दीपावली मेले में सजेगा संस्कृति और समरसता का संगम, स्टॉल और पुरस्कार होंगे आकर्षण
आगरा के कमला नगर स्थित सद्भावना पार्क में 2 नवंबर को संस्कार भारती की ओर से दीपावली आनंद मेले का आयोजन होगा। संत रविदास जी की 650वीं जयंती को समर्पित इस मेले में बच्चों की रंग भरो, विविध वेश और रामायण सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताएं होंगी। महिलाओं के लिए थाल-कलश और वंदनवार सज्जा प्रतियोगिता रखी गई है। गरबा-डांडिया, 50 से अधिक स्टॉल और लकी ड्रॉ में 100 पुरस्कार मेले के प्रमुख आकर्षण होंगे।
2 नवंबर को कमला नगर के सद्भावना पार्क में संस्कार भारती का आयोजन, संत रविदास की 650वीं जयंती को समर्पित होगा मेला
आगरा। दीपावली की रौनक, भारतीय संस्कृति की झलक और सामाजिक समरसता का संदेश... कमला नगर के सद्भावना पार्क में कुछ ऐसा ही उत्सवी माहौल देखने को मिलेगा। संस्कार भारती जिला आगरा, ब्रज प्रांत की ओर से 2 नवंबर को भव्य दीपावली आनंद मेले का आयोजन किया जाएगा। इस बार मेले को संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती को समर्पित किया गया है। आयोजन के माध्यम से उनके समानता, प्रेम, सद्भाव और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
मेले में बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा, महिलाओं की कला, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और दीपावली की खरीदारी के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। 50 से अधिक स्टॉल पर शहरवासियों को त्योहार से जुड़ी वस्तुओं और सजावटी सामान की खरीदारी का अवसर मिलेगा। वहीं लकी ड्रॉ के माध्यम से 100 आकर्षक पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
आमंत्रण पत्र का विमोचन, 2 बजे से शुरू होगा मेला
मेले के आमंत्रण पत्र का विमोचन शुक्रवार को सरस्वती शिशु मंदिर, कमला नगर में किया गया। संस्कार भारती के अध्यक्ष राम अवतार यादव ने बताया कि दीपावली आनंद मेला 2 नवंबर को दोपहर दो बजे से सद्भावना पार्क, पानी की टंकी के पीछे, कमला नगर में आयोजित होगा। कार्यक्रम अध्यक्ष पवन बंसल ने कहा कि संस्कार भारती कला और साहित्य के माध्यम से भारतीय संस्कृति की जड़ों को मजबूत करने तथा सनातन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए कार्य करती है। इस बार संत रविदास जी की 650वीं जयंती को समर्पित मेले के माध्यम से उनके विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश को आगे बढ़ाया जाएगा। संस्था के संरक्षक राज बहादुर सिंह राज ने बताया कि मेले का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाकर सामूहिक रूप से त्योहार मनाना है। संत रविदास जी के समानता, प्रेम और सद्भाव के विचारों को आत्मसात करते हुए यह आयोजन सामाजिक एकता का संदेश देगा।
बच्चों की प्रतियोगिताओं में दिखेगी प्रतिभा
महामंत्री यतेंद्र सोलंकी ने बताया कि मेले में बच्चों के लिए कई रोचक और ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। छह से आठ वर्ष तक के बच्चों के लिए रंग भरो प्रतियोगिता होगी। वहीं पांच से आठ वर्ष और आठ से 12 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के लिए विविध वेश प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। 10 से 16 वर्ष तक के बच्चों के लिए रामायण पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता भी होगी। इसके जरिए बच्चों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक प्रसंगों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
वंदनवार और थाल-कलश सज्जा प्रतियोगिता
प्रांतीय कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने बताया कि मेले में महिलाओं की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने के लिए विशेष प्रतियोगिताएं रखी गई हैं। इनमें वंदनवार सज्जा और थाल-कलश सज्जा प्रतियोगिताएं प्रमुख रहेंगी। इसके अलावा हर आयु वर्ग के प्रतिभागियों के लिए शंख बजाओ प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।
गरबा-डांडिया से सजेगी सांस्कृतिक संध्या
मेले में शहर के विभिन्न स्कूलों के बच्चे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। डांडिया और गरबा नृत्य कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण होंगे। स्वागत अध्यक्ष अमित जैन ने बताया कि मेले में लकी ड्रॉ के माध्यम से 100 आकर्षक पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। इसके अलावा 50 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां शहरवासी दीपावली की खरीदारी कर सकेंगे। घरेलू उपयोग की वस्तुओं, सजावटी सामान और त्योहार से संबंधित सामग्री के विविध विकल्प एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेंगे।
दोपहर से शाम बजे तक प्रतियोगिताएं
आयोजकों के अनुसार मेले की शुरुआत दोपहर दो बजे होगी। विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन दोपहर 2:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक किया जाएगा। आमंत्रण पत्र विमोचन के अवसर पर मुरारी प्रसाद अग्रवाल, प्रखर अवस्थी, एसके मिश्रा, रामकुमार अग्रवाल, राजेंद्र गोयल, हेमंत अग्रवाल, प्रो. नीलू शर्मा, सीमा अग्रवाल, साधना राठौर, संगीता जैन, हरिओम अग्रवाल, सुजाता अरोड़ा, इंजीनियर दिनेश शाक्य, बालकृष्ण पचौरी, संजय बघेल, देवेंद्र थापक और अंकिता गुप्ता सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।