आगरा में आशा कार्यकत्रियों का फूटा गुस्सा, लंबित भुगतान को लेकर कलेक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन

आगरा में लंबित भुगतान को लेकर आशा और आशा संगिनी कार्यकत्रियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। कार्यकत्रियों ने सीएमओ कार्यालय के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कई महीनों से रुके भुगतान को जारी करने की मांग की। “एक्स्ट्रा काम का एक्स्ट्रा दाम” और सर्वे कार्य के लिए लिखित भुगतान गारंटी की मांग उठाई गई। मांगें पूरी न होने पर 20 मई से 5 जून 2026 तक हड़ताल की चेतावनी दी गई है।

May 19, 2026 - 15:08
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आगरा में आशा कार्यकत्रियों का फूटा गुस्सा, लंबित भुगतान को लेकर कलेक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन
कलेक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन करतीं आशा कार्यकत्री ।

आगरा। आगरा में लंबित भुगतान को लेकर आशा और आशा संगिनी कार्यकत्रियों  का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। मंगलवार को बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचीं और प्रदर्शन करते हुए स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकत्रियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पर गंभीर आरोप लगाते हुए लंबित मानदेय का भुगतान जल्द कराने की मांग उठाई।

प्रदर्शन कर रहीं आशा और आशा संगिनी कार्यकत्रियों का कहना था कि उन्हें कई महीनों से विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों और सर्वे कार्यों का भुगतान नहीं मिला है। लगातार आश्वासन दिए जाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

कार्यकत्रियों ने कहा कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर नए सर्वे और अतिरिक्त जिम्मेदारियां दी जाती हैं, लेकिन उसके अनुरूप भुगतान नहीं किया जाता। उन्होंने साफ कहा कि अब बिना लिखित आश्वासन और भुगतान गारंटी के कोई नया सर्वे कार्य नहीं किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान “एक्स्ट्रा काम का एक्स्ट्रा दाम” की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। आशा कार्यकत्रियों का कहना था कि नियमित कार्यों के अलावा अतिरिक्त अभियान, सर्वे और स्वास्थ्य योजनाओं में ड्यूटी ली जाती है, जिसके लिए अलग से मानदेय मिलना चाहिए।
कार्यकत्रियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 20 मई से 5 जून 2026 तक हड़ताल की जाएगी। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में चलने वाले कई कार्यक्रम प्रभावित हो सकते हैं।

प्रदर्शन के चलते कलेक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।