आगरा कॉलेज में बौद्धिक संपदा अधिकार और पेटेंट सर्च पर मंथन, विद्यार्थियों को नवाचार सुरक्षा का दिया गया ज्ञान

आगरा। आगरा कॉलेज, आगरा में इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल समिति द्वारा बौद्धिक संपदा अधिकार एवं पेटेंट सर्च विषय पर आयोजित व्याख्यान में नवाचार, शोध और तकनीकी विकास को लेकर गहन चर्चा हुई। कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ता डॉ. शिल्पी लवानिया ने विद्यार्थियों और शोधार्थियों को बौद्धिक संपदा संरक्षण, पेटेंट प्रक्रिया और शोध की मौलिकता के महत्व से अवगत कराया।

May 24, 2026 - 19:11
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आगरा कॉलेज में बौद्धिक संपदा अधिकार और पेटेंट सर्च पर मंथन, विद्यार्थियों को नवाचार सुरक्षा का दिया गया ज्ञान
आगरा कॉलेज में बौद्धिक संपदा अधिकार और पेटेंट सर्च पर हुए व्याख्यान में विशेषज्ञ वक्ता डॊ. शिल्पी लवानिया को स्मृति चिह्न प्रदान करते शिक्षकगण।

अपने व्याख्यान में डॉ. शिल्पी लवानिया ने बताया कि बौद्धिक संपदा अधिकार नवाचार, सृजनात्मकता और शोध कार्यों की सुरक्षा का मजबूत माध्यम है। उन्होंने पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क, औद्योगिक डिजाइन, व्यापारिक गोपनीयता तथा भौगोलिक संकेतक जैसे विभिन्न स्वरूपों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार न केवल आविष्कारकों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करते हैं, बल्कि तकनीकी विकास और आर्थिक प्रगति को भी गति देते हैं।

व्याख्यान के दौरान उन्होंने पेटेंट प्राप्ति की आवश्यकताओं और पेटेंट सर्च प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने गूगल पेटेंट्स, डब्ल्यूआईपीओ पेटेंटस्कोप, इनपास, यूएसपीटीओ तथा एस्पासेनेट जैसे प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से पेटेंट खोज की विधि बताई। साथ ही बूलियन ऑपरेटर्स जैसे एंड, ऑर और नॉट के प्रयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन कर यह समझाया कि शोध में नवीनता और रिसर्च गैप की पहचान कैसे नए आविष्कारों का मार्ग प्रशस्त करती है।

कार्यक्रम में एआई आधारित उपस्थिति प्रणाली और स्मार्ट तकनीकों के उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को यह बताया गया कि पेटेंट सर्च किस प्रकार शोध की मौलिकता बनाए रखने और अनावश्यक पुनरावृत्ति से बचने में मददगार साबित होता है।

डॉ. शिल्पी लवानिया ने नोवार्टिस बनाम यूनियन ऑफ इंडिया, याहू बनाम आकाश अरोड़ा, बजाज ऑटो बनाम टीवीएस मोटर्स तथा पेप्सीको बनाम गुजरात फार्मर्स जैसे महत्वपूर्ण भारतीय बौद्धिक संपदा मामलों का उल्लेख करते हुए उनके कानूनी और व्यावसायिक पहलुओं पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने पेटेंट और बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़े सवाल पूछे। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

इस ज्ञानवर्धक कार्यक्रम में शिक्षकों, शोधार्थियों एवं छात्र-छात्राओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम में उपप्राचार्य प्रोफेसर पी.बी. झा, प्रोफेसर सुनीता गुप्ता, आईआईसी अध्यक्ष प्रोफेसर कल्पना चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष प्रोफेसर आशीष कुमार, प्रोफेसर रिजु निगम, प्रोफेसर संजीव शर्मा, प्रोफेसर मंजू शर्मा, डॉ. सत्यदेव, डॉ. जावेद, डॉ. अरविंद गुप्ता, डॉ. कृष्णवीर, डॉ. यशस्विता तथा डॉ. पारुल महाजन सहित अनेक शिक्षक मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor