आंबेडकर जयंती रैली के बहाने माहौल बिगाड़ने की कोशिश, परशुराम चौक पर चढ़े युवक, झंडा लगाया, फिर बढ़ा तनाव

आगरा में आंबेडकर जयंती पर निकली रैली के दौरान परशुराम चौक पर कुछ युवकों द्वारा झंडा लगाने की घटना से विवाद खड़ा हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद ब्राह्मण समाज में आक्रोश फैल गया और मौके पर नारेबाजी हुई। पुलिस ने समय रहते पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल माहौल शांत बताया जा रहा है, लेकिन कार्रवाई की मांग को लेकर चेतावनी दी गई है।

Apr 14, 2026 - 19:29
Apr 14, 2026 - 21:34
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आंबेडकर जयंती रैली के बहाने माहौल बिगाड़ने की कोशिश, परशुराम चौक पर चढ़े युवक, झंडा लगाया, फिर बढ़ा तनाव
आवास विकास स्थित परशुराम चौक पर चढ़कर नीला झंडा लहराते शरारती युवक। विरोध में आया ब्राह्मण समाज। मौके पर तैनात पुलिस।

आवास विकास से निकली रैली में कुछ युवकों की हरकत से भड़का विवाद, ब्राह्मण समाज में आक्रोश, पुलिस बोली-स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में

आगरा। आगरा में आंबेडकर जयंती के मौके पर निकाली जा रही रैलियों के बीच आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-6 स्थित परशुराम चौक पर उस समय माहौल गर्मा गया, जब रैली में शामिल कुछ अराजक तत्वों ने विवादित हरकत कर दी। दोपहर करीब 12:30 बजे आवास विकास से बाबा साहब के अनुयायियों की रैली निकल रही थी। इसी दौरान कुछ युवक परशुराम चौक पर चढ़ गए और वहां नीला झंडा लगा दिया। बताया जा रहा है कि वे जूते-चप्पल पहनकर ही चौक पर चढ़े, जिसे लेकर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद ब्राह्मण समाज के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचने लगे। देखते ही देखते चौक पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई और नारेबाजी शुरू हो गई। सूचना मिलते ही सिकंदरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। हालांकि तब तक रैली में शामिल युवक वहां से जा चुके थे। कुछ देर बाद उसी रास्ते से दूसरी रैली निकली, जहां पहले से मौजूद ब्राह्मण समाज के लोगों और रैली में शामिल लोगों के बीच नारेबाजी हुई, लेकिन पुलिस ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।

ब्राह्मण समाज के लोगों का आरोप है कि अराजक तत्वों ने न सिर्फ चौक पर चढ़कर धार्मिक भावनाओं को आहत किया, बल्कि वहां लगे सीसीटीवी कैमरों को भी नुकसान पहुंचाया। उनका कहना है कि यह सुनियोजित तरीके से माहौल बिगाड़ने की कोशिश थी। ब्राह्मण नेता मदन मोहन शर्मा ने कहा कि सभी लोग बाबा साहब का सम्मान करते हैं, लेकिन इस तरह की हरकतें किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आरोपियों के खिलाफ सख्त एफआईआर दर्ज की जाए।

शाम को फिर बढ़ा जमावड़ा

शाम करीब 6 बजे एक बार फिर बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग परशुराम चौक पर इकट्ठा हुए और जय श्रीराम के नारे लगाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इधर डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास के अनुसार रैली के दौरान कुछ युवकों ने चौराहे पर झंडा लगाया था, लेकिन किसी भी तरह की तोड़फोड़ या हिंसा नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है और कुछ लोगों द्वारा अफवाहें फैलाई गई थीं। पुलिस ने एहतियात के तौर पर मौके पर फोर्स तैनात कर दी है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

परशुराम चौक पर जूते पहनकर चढ़ने और नीला झंडा फहराने का कृत्य असभ्यता

राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्य़क्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमाशंकर शर्मा एडवोकेट शहर के परशुराम चौक पर जूते-चप्पल पहनकर नीला झंडा फहराने की घटना को असभ्यता और भावनाओं को आहत करने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम भगवान विष्णु के छठवें अवतार हैं और सभी वर्गों के लिए पूजनीय हैं, इसलिए ऐसे कृत्य समाज में तनाव पैदा कर सकते हैं।

श्री शर्मा ने कहा कि डॊ. भीमराव आंबेडकर का सम्मान सभी वर्ग करते हैं, लेकिन उन्हें किसी एक वर्ग तक सीमित करना उचित नहीं है। महान व्यक्तित्वों को जाति या वर्ग के दायरे में बांटना सामाजिक समरसता के खिलाफ है।

उन्होंने आरोप लगाया गया कि कुछ लोग जानबूझकर समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे अशांति का माहौल बन सकता है। ब्राह्मण समाज के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा गया कि उसने हमेशा त्याग, शिक्षा और नीति के माध्यम से समाज और राष्ट्र को दिशा दी है, फिर भी उसे निशाना बनाया जा रहा है।

कांग्रेस नेता ने मांग की है कि यदि जल्द ही पुलिस प्रशासन और सरकार द्वारा इस मामले में कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह विवाद और गहरा सकता है। साथ ही कहा कि सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए सभी धर्मों और जातियों की आस्थाओं का सम्मान जरूरी है।