कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य का बड़ा कदम, सीएम योगी से मांगा जमीन और जलभराव पर स्थायी समाधान

आगरा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की विधायक और महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य ने लोकभवन, लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात कर दो बड़े मुद्दे उठाए। पहला मुद्दा 2009-10 की इनर रिंग रोड योजना में अधिग्रहित किसानों की भूमि का था, जिसके लिए जमीन वापसी या वर्तमान दरों पर चार गुना मुआवजा मांगा गया। दूसरा मुद्दा ग्वालियर मार्ग पर सेवला सराय से ककुआ नहर तक स्थायी जलभराव का था, जिसके समाधान के लिए जल निकासी नाला निर्माण प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृति देने की मांग की गई। मुख्यमंत्री ने दोनों मामलों में संबंधित विभागों को निर्देश देकर प्राथमिकता से समाधान का आश्वासन दिया।

Mar 24, 2026 - 17:19
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कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य का बड़ा कदम, सीएम योगी से मांगा जमीन और जलभराव पर स्थायी समाधान
आगरा ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं पर सीएम योगी से वार्ता करतीं कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य।

लोकभवन लखनऊ में प्रतिनिधिमंडल संग मुख्यमंत्री से मुलाकात, इनर रिंग रोड के अधिग्रहण और सेवला सराय–ककुआ नहर जलभराव समस्या को प्राथमिकता से उठाया

आगरा। ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की विधायक एवं प्रदेश सरकार में महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य ने लोकभवन, लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात कर आगरा ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े दो लंबे समय से लंबित और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। मंत्री ने दोनों प्रकरणों को तथ्यात्मक रूप से मुख्यमंत्री के समक्ष रखते हुए इनके शीघ्र और न्यायपूर्ण समाधान की मांग की।

मुख्यमंत्री को सौंपे गए प्रत्यावेदन में पहला प्रमुख मुद्दा वर्ष 2009-10 की इनर रिंग मार्ग योजना के अंतर्गत अधिग्रहित भूमि से जुड़ा था। मंत्री बेबी रानी मौर्य ने अवगत कराया कि योजना के तहत किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई थी, लेकिन कई स्थानों पर अब तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इतना ही नहीं, समय के साथ मार्ग की दिशा में परिवर्तन भी किया गया है, जिसके चलते अधिग्रहित की गई भूमि वर्तमान में उपयोग में नहीं आ रही है।

इस स्थिति से प्रभावित किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक ओर उनकी जमीन वर्षों से अधिग्रहण की स्थिति में फंसी हुई है, वहीं दूसरी ओर उन्हें मौजूदा परिस्थितियों और वर्तमान बाजार दरों के अनुरूप उचित मुआवजा भी नहीं मिल पाया है। मंत्री ने मुख्यमंत्री से मांग की कि इस मामले में किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए या तो भूमि अधिग्रहण समाप्त कर किसानों को उनकी जमीन वापस की जाए, अथवा वर्तमान सर्किल रेट के अनुसार चार गुना मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, ताकि वर्षों से लंबित इस समस्या का न्यायपूर्ण समाधान हो सके।

दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा ग्वालियर मार्ग पर सेवला सराय से ककुआ नहर तक स्थायी रूप से बने रहने वाले जलभराव से संबंधित था। मंत्री बेबी रानी मौर्य ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस मार्ग पर लंबे समय से जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण स्थायी जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। बरसात हो या सामान्य दिनों में निकासी अवरुद्ध होने की स्थिति, सड़क पर पानी जमा रहने से आमजन, स्थानीय व्यापारियों, वाहन चालकों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल असुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि आवागमन बाधित होने, यातायात प्रभावित होने, और क्षेत्रीय विकास पर प्रतिकूल असर डालने वाली स्थायी चुनौती बन चुकी है। इस समस्या के समाधान के लिए प्रस्तावित जल निकासी नाला निर्माण कार्य के प्रारंभिक प्राक्कलन (Estimate) प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृति दिए जाने का अनुरोध मुख्यमंत्री से किया गया, ताकि लंबे समय से परेशान क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों मुद्दों को गंभीरता से सुना और उन्हें जनहित से जुड़ा बताते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने तथा प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के इस आश्वासन के बाद आगरा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में उम्मीद जगी है कि वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान की दिशा में अब ठोस कदम उठाए जाएंगे।

इस दौरान मंत्री बेबी रानी मौर्य के साथ एक प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहा, जिसमें प्रतिनिधि यशपाल राणा, श्याम सिंह चाहर, राजकुमार, गौरव प्रधान, अशोक कुमार और सुनील कुमार शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने भी मुख्यमंत्री के समक्ष क्षेत्रीय समस्याओं की गंभीरता को रेखांकित करते हुए जल्द समाधान की अपेक्षा जताई।

राजनीतिक और जनसरोकार के दृष्टिकोण से यह मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसमें सीधे तौर पर किसानों के भूमि अधिकार, मुआवजा न्याय, और स्थायी जलभराव जैसी बुनियादी समस्या को सरकार के सर्वोच्च स्तर पर उठाया गया है। यदि इन दोनों मुद्दों पर शीघ्र निर्णय होता है, तो इसका सीधा लाभ आगरा ग्रामीण क्षेत्र के हजारों लोगों को मिलेगा।