एआई क्रांति से बदल रहा सीए प्रोफेशन, जो अपनाएगा तकनीक वही बनेगा भविष्य का लीडर, सिकासा की वर्कशॊप का समापन
आगरा। संजय प्लेस स्थित सीए भवन में द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की आगरा शाखा की छात्र इकाई सिकासा द्वारा आयोजित दो दिवसीय औराः एआई कार्यशाला का सोमवार को समापन हो गया। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट ही भविष्य के सबसे सफल और प्रतिस्पर्धी प्रोफेशनल साबित होंगे। एआई के उपयोग से ऑडिट और अकाउंटिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बन रही है।
कार्यक्रम का शुभारंभ सिकासा अध्यक्ष एवं आगरा शाखा के कोषाध्यक्ष सीए अंकित मित्तल, उपाध्यक्ष सीए आयुष गोयल, सीए अभिलाष अग्रवाल और सीए रूपल गर्ग ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यशाला में वक्ता सीए रूपल गर्ग ने कहा कि एआई की सहायता से अकाउंटिंग, ऑडिटिंग, डेटा एनालिसिस एवं अन्य प्रोफेशनल कार्य अधिक सटीक और समयबद्ध तरीके से किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ विद्यार्थियों और प्रोफेशनल्स को तकनीकी बदलावों के अनुरूप स्वयं को अपडेट रखना आवश्यक है। अब चार्टर्ड अकाउंटेंट केवल पारंपरिक हिसाब-किताब तक सीमित नहीं है, बल्कि बिजनेस स्ट्रेटेजी, फाइनेंशियल प्लानिंग और रिस्क मैनेजमेंट में भी अहम भूमिका निभा रहा है।
वक्ता सीए अभिलाष अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि भविष्य में तकनीक और मानवीय विशेषज्ञता का संतुलन ही सफल सीए की पहचान तय करेगा। उन्होंने कहा कि जो प्रोफेशनल समय रहते एआई आधारित टूल्स को अपनाएंगे, वही आने वाले समय में अधिक प्रतिस्पर्धी और सफल साबित होंगे। एआई टूल्स लाखों वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण कर संदिग्ध गतिविधियों और संभावित धोखाधड़ी की पहचान तेजी से कर सकते हैं, जिससे ऑडिट प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी बन रही है।
सिकासा अध्यक्ष सीए अंकित मित्तल ने बताया कि दो दिवसीय कार्यशाला में विद्यार्थियों को एआई एवं आधुनिक तकनीकी टूल्स के व्यावहारिक उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंसी प्रोफेशन में एआई का भविष्य अत्यंत व्यापक है और यह पूरी कार्यप्रणाली को बदलने की क्षमता रखता है। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सीए छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही, जिनमें आइना गुप्ता, अभय सोनी, अभिषेक अग्रवाल, अनिरुद्ध चतुर्वेदी, अंश गुप्ता, आर्यन गुप्ता, दक्ष अग्रवाल, देव मित्तल, देवांशी मित्तल, गीतांशी अग्रवाल, इशिका दुबे, कार्तिक सिंघल, खुशी शाक्य, मुस्कान सिंघल, नमन वात्यानी, नियति अग्रवाल, पीहू अग्रवाल, प्रांजलि बंसल, प्रशस्ति जैन, प्रियल गुप्ता, प्रियंशी गुप्ता, प्रियंशु वर्मा, ऋषभ वर्मा, संजना, सयुशी जैन, शांतनु पाठक, श्रेया अग्रवाल, स्नेहा राजपाल, सृष्टि गर्ग, तनिष्क अग्रवाल, तन्वी गर्ग, तोषित जैन, वैभव गोयल एवं ज़ाहा खान आदि शामिल रहे।