श्रीमथुराधीश जी प्राकट्योत्सव में उमड़ा भक्तिरस, श्रीमद्भागवत कथा में अजामिल और प्रह्लाद प्रसंग का वर्णन, शिवमहापुराण कथा में महामृत्युंजय मंत्र की गूंज, प्रेमनिधि मंदिर में दान उत्सव ने भक्तों को किया भावविभोर
आगरा। धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों से इन दिनों आगरा का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है। एक ओर सूर्य नगर स्थित समाधि पार्क में श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव में श्रीहरि नाम और भक्ति का संदेश गूंजा, वहीं दूसरी ओर यमुना किनारा स्थित श्री मथुराधीश मंदिर और श्री प्रेमनिधि मंदिर में पुरुषोत्तम मास महोत्सव के अंतर्गत आयोजित दान उत्सव में श्रद्धालु प्रेम और समर्पण की भावना में सराबोर दिखाई दिए। शिव महापुराण कथा स्थल महामृत्युंजय मंत्र से गूंज उठा।
गुंजा-मोगरा के श्रृंगार में विराजे श्रीमथुराधीश जी, प्राकट्योत्सव में भक्तिरस
आगरा। यमुना किनारा स्थित प्राचीन पुष्टिमार्गीय श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज मंदिर में पुरुषोत्तम मास के दौरान बुधवार को श्रीमथुराधीश जी महाराज का प्राकट्योत्सव भक्तिभाव और उल्लास के साथ मनाया गया। गुंजा और मोगरा के पुष्पों से सजे विशेष आसन पर विराजमान ठाकुर जी के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। ढोलक और मंजीरों की मधुर ध्वनि पर भक्तों ने कीर्तन, नृत्य और बधाइयों के साथ उत्सव का आनंद लिया। संपूर्ण मंदिर पुष्पों की सुगंध और भक्ति की तरंगों से महक उठा।
यमुना भक्त बृज खंडेलवाल और मंदिर के महंत ननंद श्रोत्रिय ने बताया कि पुष्टिमार्गीय संप्रदाय में पुरुषोत्तम मास को मनोरथों का मास माना जाता है, जिसमें प्रतिदिन ठाकुरजी की सेवा में विशेष मनोरथ आयोजित होते हैं। फूल बंगला मनोरथ इसी परंपरा का अत्यंत मनोहारी स्वरूप है, जिसमें ठाकुरजी को पूर्णतः पुष्पों से सुसज्जित कर शीतलता और सुख प्रदान करने का भाव व्यक्त किया जाता है।
उन्होंने बताया कि पुष्टिमार्ग के संस्थापक श्रीमद् वल्लभाचार्य ने सेवा को साधना का सर्वोच्च रूप बताया है। अष्टयाम सेवा पद्धति के अंतर्गत ठाकुरजी की विभिन्न रूपों में सेवा की जाती है। फूल बंगला मनोरथ उसी परंपरा का विस्तार है, जिसमें भक्त स्वयं फूल चुनकर, गूंथकर और सजाकर अपने प्रेम और समर्पण को प्रभु चरणों में अर्पित करते हैं।
संध्या आरती के उपरांत श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, राहुल गोयल, संजय बंसल, विकास गुप्ता, प्रशांत गोयल, शौर्य गोयल और शिल्पा गोयल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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श्रीमद्भागवत कथा में अजामिल और प्रह्लाद प्रसंग

सूर्य नगर स्थित समाधि पार्क मंदिर में राधा सखी ग्रुप एवं इस्कॉन आगरा द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव में कथा व्यास सार्वभौम प्रभु अमृतमयी कथा का प्रवचन करते हुए।
आगरा। सूर्य नगर स्थित समाधि पार्क में इस्कॉन आगरा एवं राधा सखी ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के चतुर्थ दिवस कथा व्यास सार्वभौम प्रभु ने अजामिल उद्धार, प्रह्लाद चरित्र और राजा प्रियव्रत वंश का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का स्मरण जीव को अंतःकरण की शुद्धि और आत्मिक शांति प्रदान करता है। कथा का शुभारंभ और समापन प्रतिदिन हरे कृष्ण महामंत्र संकीर्तन से किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालु नृत्य और कीर्तन करते हुए श्रीकृष्ण भक्ति में लीन हो रहे हैं।
कथा व्यास ने कहा कि भगवान का नाम ही कलियुग में सबसे बड़ा सहारा है। अजामिल प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने बताया कि अंत समय में भी श्रीहरि का स्मरण जीव का उद्धार कर सकता है। वहीं प्रह्लाद चरित्र के माध्यम से अटूट भक्ति और निष्काम समर्पण का संदेश दिया गया।
आयोजन में अशु मित्तल, अदिति गौरंगी, मोनिका अग्रवाल, रीता खन्ना, लवली कथूरिया, संजीव मित्तल, रेनू भगत, मीनाक्षी मोहन, ज्योति, रेशमा मगन, रेनू लांबा, तनुजा मांगलिक, डॉ. अपर्णा पोद्दार, डॉ. परिणीता बंसल एवं शिखा सिंघल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
तप, शिव विवाह और महामृत्युंजय मंत्र से गूंजा शिवमहापुराण कथा स्थल

महाराजा अग्रसेन भवन, लोहा मंडी में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा का श्रवण करतीं श्रद्धालु महिलाएं।
आगरा। महाराजा अग्रसेन भवन, लोहा मंडी में शिव परिवार संस्था द्वारा आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के चतुर्थ दिवस बुधवार को शिव विवाह, माता पार्वती तप और महामृत्युंजय मंत्र के महत्व का भावपूर्ण वर्णन हुआ। कथा स्थल पर भगवान शिव की बरात की झांकी सजाई गई, जिसमें भूत-प्रेत, गण और देवताओं के स्वरूपों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। हर-हर महादेव के जयघोष और मंगल गीतों के बीच पूरा वातावरण शिवमय हो उठा।
कथा व्यास मृदुल कांत शास्त्री ने कहा कि माता पार्वती की तपस्या दृढ़ निश्चय, श्रद्धा और समर्पण का संदेश देती है। शिव विवाह केवल दिव्य उत्सव नहीं, बल्कि जीवन में संतुलन, प्रेम और कर्तव्य का प्रतीक है। उन्होंने महामृत्युंजय मंत्र को मानसिक शांति, आरोग्य और आत्मबल प्रदान करने वाला महामंत्र बताते हुए श्रद्धापूर्वक जाप करने का संदेश दिया।
पुरुषोत्तम मास के अंतर्गत कथा स्थल पर गणेश चतुर्थी उत्सव भी श्रद्धा के साथ मनाया गया। भगवान गणेश का पूजन कर मोदक का भोग लगाया गया। शिव परिवार संस्था के सदस्य अखिल मोहन मित्तल ने बताया कि आगामी दिनों में भी विभिन्न धार्मिक उत्सव आयोजित होंगे।
मुख्य यजमान छोटेलाल बंसल एवं कांता बंसल ने व्यास पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, एनएन पांडे, पंकज गांधी, राम निवास गुप्ता, बाबू लाल अग्रवाल, संतोष शर्मा, बीडी अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
प्रेमनिधि मंदिर में दान उत्सव

अधिकमास महोत्सव के अंतर्गत श्री प्रेमनिधि मंदिर में आयोजित दान उत्सव मनोरथ में विराजमान ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी महाराज के दर्शन करते श्रद्धालु।
श्री प्रेमनिधि मंदिर में पुरुषोत्तम मास महोत्सव के अंतर्गत आयोजित दान उत्सव श्रद्धा और भक्ति के उल्लास के साथ संपन्न हुआ। ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी के समक्ष सजे मनोहारी दान मनोरथ के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। मुख्य सेवायत हरिमोहन गोस्वामी और सुनीत गोस्वामी ने बताया कि दान लीला भगवान श्रीकृष्ण और गोपियों के निष्कलुष प्रेम, आत्मसमर्पण और अहंकार त्याग का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जीव का वास्तविक धन प्रभु चरणों में समर्पण ही है।
मंदिर में 17 मई से 15 जून तक पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में वर्षभर के प्रमुख उत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। दान उत्सव इसी श्रृंखला का विशेष आकर्षण रहा, जिसमें ठाकुर जी की मनोहारी सज्जा, विशेष भोग और झांकियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर चरण सेवा राजकुमारी गुप्ता द्वारा संपन्न की गई। आयोजन में वंशिका गोस्वामी, भक्ति गोस्वामी, आशीष वल्लभ पचौरी, रानू पचौरी, आशीष अग्रवाल, सरदार सिंह धाकड़, दीपक प्रजापति, साहिल, अमित शर्मा और दीपक भाटी उपस्थित रहे।