47 घंटे की आयकर छापेमारी से व्यापारियों में उबाल, एपी ज्वेलर्स पर कार्रवाई के विरोध में आगरा का सर्राफा बाजार बंद
आगरा। आगरा में एपी ज्वेलर्स पर चल रही आयकर विभाग की लंबी कार्रवाई के विरोध में रविवार को सर्राफा बाजार पूरी तरह ठप रहा। किनारी बाजार समेत शहर के प्रमुख सर्राफा इलाकों में व्यापारियों ने अपनी दुकानें नहीं खोलीं और एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया। बाजार बंद रहने से पूरे सर्राफा कारोबार पर असर पड़ा और खरीदारों को भी मायूस होकर लौटना पड़ा।
आगरा। आगरा में एपी ज्वेलर्स पर चल रही आयकर विभाग की लंबी कार्रवाई के विरोध में रविवार को सर्राफा बाजार पूरी तरह ठप रहा। किनारी बाजार समेत शहर के प्रमुख सर्राफा इलाकों में व्यापारियों ने अपनी दुकानें नहीं खोलीं और एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया। बाजार बंद रहने से पूरे सर्राफा कारोबार पर असर पड़ा और खरीदारों को भी मायूस होकर लौटना पड़ा।
दरअसल एपी ज्वेलर्स के यहां इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई लगातार 47 घंटे से जारी है। आयकर विभाग की टीम ने एक साथ एपी ज्वेलर्स के चार ठिकानों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई की शुरुआत किनारी बाजार स्थित मुख्य प्रतिष्ठान से हुई, जहां भारी फोर्स के साथ पहुंची टीम ने दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू की। इसके बाद अन्य ठिकानों पर भी समन्वित तरीके से कार्रवाई की गई।
सूत्रों के अनुसार यह छापेमारी टैक्स में गड़बड़ी की आशंका के चलते की गई है। जांच के दौरान बिक्री, स्टॉक, खरीद-फरोख्त और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। हालांकि, अब तक आयकर विभाग की ओर से किसी बड़े खुलासे या कर चोरी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, जिससे व्यापारियों में असंतोष और बढ़ गया है।
कार्रवाई को लेकर आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने आयकर विभाग पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पहले 31 घंटे तक चले सर्वे में भी कोई ठोस अनियमितता सामने नहीं आई, इसके बावजूद कार्रवाई को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। उनका आरोप है कि इस तरह की लंबी कार्रवाई से न सिर्फ संबंधित प्रतिष्ठान बल्कि पूरे सर्राफा बाजार की छवि धूमिल हो रही है और कारोबार को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
फिलहाल एक ओर जहां आयकर विभाग की टीम जांच में जुटी हुई है, वहीं दूसरी ओर सर्राफा व्यापारियों का विरोध तेज होता जा रहा है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई को लेकर संतोषजनक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।