एत्मादपुर में दस साल की बालिका से सामूहिक दुष्कर्म के तीनों दोषियों को उम्रकैद, पांच साल बाद अदालत ने सुनाया फैसला

संक्षिप्त समाचार इंट्रो आगरा। एत्मादपुर में दस साल की बालिका से सामूहिक दुष्कर्म के पांच साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कुंदन किशोर सिंह ने तीन दोषियों को आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। फैसले पर पीड़ित परिवार ने संतोष जताया।

Nov 7, 2026 - 22:33
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एत्मादपुर में दस साल की बालिका से सामूहिक दुष्कर्म के तीनों दोषियों को उम्रकैद, पांच साल बाद अदालत ने सुनाया फैसला

-गौरव प्रताप सिंह-

आगरा। एत्मादपुर थाना क्षेत्र में दस साल की एक बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म के करीब पांच साल पुराने मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कुंदन किशोर सिंह ने तीनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर प्रत्येक दोषी को छह-छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत के फैसले से पीड़ित परिवार ने संतोष जताते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिला है।

घटना 18 जुलाई 2021 की है। एत्मादपुर क्षेत्र की एक दस वर्षीया बालिका अपने घर के पास रहने वाले पड़ोसी के घर फ्रिज की बर्फ लेने जा रही थी। रास्ते में पड़ोसी शौकत के बेटे सोनी ने उसे बताया कि उसकी मां घर के अंदर बुला रही हैं। बालिका जब घर के अंदर पहुंची तो वहां सोनी की मां मौजूद नहीं थीं। घर में जाहिद पुत्र रशीद खान और आदिल पुत्र गुड्डू पहले से मौजूद थे।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, सोनी, जाहिद और आदिल ने घर का दरवाजा बंद कर बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता की चीख-पुकार सुनकर उसकी मां मौके पर पहुंची और दरवाजा खुलवाया। अंदर उनकी बेटी लहूलुहान हालत में पड़ी मिली। इसके बाद परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे। पुलिस ने पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण कराया और तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया।

पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत में चल रही थी। शुक्रवार को अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

अदालत के फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत जताई। परिवार का कहना था कि लंबे इंतजार के बाद उन्हें न्याय मिला है।

SP_Singh AURGURU Editor