बकरीद पर बरेली अलर्ट: जोनल-सेक्टर मजिस्ट्रेटों के हवाले शहर, सोशल मीडिया से सड़कों तक पुलिस का पहरा, 2423 मस्जिदों और 179 ईदगाहों पर नमाज, संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फोर्स तैनात, अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के आदेश, साइबर टीमें हुईं एक्टिव
-आरके सिंह- बरेली। वर्ष 2025 में 26 सितंबर को हुए उपद्रव की घटनाओं के बाद अति संवेदनशील माने जा रहे बरेली में इस बार बकरीद को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में दिखाई दे रहा है। जिले में बकरीद का पर्व जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ पुलिस अफसरों के हवाले कर दिया गया है। शहर से लेकर देहात तक सुरक्षा का ऐसा घेरा तैयार किया गया है, जिसमें सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाएगी। मंगलवार से ही सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में मूवमेंट पर उतर आए हैं।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि बकरीद को लेकर प्रशासन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सेंट्रल पीस कमेटी की बैठक संपन्न हो चुकी है और कुर्बानी स्थलों का चिन्हांकन कर वहां कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। नगर निगम क्षेत्र में 41 कुर्बानी स्थलों को चिह्नित किया गया है। नमाज के समय से लेकर पूरे दिन शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट लगातार भ्रमण करेंगे।
28 मई को जिले की 2423 मस्जिदों और 179 ईदगाहों में नमाज अदा की जाएगी। शहर क्षेत्र के कोतवाली इलाके में 63 मस्जिद, प्रेमनगर में 39, कैंट क्षेत्र में 52 मस्जिद और चार ईदगाह, किला क्षेत्र में 84 मस्जिद और एक ईदगाह, सुभाषनगर में 14 मस्जिद और एक ईदगाह में नमाज होगी। इसके अलावा सीबीगंज में 14 मस्जिद और एक ईदगाह, बारादरी में 116 मस्जिद तथा इज्जतनगर में 58 मस्जिद और सात ईदगाहों में नमाज अदा कराई जाएगी।
प्रशासन की ओर से ईदगाहों, मस्जिदों और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन ने संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फोर्स तैनात करने की तैयारी कर ली है।
रहपुरा बानकाट, रजा चौक, फरीदापुर चौधरी, मठ लक्ष्मीपुर, झाड़ झूड़ा मजार, कसाई टोला, बुद्धा खां, कांकर टोला, सुभाष नगर, आजाद नगर सराय खान, बब्बन खां मस्जिद सुभाष नगर, सेमल खेड़ा, कोतवाली, अक्षर विहार, किला छावनी, विधौलिया, नदौसी, स्वालेनगर, जौहरपुर, मथुरापुर, खलीलपुर, कटघर, गुलाब नगर, बानखाना, साहूकारा, इंग्लिशगंज, कुंबरपुर, खन्नू मोहल्ला, चौधरी मोहल्ला, मौलानगर और घेर शेख मिळू समेत कई इलाकों को कुर्बानी स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है, जहां सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेटों के साथ पुलिस अफसर लगातार निगरानी करेंगे।
बकरीद से पहले वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने पुलिस कार्यालय में हाईलेवल गोष्ठी कर सभी अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि त्योहार के नाम पर किसी भी तरह से नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों, पार्कों, सड़कों और संवेदनशील इलाकों में कुर्बानी या अव्यवस्था फैलाने की कोशिश हुई तो पुलिस तत्काल कार्रवाई करेगी।
एसएसपी ने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर संभावित विवादों की जानकारी जुटाएं और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखें। संरक्षित पशुओं की कुर्बानी किसी भी दशा में न होने पाए, इसे लेकर विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि अफवाह फैलाने वालों और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। हर शिकायत का अंकन जनसुनवाई रजिस्टर में अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। पारिवारिक और स्थानीय विवादों में भी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। पुलिस चौकियों पर नियमित जनसुनवाई और प्रार्थना पत्रों की प्रविष्टि भी अनिवार्य कर दी गई है।
बकरीद से पहले पुलिस अब पुराने झगड़ों और सांप्रदायिक तनाव वाले मामलों की फाइलें भी खंगाल रही है। यूपी-112 पर पहले आई शिकायतों का दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है। जिन इलाकों में पहले विवाद हुए थे, वहां अतिरिक्त पुलिस बल, मोबाइल गश्त और पिकेट लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
त्योहार के दौरान सोशल मीडिया पर भी पुलिस की कड़ी निगरानी रहेगी। कुर्बानी के वीडियो, भड़काऊ पोस्ट या सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वाले कंटेंट पर तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। पुलिस की साइबर टीमें फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप समेत अन्य प्लेटफॉर्म पर सक्रिय कर दी गई हैं, ताकि किसी भी अफवाह को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके।