रूस का कीव पर बड़ा हमला, 36 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं; नॉर्दर्न ब्रिज को भी बनाया निशाना, बिजली-पानी की व्यवस्था प्रभावित

कीव। रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव को निशाना बनाकर मिसाइलों और ड्रोन से व्यापक हमला किया। 7 नवंबर की रात हुए इस हमले में ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े प्रतिष्ठानों के साथ परिवहन ढांचे को भी नुकसान पहुंचा। निप्रो नदी पर बना राजधानी का महत्वपूर्ण नॉर्दर्न ब्रिज भी हमले की चपेट में आया। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के मुताबिक, रूस ने 36 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, लेकिन इनमें से केवल चार को ही यूक्रेनी वायु रक्षा प्रणाली रोक पाई।

Nov 8, 2026 - 04:06
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रूस का कीव पर बड़ा हमला, 36 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं; नॉर्दर्न ब्रिज को भी बनाया निशाना, बिजली-पानी की व्यवस्था प्रभावित
फाइल फोटो।

रूसी हमले का प्रमुख निशाना यूक्रेन का ऊर्जा नेटवर्क रहा। ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, कीव के आसपास बिजली आपूर्ति से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान क्षतिग्रस्त हुए। इनका इस्तेमाल परमाणु बिजलीघरों से पैदा होने वाली बिजली को राजधानी और मध्य यूक्रेन के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने में किया जाता है। हमले के बाद बिजली आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया। कई इलाकों में बिजली के साथ पानी और हीटिंग सेवाएं भी प्रभावित हुईं। रिहायशी इमारतों और व्यावसायिक परिसरों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है।

नॉर्दर्न ब्रिज पर भी मिसाइलों की मार

रूसी हमले में कीव का नॉर्दर्न ब्रिज विशेष रूप से प्रभावित हुआ। निप्रो नदी के दोनों किनारों को जोड़ने वाला यह पुल राजधानी के यातायात की महत्वपूर्ण कड़ी है। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, पुल को निशाना बनाकर छह बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, जिनमें चार पुल से टकराईं। इससे सड़क की सतह और ट्रॉलीबस की बिजली आपूर्ति से जुड़ी ओवरहेड लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। एहतियातन पुल पर यातायात रोकना पड़ा। प्रशासन ने मरम्मत और यातायात को वैकल्पिक मार्गों से संचालित करने की व्यवस्था शुरू की।

172 ड्रोन से भी हमला

यूक्रेनी वायुसेना के अनुसार, रूस ने मिसाइल हमलों के साथ 172 ड्रोन भी दागे। इनमें से 149 को मार गिराने या निष्क्रिय करने का दावा किया गया है। जेलेंस्की ने कहा कि हमले में इस्तेमाल कुछ बैलिस्टिक मिसाइलें उत्तर कोरिया में निर्मित थीं। शुरुआती जांच में केएन-23 श्रेणी की मिसाइलों के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। यूक्रेन के अधिकारियों ने बताया कि ऊर्जा प्रतिष्ठानों के अलावा पांच अन्य क्षेत्रों के बिजली सबस्टेशनों को भी निशाना बनाया गया।

दो लोगों की मौत, कई घायल

हमलों में अलग-अलग इलाकों में कम से कम दो लोगों की जान चली गई, जबकि करीब एक दर्जन लोग घायल हुए। कीव में आवासीय इमारतों और बच्चों के एक किंडरगार्टन को भी क्षति पहुंची। घायलों में 14 वर्षीय किशोरी भी शामिल बताई गई है। हमले के बाद राहत और बचाव दल ने प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चलाया। मलबा हटाने और क्षतिग्रस्त बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने का काम शुरू किया गया।

रूस के रक्षा मंत्रालय ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि उसकी सेना ने यूक्रेन के सैन्य-औद्योगिक प्रतिष्ठानों और उनसे जुड़ी ऊर्जा एवं परिवहन सुविधाओं को निशाना बनाया। दूसरी ओर, यूक्रेन ने इसे अपने महत्वपूर्ण नागरिक और ऊर्जा ढांचे पर हमला बताया है।

शांति वार्ता की तैयारियों के बीच बढ़ा तनाव

रूस का यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समाप्त करने के प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए बातचीत की तैयारी चल रही है। अबू धाबी में 10 और 11 नवंबर को तीनों देशों के प्रतिनिधियों की बैठक प्रस्तावित बताई गई है। रूस की ओर से संभावित प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रपति कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी व्लादिमीर मेदिंस्की, उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव और मिखाइल गालुजिन सहित सैन्य अधिकारी शामिल होने की जानकारी दी गई है।

हमले के बाद जेलेंस्की ने अमेरिका से यूक्रेन की हवाई सुरक्षा मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सैन्य सहायता देने की अपील की। उनका कहना है कि रूस के लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों से ऊर्जा ढांचे को बचाना बड़ी चुनौती बन गया है।

SP_Singh AURGURU Editor