इस्कॉन कथा महोत्सव में वराह अवतार प्रसंग से भावविभोर श्रद्धालु, अक्षय तृतीया मनोरथ से ठाकुरजी की शीतल सेवा में डूबा श्री मथुरेश जी और प्रेमनिधि मंदिर
आगरा। सूर्य नगर स्थित समाधि पार्क में इस्कॉन आगरा एवं राधा सखी ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के तृतीय दिवस पर भक्तों ने दिव्य प्रसंगों का श्रवण कर भक्ति रस का अनुभव किया। कथा का शुभारंभ हरे कृष्ण महामंत्र संकीर्तन से हुआ तथा समापन भी हरिनाम संकीर्तन के साथ हुआ, जिसमें श्रद्धालु झूमते हुए भक्ति में लीन दिखाई दिए। दूसरी ओर पुरुषोत्तम मास की अक्षय तृतीया पर श्री मथुरेश जी मंदिर और प्रेमनिधि मंदिर में ठाकुर जी की शीतल सेवा की गई।
कथा व्यास सार्वभौम प्रभु ने वराह अवतार, हिरण्याक्ष वध, दक्ष यज्ञ, ध्रुव चरित्र तथा पुरंजन उपाख्यान का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब-जब अधर्म बढ़ता है, तब भगवान स्वयं भक्तों और पृथ्वी की रक्षा के लिए अवतरित होते हैं। ध्रुव चरित्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि बालक ध्रुव ने अपमान को भक्ति में बदलकर अखंड तपस्या से भगवान को प्राप्त किया। वहीं पुरंजन उपाख्यान के माध्यम से उन्होंने मानव जीवन की क्षणभंगुरता और आत्मा के कल्याण के लिए भक्ति के महत्व को समझाया।
राधा सखी ग्रुप की संस्थापिका अशु मित्तल ने बताया कि कथा का उद्देश्य शास्त्रों के मूल संदेश को सरल और भक्तिमय शैली में जनमानस तक पहुँचाना है। अरविंद स्वरूप प्रभु ने बताया कि प्रतिदिन कथा का शुभारंभ और समापन संकीर्तन से हो रहा है, जिससे वातावरण भक्ति रस से सराबोर है। कार्यक्रम में अदिति गौरंगी, मोनिका अग्रवाल, रीता खन्ना, लवली कथूरिया, संजीव मित्तल, रेनू भगत, मीनाक्षी मोहन, ज्योति, रेशमा मगन, रेनू लांबा, तनुजा मांगलिक, डॉ अपर्णा पोद्दार, डॉ परिणीता बंसल, शिखा सिंघल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन: सूर्य नगर स्थित समाधि पार्क मंदिर में कथा व्यास सार्वभौम प्रभु द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का अमृतमय प्रवचन करते हुए श्रद्धालु भक्ति में लीन दिखाई दिए।
श्रीमथुराधीश जी महाराज मंदिर में ठाकुरजी का चंदन श्रृंगार

यमुना किनारा स्थित श्री ठाकुर मथुराधीश जी महाराज मंदिर में ठाकुर जी के चंदन श्रृंगार की एक झलक।
आगरा। यमुना किनारा स्थित प्राचीन पुष्टिमार्गीय श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज मंदिर में पुरुषोत्तम मास के अंतर्गत अक्षय तृतीया (आखा तीज) का भव्य उत्सव भक्तिभाव और श्रद्धा के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर ठाकुरजी का चंदन मिश्रित दिव्य श्रृंगार कर हल्के सूती एवं श्वेत वस्त्र धारण कराए गए, जिससे संपूर्ण मंदिर परिसर भक्ति और शीतल सेवा की भावना से सराबोर हो उठा।
मंदिर में प्रवचन के माध्यम से श्रद्धालुओं को बताया गया कि पुष्टिमार्गीय परंपरा में पुरुषोत्तम मास के दौरान आने वाली अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है। पुष्टिमार्ग में चंदन यात्रा के शुभारंभ का पावन दिन है, जिसमें ठाकुरजी की ग्रीष्मकालीन सेवा आरंभ होती है।
इस परंपरा के अनुसार गर्मी के मौसम में श्री मथुराधीश महाराज या बालकृष्ण स्वरूप को चंदन, केसर, कस्तूरी, कपूर एवं सुगंधित द्रव्यों का लेप अर्पित कर शीतलता प्रदान की जाती है। सफेद एवं हल्के रंगों के वस्त्र, मोती-माणिक्य आभूषण तथा सुगंधित वातावरण के माध्यम से ठाकुरजी का मनोहारी श्रृंगार किया जाता है।
मंदिर के महन्त नन्दन श्रोत्रिय ने शयन आरती सम्पन्न की। इस अवसर पर लव कुमार अग्रवाल, लक्ष्मी गोयल, पद्मिनी ताजमहल, यमुना सेवक बृज खंडेलवाल, जुगल श्रोत्रिय सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
प्रमुख पुष्टिमार्गीय अनुष्ठानों में चंदन मिश्रित श्रृंगार, शीतल सेवा का शुभारंभ, सफेद वस्त्रों से श्रृंगार, फव्वारे एवं सुगंधित जल से वातावरण शीतल करना तथा दूध, दही, फल, सत्तू एवं आम जैसे शीतल सात्विक भोग का अर्पण प्रमुख रहा।
प्रेमनिधि मंदिर में ठाकुर श्याम बिहारी जी के दर्शन

अधिकमास महोत्सव के दूसरे दिन श्री प्रेमनिधि मंदिर में अक्षय तृतीया मनोरथ में विराजमान ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी महाराज।
आगरा। श्री प्रेमनिधि मंदिर में पुरुषोत्तम मास के अंतर्गत चल रहे विशेष मनोरथ उत्सवों की श्रृंखला में अक्षय तृतीया (आखा तीज) का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। सेवित ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी को मलयज चंदन, शीतल भोग और ऋतु अनुरूप वस्त्रों से अलंकृत कर भक्तों ने दर्शन लाभ प्राप्त किया।
मुख्य सेवाधिकारी हरि मोहन गोस्वामी ने बताया कि पुष्टिमार्ग में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है, जिसमें ठाकुरजी की ग्रीष्मकालीन शीतल सेवा प्रारंभ होती है। मंदिर प्रशासक दिनेश पचौरी ने बताया कि प्रभु को झीने मलमल के श्वेत वस्त्र, सुगंधित इत्र तथा खस की शीतल सेवा अर्पित की गई।
सेवक पंकज अग्रवाल ने बताया कि प्रभु को जौ-चना सत्तू, आम्रस, कैरी का पन्हा एवं शीतल जल का भोग अर्पित किया गया। संध्या समय खस के बीजने से ठाकुरजी को शीतलता प्रदान की गई। सेवाधिकारी सुनीत गोस्वामी ने बताया कि 17 मई से 15 जून तक प्रतिदिन विविध मनोरथ उत्सव आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें बुधवार को दान उत्सव मनाया जाएगा।
इस अवसर पर आशीष बल्लभ, अंकित शर्मा, राजेश धाकड़, सागर शिवहरे, रानू पचौरी, अमित शर्मा सहित अनेक सेवक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन: श्री प्रेमनिधि मंदिर में अक्षय तृतीया मनोरथ के अवसर पर ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी के दिव्य शीतल स्वरूप के दर्शन करते श्रद्धालु।
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