लॉरेंस बिश्नोई गैंग का विदेश में बैठा बड़ा ऑपरेटर हैरी बॉक्सर अमेरिका में हिरासत में, रोहित शेट्टी और रणवीर सिंह को दे चुका था धमकी, भारत लाने की तैयारी
नई दिल्ली। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। गैंग के प्रमुख ऑपरेटरों में शामिल हरिचंद जाट उर्फ हैरी बॉक्सर को अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) ने कैलिफोर्निया में हिरासत में लिया है। राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और भारतीय केंद्रीय एजेंसियों की लगातार निगरानी तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा की गई खुफिया सूचनाओं के आधार पर यह कार्रवाई हुई। राजस्थान पुलिस के मुताबिक बॉक्सर भारत में हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, अवैध हथियार और संगठित अपराध सहित 22 से अधिक मामलों में वांछित है। भारतीय एजेंसियां अब उसे वापस लाने के लिए अमेरिकी अधिकारियों के साथ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही हैं।
रोहित शेट्टी के घर फायरिंग और रणवीर सिंह को धमकी से जुड़ा नाम
हैरी बॉक्सर का नाम बॉलीवुड अभिनेता और फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी को निशाना बनाने की घटनाओं में सामने आया था। मुंबई में रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आवास के बाहर गोलीबारी की घटना के बाद बॉक्सर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। इसके बाद उसने कथित तौर पर बॉलीवुड से जुड़े लोगों को धमकी भरे संदेश भेजे।
अभिनेता रणवीर सिंह के मैनेजर को भी बॉक्सर के नाम से धमकी भरे वॉयस नोट मिले थे। इन संदेशों में 20 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगे जाने की बात सामने आई थी। मुंबई पुलिस ने इस मामले में उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
जांच एजेंसियों के मुताबिक बॉक्सर ने कनाडा में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर हुई गोलीबारी के बाद भी धमकी भरा ऑडियो जारी किया था। इन घटनाओं के जरिए उसका नाम भारत से बाहर संचालित हो रहे आपराधिक नेटवर्क में प्रमुखता से सामने आया।
दुबई से डोमिनिकन रिपब्लिक और मैक्सिको होते हुए अमेरिका पहुंचा
राजस्थान पुलिस की जांच के अनुसार, हैरी बॉक्सर अप्रैल 2023 में भारत से फरार हुआ था। इसके बाद वह दुबई और डोमिनिकन रिपब्लिक पहुंचा। बाद में मैक्सिको के रास्ते अवैध रूप से अमेरिका में दाखिल हुआ। इस तरीके को आमतौर पर 'डंकी रूट' कहा जाता है।
भारतीय एजेंसियां काफी समय से उसकी अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों पर नजर रख रही थीं। राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने उसकी लोकेशन का पता लगाने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और इंटरपोल के माध्यम से कई देशों की एजेंसियों से संपर्क किया था।
उसके खिलाफ 14 नवंबर 2024 को इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। फरवरी 2025 में गुयाना में उसकी मौजूदगी की जानकारी मिलने पर अस्थायी गिरफ्तारी का अनुरोध भी भेजा गया था, लेकिन वह वहां से निकलकर मैक्सिको के रास्ते अमेरिका पहुंच गया।
राजस्थान पुलिस ने अमेरिकी एजेंसियों को उसकी गतिविधियों और ठिकाने से संबंधित कई बार सूचनाएं भेजीं। अगस्त 2026 में उसका अद्यतन डोजियर और अक्टूबर 2026 में फिंगरप्रिंट संबंधी जानकारी भी साझा की गई थी। इसके बाद कैलिफोर्निया में उसकी मौजूदगी की पुष्टि होने पर ICE ने उसे हिरासत में ले लिया।
विदेश में बैठकर भारत में चलाता था रंगदारी और हथियारों का नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार, हैरी बॉक्सर विदेश में रहते हुए भी भारत में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की आपराधिक गतिविधियों का संचालन कर रहा था। वह कारोबारियों को विदेशी नंबरों से व्हाट्सऐप, सिग्नल और वीओआईपी कॉल के माध्यम से धमकियां दिलवाता था।
रंगदारी नहीं देने वाले कारोबारियों और उनके परिवारों को गोलीबारी के जरिए निशाना बनाने की धमकियां दी जाती थीं। पुलिस के मुताबिक बॉक्सर गैंग के सदस्यों तक हथियार पहुंचाने और भारत में आपराधिक वारदातों के समन्वय में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था।
राजस्थान पुलिस के रिकॉर्ड में उसके खिलाफ वर्ष 2010 से फरवरी 2026 के बीच 22 आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी है। इनमें जयपुर, सीकर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, चित्तौड़गढ़ और बालोतरा सहित विभिन्न जिलों के मामले शामिल हैं।
CBI और इंटरपोल के जरिए भारत लाने की कोशिश
राजस्थान पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) दिनेश एमएन के अनुसार, हैरी बॉक्सर की गिरफ्तारी भारतीय एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा संगठनों के बीच लंबे समय से चल रहे समन्वय का परिणाम है। उसे भारत वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
इस मामले में सीबीआई और इंटरपोल के माध्यम से अमेरिकी अधिकारियों के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अभी उसके भारत प्रत्यर्पण की तारीख या अमेरिकी अदालतों में होने वाली प्रक्रिया के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
हैरी बॉक्सर की हिरासत को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के विदेश से संचालित नेटवर्क के खिलाफ भारतीय एजेंसियों की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि अमेरिकी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे भारत कब लाया जा सकेगा।