डिजिटल बैंक के संकट ने गिराई पराग्वे की सरकार, राष्ट्रपति सैंटियागो पेना महाभियोग से पदच्युत, पेद्रो अलियाना बने नए राष्ट्रपति
असुनसियोन। दक्षिण अमेरिकी देश पराग्वे में बैंकिंग संकट ने राजनीतिक भूचाल ला दिया है। डिजिटल बैंक उएनो की वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग से जुड़े आरोपों के बीच संसद ने राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को महाभियोग के जरिए पद से हटा दिया। उनके स्थान पर पूर्व उपराष्ट्रपति पेद्रो अलियाना ने शुक्रवार को राष्ट्रपति पद की शपथ ली। पद से हटाए जाने के बाद पेना को उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया है और उनके खिलाफ आपराधिक जांच शुरू हो गई है।
पराग्वे की सीनेट में महाभियोग प्रस्ताव पर मतदान के दौरान मौजूद सभी 44 सदस्यों ने पेना को हटाने का समर्थन किया। विपक्ष का आरोप था कि राष्ट्रपति ने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल उएनो बैंक को सरकारी धन उपलब्ध कराने और उसकी वित्तीय अनियमितताओं पर कार्रवाई रोकने के लिए किया।
कैसे शुरू हुआ संकट
उएनो बैंक की वित्तीय स्थिति बिगड़ने और उसके ऋण वितरण तथा पूंजी संबंधी नियमों के उल्लंघन के आरोप सामने आने के बाद केंद्रीय बैंक ने हस्तक्षेप किया। इससे ग्राहकों के खाते और भुगतान सेवाएं प्रभावित हुईं। बैंक में जमा लोगों की बचत को लेकर चिंता बढ़ी और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो गए।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकारी पेंशन फंड से बैंक में लगभग 35.5 करोड़ डॉलर जमा कराए गए, जो निर्धारित कानूनी सीमाओं से अधिक थे। पेना के पुराने कारोबारी संबंधों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। हालांकि, पूर्व राष्ट्रपति ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है।
इस्तीफे की पेशकश भी नहीं आई काम
राजनीतिक संकट गहराने पर पेना ने राष्ट्रपति पद छोड़ने की पेशकश की थी, लेकिन विपक्ष ने महाभियोग की प्रक्रिया पूरी करने पर जोर दिया। शुक्रवार को सीनेट में मतदान के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया। अभियोजन पक्ष ने उनके खिलाफ आगे की जांच शुरू कर दी है।
नए राष्ट्रपति के सामने आर्थिक चुनौती
पेद्रो अलियाना को अगस्त 2028 तक राष्ट्रपति पद की शेष अवधि पूरी करनी है। उनके सामने बैंकिंग व्यवस्था में लोगों का भरोसा बहाल करना, प्रभावित ग्राहकों के हितों की रक्षा करना और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती होगी।
इस घटनाक्रम ने सत्तारूढ़ कोलोराडो पार्टी के भीतर गुटबाजी को भी उजागर किया है। पूर्व राष्ट्रपति होरासियो कार्तेस के प्रभाव और पार्टी के अंदरूनी सत्ता संघर्ष की चर्चा भी तेज हो गई है। अब नए राष्ट्रपति के फैसलों पर देश की आर्थिक स्थिरता और राजनीतिक भविष्य काफी हद तक निर्भर करेगा।