बैंक से उस आईपी एड्रेस और डिजिटल लॉग की जानकारी जुटा रही है, जिनके जरिए ईमेल आईडी बदली गई और रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर की गई। साथ ही जिन खातों में पैसे भेजे गए हैं, उनकी भी जांच की जा रही है।

साइबर ठगों का बदला तरीका

यह मामला साफ संकेत देता है कि साइबर अपराधी अब नए और ज्यादा खतरनाक तरीके अपना रहे हैं। पहले जहां ठगी ओटीपी या फर्जी कॉल तक सीमित थी, वहीं अब सीधे बैंक प्रोफाइल और संपर्क विवरण को निशाना बनाया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मोबाइल नेटवर्क अचानक बंद हो जाए, बैंक से जुड़े मैसेज आना बंद हो जाएं या ईमेल/मोबाइल नंबर में बिना जानकारी बदलाव दिखे तो तुरंत बैंक शाखा, साइबर हेल्पलाइन और पुलिस से संपर्क करना चाहिए।