जनगणना को हल्के में न लें, जवाब देने से इनकार करने पर जेल जाने की नौबत आ सकती है

आगरा में चल रही राष्ट्रीय जनगणना के दौरान डीएम मनीष बंसल ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि गलत जानकारी देने, सवालों के जवाब न देने या प्रगणकों के कार्य में बाधा डालने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। प्रशासन ने बताया कि प्रगणक 33 अनिवार्य सवाल पूछने के लिए अधिकृत हैं और नागरिकों का सहयोग कानूनी रूप से जरूरी है। गलत जानकारी देने वालों पर जुर्माना और तीन साल तक की जेल का प्रावधान है।

May 29, 2026 - 18:25
 0
जनगणना को हल्के में न लें, जवाब देने से इनकार करने पर जेल जाने की नौबत आ सकती है
डीएम मनीष बंसल

डीएम की सख्त चेतावनी, 33 सवालों के सही जवाब देना अनिवार्य

आगरा। डीएम एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी मनीष बंसल ने जनपदवासियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि राष्ट्रीय जनगणना के दौरान गलत जानकारी देना, सवालों के जवाब देने से इनकार करना या प्रगणकों के कार्य में बाधा डालना भारी पड़ सकता है। ऐसे मामलों में जनगणना अधिनियम की धारा-11 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है।

डीएम एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि वर्तमान में जनपद में राष्ट्रीय जनगणना का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रगणक घर-घर जाकर नागरिकों से जानकारी एकत्रित कर रहे हैं। यह प्रक्रिया देश की विकास योजनाओं, संसाधनों के बेहतर वितरण और भविष्य की जनहितकारी नीतियों के निर्माण के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

कई जगह नहीं मिल रहा सहयोग

प्रशासन के अनुसार, जनगणना अभियान के दौरान कई क्षेत्रों से ऐसी शिकायतें सामने आई हैं, जहां नागरिक प्रगणकों को पूरा सहयोग नहीं दे रहे हैं। कुछ लोग पूछे जा रहे अनिवार्य सवालों के स्पष्ट और सही जवाब नहीं दे रहे, जबकि कुछ स्थानों पर प्रगणकों के कार्य में बाधा डालने की भी जानकारी मिली है।

डीएम ने स्पष्ट किया कि जनगणना केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि हर नागरिक की कानूनी जिम्मेदारी भी है। ऐसे में गलत जानकारी देना या जानकारी छिपाना देश की विकास प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।

33 सवालों के जवाब देना जरूरी

डीएम ने बताया कि प्रगणक नागरिकों से कुल 33 अनिवार्य सवाल पूछने के लिए अधिकृत हैं। ये सवाल परिवार, शिक्षा, रोजगार, आवास और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से जुड़े होते हैं। इन जानकारियों के आधार पर ही सरकार विभिन्न योजनाओं की रूपरेखा तैयार करती है।
डीएम ने कहा कि नागरिकों द्वारा दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाती हैं और उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय आंकड़ों तथा विकास योजनाओं के लिए किया जाता है।

पहचान पत्र देखकर ही दें जानकारी

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जब भी कोई प्रगणक घर पहुंचे, तो पहले उसका पहचान पत्र अवश्य जांच लें। सत्यापन के बाद उन्हें पूरा सहयोग दें और सभी सवालों के सही एवं सटीक जवाब दर्ज कराएं।

गलत जानकारी पर सख्त कार्रवाई

जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी देता है, सवालों के जवाब देने से इनकार करता है या प्रगणकों के कार्य में बाधा उत्पन्न करता है, तो उसके खिलाफ जनगणना अधिनियम की धारा-11 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत 1000 रुपये तक जुर्माना और तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि जनगणना एक “राष्ट्रीय यज्ञ” की तरह है, जिसमें हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। सही जानकारी देकर नागरिक देश के विकास में अहम योगदान दे सकते हैं।