आगरा में अंसल बिल्डर पर प्रशासन का बड़ा शिकंजा, 5.60 करोड़ के बकाये पर संपत्तियां कुर्क

आगरा में यूपी रेरा के करीब 5.60 करोड़ रुपये के बकाये को लेकर प्रशासन ने अंसल बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की है। एडीएम सदर के आदेश पर 17 वसूली प्रमाण पत्रों के आधार पर अचल संपत्तियां कुर्क की गईं। सदरवन और जऊपुरा स्थित भूखंडों पर नोटिस चस्पा किए गए हैं। ताज सुषांत सिटी और अंसल एपीआई से जुड़ी संपत्तियां भी कार्रवाई के दायरे में हैं। कुर्क संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर रोक लगाते हुए उल्लंघन करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

Oct 13, 2026 - 01:39
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आगरा में अंसल बिल्डर पर प्रशासन का बड़ा शिकंजा, 5.60 करोड़ के बकाये पर संपत्तियां कुर्क

यूपी रेरा की बकाया वसूली को लेकर कार्रवाई, एडीएम सदर के आदेश पर सदरवन और जऊपुरा के भूखंडों पर चस्पा किए कुर्की नोटिस, खरीद-बिक्री पर रोक

आगरा। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) के बकाये की वसूली को लेकर आगरा प्रशासन ने अंसल बिल्डर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। करीब 5.60 करोड़ रुपये की बकाएदारी के मामले में प्रशासन ने बिल्डर की अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। एडीएम सदर के आदेश पर की गई इस कार्रवाई से रियल एस्टेट क्षेत्र में हलचल मच गई है।

प्रशासन ने वसूली के लिए जारी किए गए 17 वसूली प्रमाण पत्रों के आधार पर यह कदम उठाया है। कार्रवाई के दौरान सदरवन और जऊपुरा स्थित भूखंडों पर कुर्की के नोटिस चस्पा किए गए। बताया गया है कि ताज सुषांत सिटी और अंसल एपीआई से जुड़ी संपत्तियां भी इस कार्रवाई के दायरे में हैं।

5.60 करोड़ रुपये की वसूली के लिए प्रशासन की कार्रवाई

यूपी रेरा के बकाये की वसूली के लिए प्रशासन की ओर से लंबे समय से प्रक्रिया चल रही थी। इसी क्रम में बकाया रकम की वसूली के लिए जारी 17 प्रमाण पत्रों के आधार पर अंसल बिल्डर की अचल संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई की गई। प्रशासन का यह कदम बकाया वसूली की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 5.60 करोड़ रुपये की देनदारी के मामले में संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई से बिल्डर पर बकाया चुकाने का दबाव बढ़ सकता है।

सदरवन और जऊपुरा के भूखंडों पर चस्पा किए नोटिस

कार्रवाई के तहत प्रशासन ने सदरवन और जऊपुरा क्षेत्र में स्थित भूखंडों पर कुर्की के नोटिस चस्पा किए। ताज सुषांत सिटी और अंसल एपीआई से जुड़ी संपत्तियों को भी कार्रवाई के दायरे में शामिल बताया गया है। संपत्तियों पर नोटिस चस्पा किए जाने के साथ ही संबंधित पक्षों को प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी दी गई है। कुर्की का उद्देश्य बकाया धनराशि की वसूली सुनिश्चित करना है।

कुर्क संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध

प्रशासन ने कुर्क की गई संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। चेतावनी दी गई है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने या कुर्क संपत्तियों के संबंध में नियमों के विरुद्ध लेन-देन करने पर संबंधित पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इस कदम का उद्देश्य कुर्क संपत्तियों के हस्तांतरण को रोकना और वसूली की प्रक्रिया के दौरान उनकी स्थिति बनाए रखना है। ऐसे में इन भूखंडों से जुड़े किसी भी लेन-देन से पहले संबंधित प्रशासनिक आदेशों और संपत्ति की कानूनी स्थिति की जांच करना महत्वपूर्ण होगा।

रियल एस्टेट क्षेत्र में कार्रवाई से बढ़ी हलचल

अंसल बिल्डर की संपत्तियों पर हुई कार्रवाई को यूपी रेरा के बकाये की वसूली के मामले में प्रशासन की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। रियल एस्टेट परियोजनाओं से जुड़े मामलों में बकाया वसूली और नियामकीय आदेशों के अनुपालन को लेकर ऐसी कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जाती है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से 5.60 करोड़ रुपये की बकाएदारी के आधार पर संपत्तियों की कुर्की की गई है। आगे की प्रक्रिया में बकाया धनराशि की वसूली और कुर्क संपत्तियों के संबंध में जारी आदेशों का अनुपालन अहम रहेगा।