आगरा के डायग्नोस्टिक सेंटर के सर्वर पर साइबर हमला, चार साल का मेडिकल डेटा खतरे में

आगरा के पंकज स्कैनिंग एंड पैथोलॉजी रिसर्च सेंटर के सर्वर पर 22 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे साइबर हमला किए जाने का आरोप है। दावा है कि हैकरों ने सर्वर और बैकअप हार्ड डिस्क में मौजूद डेटा डिलीट कर दिया, जिससे करीब चार वर्षों के मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड प्रभावित हुए हैं। सर्वर पर धमकी भरा संदेश छोड़े जाने की भी बात कही गई है। मामले में साइबर क्राइम थाने में अज्ञात हैकरों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

Oct 26, 2026 - 01:06
 0
आगरा के डायग्नोस्टिक सेंटर के सर्वर पर साइबर हमला, चार साल का मेडिकल डेटा खतरे में

पंकज स्कैनिंग एंड पैथोलॉजी रिसर्च सेंटर का सर्वर हैक होने का आरोप, डेटा डिलीट और धमकी भरा संदेश छोड़ने का दावा, साइबर क्राइम थाने में एफआईआर 

आगरा। शहर में साइबर अपराध का एक गंभीर मामला सामने आया है। पंकज स्कैनिंग एंड पैथोलॉजी रिसर्च सेंटर के सर्वर पर साइबर हमला किए जाने का आरोप लगा है। आरोप है कि अज्ञात हैकरों ने सेंटर के सर्वर को हैक कर उसमें मौजूद महत्वपूर्ण डेटा को डिलीट कर दिया। इतना ही नहीं, बैकअप के लिए रखी हार्ड डिस्क का डेटा भी नष्ट किए जाने का दावा किया गया है।

इस साइबर हमले से सेंटर में पिछले करीब चार वर्षों से सुरक्षित मरीजों की मेडिकल रिपोर्ट और डिजिटल रिकॉर्ड प्रभावित होने की बात सामने आई है। घटना के बाद सेंटर प्रबंधन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम थाने में अज्ञात हैकरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

22 अक्टूबर की रात हैकिंग का आरोप

सेंटर की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार, 22 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे सर्वर पर साइबर हमला किए जाने का आरोप है। इस दौरान सर्वर में मौजूद फाइलों और डिजिटल रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ की गई। आरोप है कि हैकरों ने सर्वर में मौजूद डेटा को डिलीट कर दिया। सेंटर के महत्वपूर्ण रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल की जा रही बैकअप हार्ड डिस्क का डेटा भी नष्ट होने का दावा किया गया है।

चार साल के मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड प्रभावित

साइबर हमले का सबसे गंभीर असर मरीजों के डिजिटल रिकॉर्ड पर पड़ने की आशंका है। सेंटर में करीब चार वर्षों से सुरक्षित मरीजों की जांच रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल दस्तावेज सर्वर पर मौजूद थे। डेटा डिलीट होने के कारण पुराने रिकॉर्ड तक पहुंच प्रभावित होने की बात कही जा रही है। ऐसे में मरीजों की पुरानी रिपोर्ट उपलब्ध कराने और सेंटर के नियमित कामकाज को लेकर भी चुनौती खड़ी हो सकती है।

सर्वर पर छोड़ा धमकी भरा संदेश

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि साइबर हमले के बाद हैकरों ने सर्वर पर फाइलों के साथ धमकी भरा संदेश छोड़ा। इस संदेश और सर्वर में हुई गतिविधियों के आधार पर जांच एजेंसियां हमले के पीछे शामिल लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। साइबर विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सर्वर में सेंध किस माध्यम से लगाई गई और हमलावरों ने किस तरह डेटा को डिलीट किया।

साइबर क्राइम थाने में एफआईआर, जांच शुरू

मामले में सेंटर प्रबंधन की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में अज्ञात हैकरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सर्वर और कंप्यूटर सिस्टम की तकनीकी जांच के साथ-साथ हमले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है। जांच का मुख्य फोकस हैकरों की पहचान करने, सर्वर तक उनकी पहुंच का पता लगाने और डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने की संभावनाओं पर है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में साइबर सुरक्षा को लेकर चिंता

मेडिकल संस्थानों और डायग्नोस्टिक सेंटरों में मरीजों की संवेदनशील स्वास्थ्य संबंधी जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित रहती है। ऐसे में इस तरह के साइबर हमले केवल डेटा और सिस्टम को प्रभावित नहीं करते, बल्कि मरीजों की गोपनीयता और संस्थान के कामकाज के लिए भी गंभीर चुनौती बन सकते हैं। आगरा के इस मामले ने एक बार फिर मेडिकल संस्थानों में सर्वर सिक्योरिटी, ऑफलाइन बैकअप और डेटा प्रोटेक्शन को लेकर सतर्कता बढ़ाने की जरूरत सामने ला दी है।