अपहरण के 24 घंटे बाद मिली 7 साल की बच्ची की लाश, जनता का फूटा गुस्सा,फतेहाबाद रोड जाम, पथराव-तोड़फोड़

आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र की नीति बाग चौकी इलाके में 7 वर्षीय प्रज्ञा का अपहरण के करीब 24 घंटे बाद शव मिलने से बवाल मच गया। 24 मार्च की शाम घर के बाहर खेलते समय बच्ची लापता हुई थी और परिजनों ने उसी समय पुलिस को सूचना दी थी। आरोप है कि पुलिस ने तत्परता नहीं दिखाई, जिससे बच्ची को बचाया नहीं जा सका। शव मिलने के बाद लोगों ने फतेहाबाद रोड जाम, नारेबाजी, पथराव और तोड़फोड़ की। पुलिस को लाठी फटकारनी पड़ी। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। हत्या की वजह अभी साफ नहीं है, लेकिन पुलिस एक पड़ोसी युवक से जुड़े एंगल पर भी जांच कर रही है। घटना ने पुलिस की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Mar 26, 2026 - 00:44
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अपहरण के 24 घंटे बाद मिली 7 साल की बच्ची की लाश, जनता का फूटा गुस्सा,फतेहाबाद रोड जाम, पथराव-तोड़फोड़
मासूम बच्ची प्रज्ञा की हत्या के बाद भड़के लोग सड़क जाम करते हुए।

घर के बाहर खेल रही मासूम को उठाकर ले गया था दरिंदा, परिजन रातभर गुहार लगाते रहे,  शव मिलने के बाद भड़का जनाक्रोश, पुलिस पर उठे बड़े सवाल

आगरा। ताजगंज थाना क्षेत्र की नीति बाग चौकी इलाके में 7 साल की मासूम प्रज्ञा की हत्या ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। घर के बाहर खेल रही बच्ची के अपहरण के करीब 24 घंटे बाद उसका शव सड़क किनारे मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मासूम की मौत की खबर मिलते ही स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है और फतेहाबाद रोड पर भारी जाम लगा दिया है। आक्रोशित भीड़ पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रही है। भीड़ ने पथराव कर कुछ वाहनों में तोड़फोड़ भी कर दी है। स्थिति बेकाबू होती देख पुलिस को लाठी फटकारनी पड़ी है। मौके पर कई थानों का फोर्स पहुँच गया है। 

घटना ने एक बार फिर शहर की पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि बच्ची के अपहरण की सूचना उसी दिन पुलिस को दे दी गई थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। यदि पुलिस तत्परता दिखाती, इलाके की तुरंत घेराबंदी करती और संदिग्धों से सख्ती से पूछताछ करती, तो शायद मासूम की जान बचाई जा सकती थी।

कैसे हुई वारदात?

जानकारी के मुताबिक, 24 मार्च की शाम करीब 4 बजे ताजगंज क्षेत्र के गोबर चौकी निवासी दिनेश कुमार की 7 वर्षीय बेटी प्रज्ञा घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान वह अचानक लापता हो गई। परिवार ने पहले आसपास तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

परिजनों का कहना है कि बच्ची के गायब होने के बाद से ही वे लगातार पुलिस से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन पुलिस की ओर से शुरुआती स्तर पर वह गंभीरता नहीं दिखाई गई, जिसकी ऐसी संवेदनशील घटना में जरूरत थी। यही वजह है कि जब बुधवार को कुछ देर पहले बच्ची का शव सड़क पर पड़ा मिला, तो लोगों का आक्रोश फूट पड़ा।

शव मिलने के बाद फटा गुस्सा, सड़क पर उतरे लोग

मासूम प्रज्ञा का शव मिलने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। गुस्साए लोगों ने फतेहाबाद रोड पर जाम लगा दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया और कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की। हालात बिगड़ते देख पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठी फटकारनी पड़ी। मौके पर तनाव को देखते हुए कई थानों की फोर्स, भारी पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और मोर्चा संभाल लिया है। 

पुलिस की असफलता पर उठे गंभीर सवाल

इस पूरी घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि बच्ची के अपहरण की सूचना समय पर पुलिस को मिल गई थी, फिर भी तत्काल ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई? इलाके की तुरंत घेराबंदी, सीसीटीवी खंगालने, संदिग्धों की निगरानी और चौकियों को अलर्ट करने में देरी क्यों हुई? अपहरण जैसी गंभीर सूचना के बाद भी बच्ची को सुरक्षित बरामद करने में पुलिस क्यों विफल रही? क्या शुरुआती लापरवाही ने ही मासूम की जान ले ली? स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि यदि पुलिस पहले ही हरकत में आ जाती, तो शायद आज प्रज्ञा जिंदा होती। यही कारण है कि लोगों का गुस्सा सीधे पुलिस पर फूटा।

हत्या की वजह अब तक साफ नहीं, पड़ोसी युवक पर शक

फिलहाल पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और पूछताछ जारी है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस की जांच में एक पड़ोसी युवक संदेह के घेरे में है, हालांकि अभी आधिकारिक रूप से किसी गिरफ्तारी या खुलासे की पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए हर पहलू पर जांच की जा रही है। अपहरण, पहचान, रंजिश या अन्य कोणों पर भी पड़ताल की जा रही है। लेकिन जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होता, तब तक लोगों का गुस्सा शांत होता नहीं दिख रहा।

इलाके में दहशत, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

मासूम प्रज्ञा की हत्या से पूरे इलाके में मातम पसरा है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस बच्ची की किलकारियां कल तक घर-आंगन में गूंज रही थीं, आज उसकी लाश मिलने से हर आंख नम है। स्थानीय महिलाओं और बच्चों में भी डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि अब अपने बच्चों को घर के बाहर खेलने भेजने में भी डर लगेगा।