अधिक मास में बही भक्ति रस की अविरल धारा, ‘सनातन भक्ति संगीत संध्या’ में गूंजे राम-राधा-कृष्ण भजन
आगरा के सिकंदरा स्थित श्री हरिकृष्ण वृद्ध जन सम्मान भवन में आयोजित “सनातन भक्ति संगीत संध्या” में भजन, शास्त्रीय संगीत, नृत्य, योग और काव्य प्रस्तुतियों का सुंदर संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में समृद्धि सिंह, रियान खान, प्रशांत परिहार, निखिल कुलश्रेष्ठ सहित कई कलाकारों ने भक्ति प्रस्तुतियां दीं। भाव नृत्य और योग मुद्राओं ने भी दर्शकों को आकर्षित किया। आयोजन में कलाकारों और अतिथियों को सम्मानित किया गया तथा अगले कार्यक्रम की घोषणा भी की गई।
सुभारत संगीत निकेतन और रेस्पेक्ट एज इंटरनेशनल के संयुक्त आयोजन में कलाकारों ने बांधा समां, भक्ति गीतों और नृत्यों से भावविभोर हुए श्रद्धालु
आगरा। पवित्र पुरुषोत्तम अधिक मास के शुभ अवसर पर रेस्पेक्ट एज इंटरनेशनल (अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध जन सम्मान समिति) एवं सुभारत संगीत निकेतन, सिकंदरा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “सनातन भक्ति संगीत संध्या” का दूसरा भव्य आयोजन श्री हरिकृष्ण वृद्ध जन सम्मान भवन, पश्चिम पुरी, सिकंदरा में श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में भजन, शास्त्रीय संगीत, काव्य पाठ, बांसुरी वादन, भाव नृत्य और योग मुद्राओं की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं समाजसेवी हरिकृष्ण गुप्ता के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर रेस्पेक्ट एज इंटरनेशनल के संस्थापक एवं सेवा प्रमुख डॉ. गिरीश गुप्ता, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. वी.डी. अग्रवाल, सुभारत संगीत निकेतन के संस्थापक पं. देवाशीष गांगुली, मंजू गुप्ता, पुष्पांजलि नर्सिंग कॉलेज के राजेश गुप्ता, नूतन गुप्ता, संस्कार भारती के महानगर महामंत्री ओम स्वरूप गर्ग, राजीव सिंघल, संगीत निकेतन के सचिव शुभाशीष गांगुली, संजीव मिश्रा तथा समृद्धि सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।
भक्ति गीतों ने बांधा समां
संगीत संध्या में सुभारत संगीत निकेतन के संस्थापक पं. देवाशीष गांगुली के निर्देशन में संगीत डिप्लोमा के विद्यार्थियों एवं कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भक्ति प्रस्तुतियां दीं। समृद्धि सिंह ने लोकप्रिय भजन “राम आयेंगे, आयेंगे राम आयेंगे, मेरी झोपड़ी के भाग खुल जाएंगे...” प्रस्तुत कर वातावरण को राममय बना दिया। इसके बाद रियान खान और प्रशांत परिहार ने “सजा दो घर को गुलशन से, अवध में राम आए हैं...” भजन सुनाकर खूब तालियां बटोरीं।
बिंदु सत्संगी ने राधास्वामी भाव का भजन “गांठ पड़े पिया बोले ना हमसे...” प्रस्तुत किया। वहीं सूर्यांश पाठक ने मधुर बांसुरी वादन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। चित्रा गोयल एवं राजेश कुमार ने मीराबाई का भक्तिमय भजन सुनाया, जबकि रागिनी जैन और प्रतिक्षा जैन ने जैन भजनों की सुंदर प्रस्तुति दी।
निशा गोस्वामी ने रामचरित मानस के पदों का सुमधुर गायन किया। वहीं निखिल कुलश्रेष्ठ ने “फूलों में सज रहे हैं श्री वृन्दावन बिहारी...” भजन सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। योगेश्व राय ने शिव स्तुति प्रस्तुत की। इसके अलावा वैभव शर्मा, कपिल सागर, शांभवी ठाकुर और उत्कर्ष तिवारी ने राग यमन में “गुरु बिन किस विधि ज्ञान मैं पाऊं...” की बंदिश प्रस्तुत कर शास्त्रीय संगीत का रंग जमाया। पूजा अग्रहरि ने “मीठे रस से भरियो री, राधा रानी लागे...” भजन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में तबला संगत प्रशांत अदक और शुभाशीष गांगुली ने की।
भाव नृत्य और योग मुद्राओं ने मोहा मन
पुष्पांजलि नर्सिंग स्कूल की छात्राओं अवंतिका, रिया और दीक्षा ने राधा-कृष्ण, श्रीराम, सीता एवं लक्ष्मण के स्वरूप में समृद्धि सिंह के भजन पर सुंदर भाव नृत्य प्रस्तुत किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। एत्मादपुर से आईं कीर्ति कुमारी ने दुर्गा नृत्य की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। वहीं महक, अवनी, मोनिका और वंशिका ने कठिन योग मुद्राओं का प्रदर्शन कर सभी को प्रभावित किया।
काव्य प्रस्तुति ने भी बिखेरा रंग
कार्यक्रम में कवि डॉ. रामेंद्र शर्मा ‘रवि’ और आचार्य उमाशंकर पाराशर की प्रभावशाली काव्य प्रस्तुतियों ने भी खूब वाहवाही लूटी। इस अवसर पर अतिथियों को “सुभारत सम्मान पत्र” एवं कलाकारों को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विजय पाठक, मनोज सिंह, कवि महेश शर्मा गोपाली सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मंच संचालन प्रतिक्षा जैन ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पं. देवाशीष गांगुली ‘संगीतेश’ ने दिया। उन्होंने जानकारी दी कि “तृतीय सनातन भक्ति संगीत संध्या” का आयोजन आगामी 31 मई, रविवार, सायं 6 बजे किया जाएगा।