गैस को लेकर अफवाहों पर बरेली विवि के कुलपति का बड़ा संदेश: सक्षम लोग न करें भंडारण, खुद दो महीने चूल्हे पर बनवाएंगे खाना; बोले- देश में गैस संकट नहीं

-रमेश कुमार सिंह- बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह ने गैस संकट को लेकर फैल रही अफवाहों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है और लोगों को अनावश्यक भंडारण से बचना चाहिए। उन्होंने उदाहरण पेश करते हुए बताया कि उन्होंने अपने आवास पर दो महीने तक गैस का उपयोग न करने और चूल्हे पर खाना बनाने का निर्णय लिया है, ताकि समाज में सही संदेश जा सके।

Mar 13, 2026 - 21:07
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गैस को लेकर अफवाहों पर बरेली विवि के कुलपति का बड़ा संदेश: सक्षम लोग न करें भंडारण, खुद दो महीने चूल्हे पर बनवाएंगे खाना; बोले- देश में गैस संकट नहीं
बरेली के महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में शुक्रवार को आयोजित पत्रकार सम्मान समारोह में मौजूद कुलपति प्रो. केपी सिंह और अन्य अधिकारी।

महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में शुक्रवार को आयोजित पत्रकार सम्मान समारोह के दौरान कुलपति प्रो. केपी सिंह ने गैस संकट को लेकर फैल रही अफवाहों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समाज में यह मानसिकता नहीं बननी चाहिए कि देश में गैस की कमी हो गई है।

कुलपति ने कहा कि कई लोग अफवाहों के कारण गैस सिलेंडरों का अनावश्यक भंडारण करने लगे हैं, जो उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सक्षम लोगों को गैस का भंडारण नहीं करना चाहिए और इस समय यह आवश्यक नहीं है कि हर भोजन गैस पर ही बनाया जाए।

उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं अपने आवास पर चूल्हा जलाना शुरू कर दिया है और अगले दो महीने तक गैस का उपयोग नहीं करेंगे। उनका कहना है कि इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और लोग अफवाहों से दूर रहेंगे।

प्रो. केपी सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय के छात्रावासों के भोजनालयों में गैस की पर्याप्त व्यवस्था है और किसी भी छात्र को भोजन की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि गैस को लेकर फैल रही अफवाहों पर विश्वास न करें।

पत्रकार सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति ने पत्रकारों की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज में सही जानकारी पहुंचाने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में पत्रकारों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। पत्रकारिता केवल खबर देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने और जनहित के मुद्दों को सामने लाने का सशक्त साधन है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में तेजी से फैलने वाली सूचनाओं के बीच पत्रकारों की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। पत्रकारों को सत्य और तथ्य आधारित खबरें जनता तक पहुंचानी चाहिए, क्योंकि निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता लोकतंत्र की मजबूती की आधारशिला है।

कुलपति ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में मंदारिन (चीनी), जर्मन, फ्रेंच और स्पेनिश जैसी विदेशी भाषाओं की पढ़ाई कराई जा रही है। मीडिया और सोशल मीडिया के प्रभाव से युवाओं में विदेशी भाषाओं के प्रति रुचि तेजी से बढ़ी है, जिसके कारण विश्वविद्यालय में विदेशी छात्रों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में विश्वविद्यालय में विदेशी छात्रों की संख्या एक हजार से अधिक हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले विश्वविद्यालय में छात्रों की संख्या लगभग पौने दो हजार थी, जबकि अब प्रयास है कि इसे बढ़ाकर 25 हजार तक पहुंचाया जाए।

प्रो. केपी सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय ने वैश्विक शैक्षणिक मंच पर भी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। स्पेन की प्रतिष्ठित साइबरमेट्रिक्स लैब  द्वारा जारी वेबोमेट्रिक्स रैंकिंग में विश्वविद्यालय की स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकारों को स्मृति-चिह्न और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। कुलपति ने पत्रकारों को बधाई देते हुए कहा कि समाज के विकास, शिक्षा और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने में मीडिया का योगदान अत्यंत सराहनीय है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कई अधिकारी, शिक्षाविद और बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।

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SP_Singh AURGURU Editor