बरेली मेंआरटीओ दफ्तर के बाहर डीएम का बुलडोजर एक्शन: दलालों के अड्डे ध्वस्त, अवैध वसूली के नेटवर्क में मची भगदड़
उत्तर प्रदेश के बरेली में आरटीओ कार्यालय के बाहर वर्षों से जमे दलालों के नेटवर्क पर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने गुरुवार को बड़ा प्रहार किया। अचानक छापेमारी कर प्रशासन ने दलालों के अवैध अड्डों पर बुलडोजर चलवा दिया, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कार्रवाई के दौरान कई दलाल दीवार फांदकर फरार हो गए, जबकि अधिकारियों ने परिसर में मौजूद लोगों के कागजात भी जांचे।
-रमेश कुमार सिंह-
बरेली। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने गुरुवार को संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) कार्यालय में अचानक छापेमारी कर दी। डीएम के साथ जिले के कई अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की टीम को देखते ही वर्षों से परिसर में सक्रिय दलालों में भगदड़ मच गई और कई दलाल मौके से भाग निकले।
प्रशासन के निर्देश पर आरटीओ कार्यालय के बाहर दलालों द्वारा बनाए गए अवैध अस्थायी अड्डों पर तुरंत बुलडोजर चलवाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया गया।
अवैध वसूली की शिकायतों पर कार्रवाई
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि आरटीओ कार्यालय में लंबे समय से दलालों द्वारा अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप था कि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और वाहनों की फिटनेस कराने के नाम पर आम लोगों से मोटी रकम वसूली जा रही थी।
इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए गुरुवार को अचानक कार्यालय का निरीक्षण किया गया और दलालों के अवैध अड्डों को हटवा दिया गया।
गेट बंद कर शुरू हुई जांच
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने सबसे पहले आरटीओ कार्यालय के सभी गेट बंद करवा दिए। इसके बाद परिसर में मौजूद लोगों से पूछताछ की गई और उनके कागजात की जांच की गई।
जो लोग किसी काम से कार्यालय आए थे, उनके दस्तावेजों की जांच की गई। कुछ लोग संदिग्ध नजर आए तो उनसे गहन पूछताछ की गई, हालांकि दस्तावेज सही पाए जाने पर उन्हें जाने दिया गया।
दीवार फांदकर भागे दलाल
अचानक हुई कार्रवाई से दलालों में अफरा-तफरी मच गई। कई दलाल पकड़े जाने के डर से दीवार फांदकर भागते नजर आए। प्रशासन की टीम जब तक उनके ठिकानों तक पहुंचती, उससे पहले ही अधिकांश दलाल मौके से फरार हो चुके थे।
लाइसेंस के नाम पर 10 हजार तक वसूली
सूत्रों के अनुसार जिलाधिकारी के संज्ञान में लाया गया था कि आरटीओ परिसर में सक्रिय दलाल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए करीब 10 हजार रुपये तक वसूल रहे थे, जबकि इसकी सरकारी फीस मात्र 1350 रुपये है।
इसी तरह वाहनों की फिटनेस कराने के नाम पर भी तीन हजार रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही थी, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
दलालों के लिए आरटीओ में नहीं होगी जगह
इस संबंध में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. प्रवेश कुमार सरोज ने बताया कि आरटीओ कार्यालय में दलालों की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अब कार्यालय परिसर में दलालों को किसी भी हालत में जगह नहीं दी जाएगी और जनता के काम पारदर्शी तरीके से कराए जाएंगे।
कर्मचारियों को भी सख्त चेतावनी
छापेमारी के दौरान डीएम अविनाश सिंह ने आरटीओ कर्मचारियों और बाबुओं को भी सख्त हिदायत दी कि वे केवल आम जनता का काम करें, किसी भी दलाल का नहीं। साथ ही कार्यालय परिसर को दलालों से पूरी तरह मुक्त कराने के निर्देश दिए गए हैं।
अब आरटीओ कार्यालय में काम कराने आने वाले लोगों को आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य किया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि पर रोक लगाई जा सके।