रायबरेली से अखिलेश का मिशन-2027 शुरू, पीडीए रथयात्रा में भाजपा पर निशाना, बोले- गठबंधन के साथ लड़ेंगे यूपी का चुनाव

रायबरेली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपना अभियान तेज कर दिया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को रायबरेली से पीडीए रथयात्रा का आगाज किया। विशेष रूप से तैयार रथ पर सवार होकर रायबरेली पहुंचे अखिलेश ने जनसभा में भाजपा सरकार पर निशाना साधने के साथ 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि यदि उस चुनाव में पीडीए के वोटों की कथित चोरी नहीं हुई होती तो उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बन गई होती। यह आरोप अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में लगाया है।

Sep 24, 2026 - 22:56
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रायबरेली से अखिलेश का मिशन-2027 शुरू, पीडीए रथयात्रा में भाजपा पर निशाना, बोले- गठबंधन के साथ लड़ेंगे यूपी का चुनाव
यूपी के रायबरेली से गुरुवार को पीडीए रथयात्रा शुरू करने वाले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव समर्थकों का अभिवादन स्वीकार करते हुए।

अखिलेश ने कहा कि 2027 का विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी गठबंधन के साथ लड़ेगी। उन्होंने सीट बंटवारे को लेकर कहा कि गठबंधन में सीटों की संख्या प्राथमिक मुद्दा नहीं होगी, बल्कि जिस दल या उम्मीदवार के जीतने की संभावना होगी, उसके आधार पर सीट का फैसला किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सपा सहयोगी दलों के साथ आगे बढ़ेगी और सीटों का आधार जीत होगी।

पीडीए को चुनावी अभियान के केंद्र में रखा

रायबरेली की जनसभा में अखिलेश ने पीडीए के जरिए पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को जोड़ने की अपनी राजनीतिक रणनीति को सामने रखा। उन्होंने कहा कि जो पीड़ित, दुखी और अपमानित हैं, वे PDA का हिस्सा हैं। उन्होंने भाजपा पर इन वर्गों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया और कहा कि 2027 में पीडीए के लोग संविधान और आरक्षण की रक्षा के लिए खड़े होंगे।

उन्होंने भाजपा की बुलडोजर नीति पर भी हमला बोला। अखिलेश ने कहा कि बुलडोजर की राजनीति करने वालों के खिलाफ इस बार जनता के वोट का बुलडोजर चलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर बुलडोजर नीति खत्म करने, स्कूल खोलने और पुरानी पेंशन बहाल करने की दिशा में काम किया जाएगा। युवाओं के संदर्भ में उन्होंने अग्निवीर और आउटसोर्सिंग व्यवस्था को समाप्त करने की बात भी कही। ये उनके द्वारा किए गए राजनीतिक वादे और घोषणाएं हैं।

रायबरेली से शुरुआत के सियासी मायने

PDA रथयात्रा के लिए रायबरेली को चुने जाने का भी राजनीतिक महत्व है। रायबरेली लोकसभा क्षेत्र कांग्रेस नेता राहुल गांधी का संसदीय क्षेत्र है। जिले की पांच विधानसभा सीटों में से तीन पर वर्तमान में सपा के विधायक हैं- बछरावां, हरचंदपुर और सरेनी। रायबरेली और ऊंचाहार सीट भाजपा के पास हैं। ऐसे में सपा-कांग्रेस के बीच 2027 के लिए सीट बंटवारे की संभावित बातचीत के बीच अखिलेश का रायबरेली से अभियान शुरू करना चर्चा का विषय बना है।

कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर जुटने का संदेश

अखिलेश ने कार्यकर्ताओं से 2027 की तैयारी बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया। एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में बूथ स्तर पर अतिरिक्त मतदाताओं को जोड़ने पर जोर दिया और पार्टी संगठन को चुनावी तैयारी में सक्रिय करने का संदेश दिया। रथयात्रा के जरिए पार्टी की पहुंच गांवों और कस्बों तक बढ़ाने तथा पीडीए सामाजिक गठजोड़ को मजबूत करने की रणनीति सामने आई है।

रायबरेली पहुंचने से पहले बछरावां क्षेत्र में अखिलेश यादव पीडीए रथ पर सवार हुए। रास्ते में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने रायबरेली में जनसभा को संबोधित किया। बारिश के बीच भी कार्यकर्ता सभा में मौजूद रहे।

चुनाव आयोग पर आरोप, 2022 का मुद्दा फिर उठाया

अखिलेश ने अपने संबोधन में चुनाव आयोग को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में पीडीए के वोटों की कथित चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा नहीं हुआ होता तो सपा की सरकार बनती। यह राजनीतिक आरोप है; उपलब्ध रिपोर्टों में इस दावे को अखिलेश यादव के बयान के रूप में दर्ज किया गया है।

पीडीए रथयात्रा की शुरुआत के साथ ही सपा ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अपने प्रमुख मुद्दों और सामाजिक समीकरण को सामने रखना शुरू कर दिया है। दूसरी ओर, भाजपा की ओर से भी अखिलेश के अभियान और उनके बयानों पर प्रतिक्रिया सामने आई है, जिससे चुनाव से काफी पहले ही दोनों प्रमुख दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं।

SP_Singh AURGURU Editor