अधिकमास में आस्था और भक्ति की दिव्यता से सराबोर आगरा- कलश यात्रा, भागवत कथा, रुद्राभिषेक और मंदिर उत्सवों की श्रृंखलाओं में उमड़ा श्रद्धा सागर

आगरा। पुरुषोत्तम अधिक मास के पावन अवसर पर आगरा और आसपास के क्षेत्रों में एक साथ कई धार्मिक आयोजन चल रहे हैं, जिन्होंने पूरे शहर को भक्ति, संस्कृति और वैदिक परंपराओं की ऊर्जा से सराबोर कर दिया। कहीं कलश यात्रा की भव्यता थी, तो कहीं भागवत कथा का अमृत प्रवाह, कहीं रुद्राभिषेक का वैदिक अनुष्ठान, तो कहीं पुष्टिमार्गीय मंदिरों में ठाकुरजी के दिव्य मनोरथ दर्शन। इन सभी आयोजनों ने मिलकर आगरा को एक आध्यात्मिक तीर्थ के रूप में परिवर्तित कर दिया।

May 18, 2026 - 22:18
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अधिकमास में आस्था और भक्ति की दिव्यता से सराबोर आगरा- कलश यात्रा, भागवत कथा, रुद्राभिषेक और मंदिर उत्सवों की श्रृंखलाओं में उमड़ा श्रद्धा सागर

लोहामंडी में 251 जोड़ों का महा रुद्राभिषेक, तीन घंटे तक गूंजा ॐ नमः शिवाय

आगरा। महाराजा अग्रसेन भवन, लोहा मंडी में शिव परिवार संस्था द्वारा श्री शिव महापुराण कथा के द्वितीय दिवस पर भव्य रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। इसमें 251 जोड़ों ने नर्मदेश्वर शिवलिंगों पर तीन घंटे तक दुग्ध और जल से अभिषेक किया।

11 ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान संपन्न कराया। कथा व्यास मृदुलकांत शास्त्री ने सती जन्म, नारद मोह और कुबेर चरित्र का वर्णन किया।

मुख्य यजमान छोटेलाल बंसल एवं कांता बंसल रहे। उन्होंने कहा कि शिव आराधना जीवन को संयम और धर्म के मार्ग पर ले जाती है। पूरा परिसर शिवमय हो गया।

जयपुर हाउस–प्रताप नगर में 551 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा, केदारनाथ झांकी और विंटेज कार बनी आकर्षण

आगरा। पुरुषोत्तम मास की पावन शुरुआत पर जयपुर हाउस एवं प्रताप नगर क्षेत्र में श्री बुर्जीवाला मंदिर संचालन समिति द्वारा भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा में 551 महिलाओं ने पीतवस्त्र धारण कर सिर पर कलश लेकर अनुशासित रूप से सहभागिता की।

कलश यात्रा का शुभारंभ चिन्ताहरण मंदिर से हुआ, जहां पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री रामशंकर कठेरिया एवं धर्माचार्य मृदुलकांत शास्त्री ने विधिवत शुभारंभ कराया। मुख्य यजमान गौरव बंसल एवं निधि बंसल रहे।

यात्रा में विघ्नहर्ता गणेश, राधा-कृष्ण, बांके बिहारी, शिव परिवार और राम दरबार की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। विशेष आकर्षण केदारनाथ धाम की झांकी और रॉयल विंटेज कार रही, जिसे श्रद्धालुओं ने मोबाइल में कैद किया। सुधीर बैंड की भक्ति धुनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए।

जयपुर हाउस स्थित श्री बुर्जीवाला मंदिर में पुरुषोत्तम अधिक मास के अवसर पर सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा व्यास आचार्य पंडित राजेश शास्त्री महाराज ने प्रथम दिवस महात्म्य कथा, शुक्रदेव प्रसंग और महाराज परीक्षित जन्म का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत जीवन को दिशा देने वाली अमृत कथा है, जो मनुष्य को धर्म, भक्ति और सत्य के मार्ग पर ले जाती है। कथा के दौरान श्रद्धालु भावविभोर होकर भक्ति रस में डूब गए। कार्यक्रम में गौरव बंसल, निधि बंसल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा प्रतिदिन सांय 4 बजे से 7 बजे तक आयोजित की जा रही है।

यमुना तट पर दिव्य कथा मंडपम, हरिनाम संकीर्तन और वैदिक अनुष्ठान से भक्तिमय हुआ वातावरण

आगरा। यमुना किनारे ताज व्यू गार्डन फेस-1 पार्किंग क्षेत्र में श्री मनःकामेश्वर मंदिर मठ द्वारा श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। कथा मंडपम को भव्य रूप से सजाया गया, जिसमें श्रीनाथजी स्वरूप और द्वादश ज्योतिर्लिंग ने श्रद्धालुओं को ब्रजधाम की अनुभूति कराई।

कथा का शुभारंभ भगवान गणेश पूजन और 11 ब्राह्मणों के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। कथा व्यास श्री महंत योगेश पुरी ने पुरुषोत्तम मास, दान, भक्ति और आत्मज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि “शास्त्र ही धर्म का संविधान हैं” और कथा श्रवण के लिए मन और शरीर की शुद्धता आवश्यक है। कार्यक्रम में प्रतिदिन यमुना आरती का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।

इस्कॉन आगरा कथा में परीक्षित जन्म प्रसंग, हरे कृष्ण संकीर्तन से गूंजा सूर्य नगर

आगरा। समाधि पार्क, सूर्य नगर में इस्कॉन आगरा एवं राधा सखी ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के दूसरे दिन भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।

कथा का शुभारंभ हरे कृष्ण महामंत्र संकीर्तन से हुआ और समापन भी संकीर्तन के साथ हुआ। कथा व्यास सार्वभौम प्रभु ने महाराज परीक्षित के जन्म, कलियुग विजय और श्राप प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया।

उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन का आध्यात्मिक मार्गदर्शन है, जो आत्मा को श्रीकृष्ण से जोड़ता है। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्ति रस में डूबे रहे।

पुष्टिमार्गीय मंदिरों में बगीचा और रथयात्रा मनोरथ, ठाकुरजी के दिव्य दर्शन से भक्त मंत्रमुग्ध

यमुना किनारा स्थित श्री मथुराधईश मंदिर में बगीचा स्वरूप में सजे ठाकुर जी की एक झलक।

आगरा। यमुना किनारा स्थित श्री मथुराधीश मंदिर में ठाकुरजी को बगीचा स्वरूप में सजाया गया, जिससे पूरा मंदिर हरियाली और पुष्पों से दिव्य रूप में बदल गया। भक्तों ने ठाकुरजी के दर्शन कर भक्ति भाव अनुभव किया।

यमुना सेवक बृज खंडेलवाल जी व मंदिर के महन्त नन्दन श्रोत्रिय ने बताया कि पुष्टिमार्ग में बगीचा उत्सव अत्यंत मधुर, भावपूर्ण और प्रकृति-रस क साथ उत्सव मनाया गया। यह उत्सव ठाकुरजी की बाल-लीलाओं, निकुंज-विहार और ब्रज की प्राकृतिक छटा का प्रतीक है।

ठाकुरजी को मोर-मुकुट, मोर-पंखों से सुसज्जित आभूषण और प्रकृति-प्रधान शृंगार धारण कराया गया। यह उत्सव ब्रजभूमि के वन, कुंज, यमुना तट और श्रीकृष्ण की मधुर लीलाओं की स्मृति को जीवंत कर देता है। भक्तों को ऐसा भावपूर्ण दर्शन होता है, मानो ठाकुरजी स्वयं ब्रज के उपवनों में विहार कर रहे हों। संध्या आरती यमुना आरती महन्त जुगल श्रोत्रिय ने की। इस अवसर पर मुख्य रूप से गिरिराज किशोर सादानी, रतन सादानी, रोहित सादानी. आव्या श्रोत्रिय,  ओजस्वी भारद्वाज, मनीष भारद्वाज, राघव, अथर्व, राघव, अभिनव, अपाला, राकेश शर्मा आदि उपस्थित थे।

प्रेमनिधि मंदिर में रथयात्रा मनोरथ दर्शन

अधिकमास महोत्सव के दूसरे दिन श्री प्रेमनिधि मंदिर में रथयात्रा मनोरथ में विराजमान ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी महाराज के दर्शन करते श्रद्धालु।Top of Form

वहीं नाई की मंडी स्थित श्री प्रेमनिधि मंदिर में श्री श्याम बिहारी जी महाराज के रथयात्रा मनोरथ दर्शन कराए गए। मंदिर परिसर को भव्य पुष्प सज्जा और दीपों से अलंकृत किया गया। व्रजभाव से संपन्न इस उत्सव में ठाकुरजी को सुसज्जित रथ में विराजमान कर दर्शन कराए गए। संपूर्ण मंदिर परिसर को मनोहारी सजावट, पुष्प और दीपों से अलंकृत किया गया, जिससे वातावरण पूर्णतः भक्ति रस में सराबोर रहा।

मुख्य सेवाधारी हरिमोहन गोस्वामी और सेवा अधिकारी सुनीत गोस्वामी ने बताया कि रथयात्रा मनोरथ में ठाकुरजी रथ में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देते हैं, जो इस भावना का प्रतीक है कि प्रभु अपने भक्तों की मनोकामना पूर्ण करने स्वयं उनके समीप आते हैं। मंदिर प्रशासक दिनेश पचौरी ने बताया कि 15 जून तक चलने वाले इस महोत्सव में प्रतिदिन ठाकुरजी के विविध मनोरथ आयोजित होंगे। मंगलवार को अक्षय तृतीया मनोरथ दर्शन होंगे।

SP_Singh AURGURU Editor